मोहम्मद जुबैर और प्रतीक सिन्हा को मिल सकता है नोबेल शांति पुरस्कार, जानिए क्यों चर्चा में है दोनों का नाम

फैक्ट-चेकर्स मोहम्मद जुबैर और प्रतीक सिन्हा 2022 के नोबेल शांति पुरस्कार जीतने के दावेदारों में शामिल हैं। 'पत्रकार प्रतीक सिन्‍हा और मोहम्‍मद जुबैर फैक्‍ट चेकिंग वेबसाइट अल्‍ट न्‍यूज के संस्‍थापक हैं।

ओस्‍लो, 05 अक्टूबरः फैक्ट-चेकर्स मोहम्मद जुबैर और प्रतीक सिन्हा 2022 के नोबेल शांति पुरस्कार जीतने के दावेदारों में शामिल हैं। प्रतिष्ठित पत्रिका टाइम की रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया के इस सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार को हासिल करने की दौड़ में विश्व के कई नेताओं के साथ दो भारतीय पत्रकार भी बने हुए हैं। नोबेल शांति पुरस्‍कार का ऐलान शुक्रवार को नार्वे की राजधानी ओस्‍लो में ऐलान किया जाएगा।

इन चर्चित हस्तियों का भी नाम भी है शामिल

इन चर्चित हस्तियों का भी नाम भी है शामिल

फैक्ट-चेक साइट AltNews के सह-संस्थापक 2022 के नोबेल शांति पुरस्कार की दौड़ में शामिल 343 उम्मीदवारों में से हैं। रायटर्स के एक सर्वेक्षण के मुताबिक इस साल जिन लोगों के नाम सबसे ऊपर चल रहे हैं, उनमें भारत की फैक्‍ट चेकिंग वेबसाइट AltNews के संस्‍थापक प्रतीक सिन्‍हा और मोहम्‍मद जुबैर का नाम भी शामिल है। भारत के प्रतीक सिन्‍हा और मोहम्‍मद जुबैर के अलावा नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किए गए अन्य लोगों में विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन, म्‍यांमार की राष्‍ट्रीय एकता सरकार, बेलारूस की विपक्षी नेता सवितलाना सिखानौस्काया, पोप फ्रांसिस, तुवालु के विदेश मंत्री साइमन कोफे, ब्रिटिश प्रकृति प्रसारक डेविड एटनबरो भी शामिल हैं। इन्हें नॉर्वे के सांसदों द्वारा नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया गया है।

अमेरिका पत्रिका टाइम ने की तारीफ

अमेरिका पत्रिका टाइम ने की तारीफ

अमेरिकी पत्रिका टाइम ने प्रतीक सिन्‍हा और मोहम्‍मद जुबैर के बारे में लिखा है, 'प्रतीक सिन्‍हा और मोहम्‍मद जुबैर फैक्‍ट चेकिंग वेबसाइट AltNews के संस्‍थापक हैं। ये दोनों ही पत्रकार, भारत में फर्जी सूचनाओं का खुलासा करने पर काम कर रहे हैं। प्रतीक सिन्‍हा और जुबैर सुव्‍यवस्थित तरीके से सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और फेक न्‍यूज पर विराम लगा रहे हैं। सिन्हा और जुबैर को "गलत सूचनाओं के खिलाफ संघर्ष करने", सोशल मीडिया पर प्रसारित अफवाहों और फर्जी खबरों को खारिज करने और अपनी तथ्य-जांच वेबसाइट के माध्यम से अभद्र भाषा का आह्वान करने के लिए नामित किया गया है।'

कौन हैं मोहम्‍मद जुबैर और प्रतीक सिन्‍हा?

कौन हैं मोहम्‍मद जुबैर और प्रतीक सिन्‍हा?

मोहम्मद जुबैर फैक्ट चेकिंग वेबसाइट AltNews के सह-संस्थापक हैं। उन्होंने प्रतीक सिन्हा के साथ मिलकर इस वेबसाइट की स्थापना की थी। प्रतीक सिन्हा एक वकील और मानवाधिकार कार्यकर्ता रह चुके हैं। AltNews की टीम ने 'इंडिया मिसिनफॉर्मेड: द ट्रू स्टोरी' नामक एक पुस्तक भी लिखी है जो मार्च 2019 में रिलीज की गई थी। AltNews पर सबसे पहले हिंदू संत यति नरसिंहानंद, महंत बजरंग मुनि और आनंद स्वरूप द्वारा हिंदुओं के खिलाफ अभद्र भाषा बोलने और उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप के चलते एफआईआर दर्ज की थी।

धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में हुए थे गिरफ्तार

धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में हुए थे गिरफ्तार

मोहम्मद जुबैर को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जून में एक धर्म विशेष की धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इससे पहले जुबैर ने भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नुपुर शर्मा के विवादित बयान के वीडियो से छेड़छाड़ कर उसको वायरल किया था। जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और इस कई पर हिंदू संगठनों ने जुबैर के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में मामला दर्ज कराया था। हालांकि बाद में उन्‍हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई।

सबसे प्रतिष्ठित सम्‍मान है नोबेल शांति पुरस्‍कार

सबसे प्रतिष्ठित सम्‍मान है नोबेल शांति पुरस्‍कार

नोबेल शांति पुरस्‍कार की स्‍थापना साल 1895 में डायनामाइट की खोज करने वाले स्‍वीडिश वैज्ञानिक अल्‍फ्रेड नोबेल ने किया था। दुनिया में नोबेल शांति पुरस्‍कार को सबसे प्रतिष्ठित सम्‍मान माना जाता है। इस पुरस्‍कार को उस व्‍यक्ति को दिया जाता है जिसने 'मानवता के लिए सबसे हितकारी काम किया है।' भारत में नोबेल शांति पुरस्‍कार विजेता लोगों में मिशनरीज ऑफ चैर‍टीज की मदर टेरेसा और कैलाश सत्‍यार्थी शामिल हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+