Mojtaba Khamenei First Message: 'खाड़ी अरब देशों पर हमले जारी रहेंगे', US-Israel को चेतावनी-होर्मुज बंद
Mojtaba Khamenei First Message: ईरान के नए सर्वोच्च नेता इमाम सैय्यद मोजतबा हुसैनी खामेनेई ने आज (12 मार्च 2026) अपना पहला आधिकारिक संदेश जारी कर दिया। राज्य टीवी पर पढ़े गए इस लिखित संदेश में उन्होंने साफ चेतावनी दी कि खाड़ी अरब पड़ोसी देशों पर हमले जारी रहेंगे और होर्मुज जलडमरूमध्य को दबाव का हथियार बनाकर बंद रखा जाएगा।
यह संदेश उनके पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिकी-इजरायल हमले में मौत के बाद सत्ता संभालने के ठीक 4 दिन बाद आया है। ईरानी मीडिया ने इसे 'इस्लामी क्रांति का नया संकल्प' बताया।

Mojtaba Khamenei Speech: मोजतबा ने क्या-क्या कहा?
राज्य टीवी पर प्रसारित संदेश के प्रमुख संदेश:
- होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहना चाहिए - इसे दबाव का हथियार बनाकर रखा जाएगा।
- क्षेत्र के सभी अमेरिकी ठिकानों को बंद कर दिया जाना चाहिए, क्योंकि उन पर हमले होंगे।
- शहीदों का बदला - खासकर मीनाब स्कूल हमले सहित सभी शहीदों के खून का बदला लिया जाएगा, कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
- खाड़ी अरब पड़ोसी देशों पर हमले जारी रहेंगे।
संदेश में मोजतबा ने जोर दिया कि ईरान अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जंग में पीछे नहीं हटेगा।
युद्ध का ताजा अपडेट: तेल की कीमतें फिर 100 डॉलर पार
मोजतबा के संदेश के कुछ घंटों बाद ही फारस की खाड़ी में ईरान के हमलों से तेल की कीमतें एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गईं।
- गुरुवार को ईरानी राजधानी तेहरान में कई शक्तिशाली विस्फोट हुए।
- इजरायल ने ईरान भर में 'व्यापक' हमलों की नई लहर शुरू कर दी।
- यरुशलम में ईरानी मिसाइलों की आवाजें सुनाई दीं।
ईरान ने पहले ही चेतावनी दी थी कि तेल की कीमत 200 डॉलर तक जा सकती है।
भारत पर क्या असर? तेल मंत्री का आश्वासन
भारत ने होर्मुज से बाहर के स्रोतों से कच्चा तेल आयात बढ़ाकर कुल आयात का 70% कर लिया है। तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद को बताया कि देश की तेल आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है।
मुंबई पोर्ट ट्रस्ट ने भी पुष्टि की कि लाइबेरियाई झंडे वाला एक टैंकर (कप्तान भारतीय) सऊदी अरब के रास तानूरा से होर्मुज रूट से गुजरकर मुंबई पहुंच गया। ईरान ने इस जहाज को रणनीतिक मार्ग से गुजरने की अनुमति दी थी।
पिता की मौत के बाद सत्ता संभाली
28 फरवरी 2026 को अमेरिकी-इजरायली हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। 86 वर्षीय खामेनेई ने 37 साल से ज्यादा समय तक ईरान का नेतृत्व किया। हमलों में उनकी पत्नी मंसूरेह खोजास्तेह बघेरजादेह और मोजतबा की पत्नी जहरा आदेल भी हमले में शिकार बनीं।
इसके बाद ईरान की विशेषज्ञ सभा (असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स) ने 56 वर्षीय मोजतबा खामेनेई को देश का तीसरा सर्वोच्च नेता चुना। यह फैसला 8 मार्च को लिया गया। मोजतबा को IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर) का करीबी माना जाता है और वे पिता की हार्डलाइन नीतियों को जारी रखने वाले नेता के रूप में देखे जा रहे हैं।
युद्ध के बीच तेल संकट और वैश्विक असर
मोजतबा का संदेश ऐसे मौके पर आ रहा है जब वैश्विक ऊर्जा बाजार हिल गया है। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने चेतावनी दी है कि दुनिया इतिहास के सबसे बड़े तेल आपूर्ति व्यवधान का सामना कर रही है।
आज सुबह ईरान द्वारा संदिग्ध हमलों में विस्फोटकों से लदी नौकाओं ने कई ईंधन टैंकरों को निशाना बनाया। इसके बाद तेल की कीमतें एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गईं। गुरुवार को इराकी जलक्षेत्र में दो टैंकरों में आग लग गई। ईरान ने साफ चेतावनी दी है कि तेल की कीमत 200 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती है।
होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास हमलों की श्रृंखला में संयुक्त अरब अमीरात के तट पर एक मालवाहक जहाज भी प्रभावित हुआ। इस बीच इजरायल ने कहा है कि वह लेबनान में अपने अभियान का विस्तार करेगा और हिजबुल्लाह के खतरे के कारण क्षेत्र पर कब्जा करेगा।
Who Is Mojtaba Khamenei: मोजतबा खामेनेई कौन हैं?
- उम्र: 56 वर्ष
- पद: ईरान के नए सर्वोच्च नेता (तीसरे)
- पिता: अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत
- कम प्रोफाइल वाले कट्टरपंथी धर्मगुरु। IRGC से गहरे संबंध। पिता के सबसे करीबी सलाहकार रहे।
मोजतबा की नियुक्ति को ईरान की हार्डलाइन नीतियों का संकेत माना जा रहा है। उन्होंने अभी तक कोई सार्वजनिक भाषण नहीं दिया था, इसलिए यह पहला संदेश बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्या होगा आगे?
यह संदेश ईरान के अंदरूनी एकता, प्रतिरोध की ताकत और दुश्मनों को जवाब देने का संदेश होगा। युद्ध के बीच तेल की कीमतों में उछाल और होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति को देखते हुए यह संदेश न सिर्फ ईरानियों बल्कि पूरे मध्य पूर्व और दुनिया के लिए अहम होगा।












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