आईएसआईएस का आतंक, जून में 1000 लोगों को उतारा मौत के घाट

संयुक्त राष्ट्र संघ की यह रिपोर्ट कहीं न कहीं आईएसआईएस के बढ़ते आतंक की तस्वीर भी बयां करती है। इस आंकड़े के बाद अब इस बात का डर भी सताने लगा है कि क्या दुनिया में एक और सीरिया तैयार हो रहा है। गौरतलब है कि मार्च 2011 में जब सीरिया में गृहयुद्ध की शुरुआत हुई थी उस समय से लेकर अब तक एक लाख से भी ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, जून माह की शुरुआत में इराक में सुन्नियों के इस इस्लामिक समूह, आईएसआईएस तथा इसके सहयोगी संगठनों की बढ़ती गतिविधियों के बाद से अब तक वहां 1,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।
संयुक्त राष्ट्र के एक प्रवक्ता स्टीफेन दुजैरिक ने एक नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा, इराक में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन (यूएनएएमआई) ने मरने वालों की नई संख्या जारी की है, जिसके अनुसार जून में अब तक इराक में 1,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।
इन आंकड़ों में आम नागरिक, पुलिस और सैन्य बलों को शामिल किया गया है। साथ ही उन्होंने बताया कि 300 से ज्यादा लोग सिर्फ बगदाद और दक्षिणी इराक में ही मारे गए हैं। जिनमें से ज्यादातक कार बम के द्वारा शिकार बनाए गए हैं। यूनएएमआई के ये आंकड़े पूर्वी इराक में 5-22 जून के बीच मरने वाले लोगों के हैं। दुजैरिक ने कहा, निनेवेह, दियाला तथा सलाह अल-दीन प्रांतों में संघर्ष के दौरान 757 लोग मारे गए हैं, जबकि करीब 600 घायल हुए हैं।
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, इराक के उत्तरी प्रांतों तथा राजधानी बगदाद में लोगों का अपहरण भी जारी है। इस माह तुर्की के 48 नागरिकों तथा भारत के 40 नागरिकों का अपहरण इराक के दूसरे सबसे बड़े शहर मोसुल से किया गया।












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