20,000 से ज्यादा लोग सऊदी अरब से आएंगे वापस, कईयों को नहीं मिला वेतन
सऊदी अरब में फंसे हजारों कामगार 90 दिनों की आम माफी स्कीम के तहत भारत लौटने वाले हैं।
style="text-align:
justify;">नई दिल्ली। सऊदी अरब में फंसे हजारों कामगार 90 दिनों की आम माफी स्कीम के तहत भारत लौटने वाले हैं। सऊदी में फंसे इन कामगारों में से कुछ लोग वहां अवैध रूप से गए थे तो वहीं कुछ लोग वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी वहां रह रहे थे। इन कामगारों में बड़ी संख्या में तमिलनाडु के लोग हैं। id="toptextpromo"> id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'>

20,321 से ज्यादा भारतीय सऊदी से लौटेंगे वापस
सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास में तैनात काउंसिलर (कम्युनिटी वेलफेयर) अनिल नौटियाल ने बताया 20,321 भारतीयों ने आम माफी योजना के तहत घर लौटने के लिए सोमवार शाम तक आवेदन किया है। अनिल नौटियाल ने मंगलवार को सऊदी अरब की राजधानी रियाद से फोन पर अंग्रेजी समाचार पत्र टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत की। टीओआई की खबर के मुताबिक आम माफी स्कीम के तहत जो लोग देश लौट रहे हैं, उनमें 1,500 तमिलनाडु के उच्च पदों पर काम करने वाले कर्मचारी भी शामिल हैं। वहीं ज्यादातर कामगार उत्तर प्रदेश और बिहार के हैं।

2013 में आई थी ऐसी स्कीम
अनिल नौटियाल ने बताया कि सऊदी अरब सरकार ने उन सभी भारतीय नागरिकों के लिए रियाद में एक खास केंद्र बनाया है, जो भारत वापस आना चाहते हैं। इसके अलावा भारतीय दूतावास ने वहां अवैध रूप से रहने वाले भारतीय नागरिकों से आम माफी योजना का फायदा उठाने की अपील भी की है। वर्ष 2013 में भी सऊदी सरकार ने इस तरह की योजना शुरू की थी। पर तब यह योजना सिर्फ रियाद और जेद्दा शहरों में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए ही थी। लेकिन इस बार की योजना में सऊदी अरब के 21 स्थानों में रहने वाले भारतीयों को शामिल किया गया है।
उच्चपदों पर रहने वाले लोग वापस लौट रहे हैं
नौटियाल ने बताया कि जिन लोगों ने भारत लौटने के लिए आवेदन दिया है, उनमें से ज्यादातर लोग उच्च पदों पर काम करने वाले कर्मचारी शामिल हैं। पर वापस भारत लौटने वाले लोगों की संख्या 2013 माफी योजना के समय लौटने वाले लोगों की संख्या से कम है क्योंकि कुछ परिवार जो वहां वीजा समाप्त होने के बाद रह रहे हैं वो लोग वापस भारत नहीं आना चाहते हैं।

कई लोगों को नहीं मिला मेहनताना
आपको बताते चलें कि सऊदी में काम के लिए जाने वाले कुछ लोगों को बहुत ही खराब परिस्थिति में काम करना पड़ता है। भारत लौटने के लिए आवेदन करने वाले लोगों में तमिलनाडु के विलुपुरम जिला के कल्लाकुरिची तालुका के रहने वाले पी.मुरुगावेल भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि मैं पिछले चार सालों से नरक में रह रहा हूं। उन्होंने कहा कि मैंने चार अलग-अलग लोगों के पास काम किया, उनमें से ज्यादातर ने मुझे मेरा मेहनताना नहीं दिया।

आम माफी योजना का शुक्रगुजार हूं और खुश हूं
उन्होंने कहा कि वहां काम करने और रहने की स्थिति बहुत खराब है। इसलिए मैं आम माफी योजना का शुक्रगुजार हूं और खुश हूं। पर पी.मुरुगावेल ने यह भी कहा कि मैं खाली हाथ घर लौट रहा हूं और पता नहीं है कि मेरा भविष्य क्या होगा।अनिल नौटियाल ने बताया कि सऊदी अधिकारी आवेदकों को मुफ्त में पास और एग्जिट वीजा दे रहे हैं। आवेदकों को सिर्फ उड़ान का खर्च बर्दाश्त करना पड़ेगा।












Click it and Unblock the Notifications