संयुक्त राष्ट्र में नरेंद्र मोदी के भाषण के मुख्य अंश

न्‍यूयॉर्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस संयुक्‍त राष्‍ट्रसंघ महासभा में अपना भाषण देने के लिए पहुंचे चुके हैं। अपने भाषण से पहले वह संयुक्‍त राष्‍ट्रसंघ के महासचिव बान की मून से मुलाकात कर रहे हैं।

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एक नजर मोदी के इस भाषण के खास अंश-

  • संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा के 69वें अ‍धिवेशन पर बधाई।
  • सम्‍मान की बात कि मैं यहां पर आया हूं।
  • विश्‍व को 1.2 बिलियन लोगों से क्‍या अपेक्षाएं हैं।
  • भारत वह देश है जहां मानवता का छंठवां हिस्‍सा व्‍याप्‍त है।
  • भारत की वेदकाल से परंपरा वसुधैव कुटुंबकम की रही है।
  • भारत एक देश है जहां प्रकृति के साथ संवाद भारत के जीवन का हिस्‍सा है।
  • आर्थिक समाजिक बदलाव से गुजर रहा है भारत।
  • भारत एक ऐसा राष्‍ट्र है जो केवल अपने लिए नहीं बल्कि विश्‍व पर्यन्‍त न्‍याय, सम्‍मान और समृद्धि के लिए आवाज उठाता है।
  • हम पिछले 60 दशकों में बहुत कुछ हासिल कर सके हैं।
  • शांति कायम रखी है और कई जगह आर्थिक विकास में मदद की है।
  • इस धरती को बचाने में भी हम सब जुटे हुए हैं।
  • सुरक्षा और शांति की दुनिया को जरूरत।
  • अाज पूरी दुनिया में लो‍कतंत्र की एक लहर है।
  • अफगानितस्‍तान में लोकतांत्रिक परिवर्तन लोकतंत्र पर भरोसा मजबूत करता है।
  • दुनिया के हक में अावाज उठाता रहा है भारत।
  • लोकंतत्र के आधार में एकता और शांति की शक्ति समाहित है।
  • भारत विश्‍व के लिए एक शांति पूर्ण भविष्‍य की कामना करता है।
  • नई सरकार ने पहले दिन से पड़ोसी देश से एकता और सहयोग बढ़ाने की वकालत की है।
  • पाकिस्‍तान का भी यह दायित्‍व है कि गंभीर वातावरण बनाए और शांति के लिए आगे आए।
  • इस मंच पर कश्‍मीर का मुद्दा उठाने में कितनी सफलता मिलेगी इस पर कई लोगों को शक है।
  • यूएन में मसला उठाने से हल नहीं होगा।
  • पाक को बाइलिट्रलर टॉक्‍स के लिए आगे आना होगा।
  • भारत पाकिस्‍तान से मित्रता चाहता है।
  • पूरी दुनिया युद्ध के दौर से गुजर रही है।
  • हमने पाक के बाढ़ पीडि़तों की मदद का प्रस्‍ताव दिया।
  • भारत पिछले चार दशकों से आतंकवाद को झेल रहा है।
  • अातंकवाद के खतरे से कोई भी देश मुक्‍त नहीं है।
  • आज कई देश आतंकवाद को पनाह दे रहे हैं।
  • आतंकवाद का रास्‍ता छोड़े पाक।
  • जब तक आतंक का रास्‍ता नहीं छोड़ेगा पाक, तब तक बात नहीं।
  • आतंक से लड़ने में सबको अपनी भागीदारी तय करनी होगी।
  • जो समंदर सबको जोड़ता था आज वह टकराव की वजह बन रहा है।
  • हम जी1 से आगे बढ़कर जी ऑल का माहौल बनाएं।
  • यूएन की विश्‍वसनीयता कैसे बढ़े इस पर चर्चा जरूरी।
  • निराशावादी या आलोवनावदी की तरह कुछ नहीं होने वाला।
  • साइबर आतंक भी चिंता का विषय।
  • हमें देशों के बीच सार्थक प्रयास सुनिश्चित करना है।
  • 20वीं सदी की बातेंं 21वीं सदी में प्रासंगिक नहीं है।
  • 21वीं सदी में विश्‍व काफी बदल रहा है।
  • हमें समय के साथ खुद को ढालना होगा।
  • अगर हम यह कर पाएंगे तभी हमारी अहमियत होगी।
  • हमें मतभेदों को दरकिनार कर आतंकवाद के खिलाफ लड़ना होगा।
  • हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी देश अतंराष्‍ट्रीय मानदंडों का पालन करें।
  • जो देश अपनी सैन्‍य खूबियों का योगदान करते हैं, उन्‍हें निर्णय प्रक्रिया में शामिल करना चाहिए।
  • अगर हम उन्‍हें निर्णय प्रक्रिया से बाहर रखेंगे तब तक हम यूएन पीस कीपिंग फोर्स को ताकतवर नहीं बना सकते हैं।
  • आतंक से लड़ने में यूएन की निर्णायक भूमिका हो।
  • हमें चुनौतियों से निबटने के लिए अपनी जिम्‍मेदारियों में ईमानदारी बरतनी होगी।
  • एक दूसरे की चिंताओं का ध्‍यान रखना होगा।
  • विकसित देशों काे फंडिंग और टेक्‍नोलॉजी ट्रांसफर की अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करना होगा।
  • भारत अपनी टेक्‍नोलॉजी को साझा करने को तैयार है।
  • टिकाऊ विश्‍व की कामना से काम करना होगा।
  • यूएन की ओर से योग दिवस को शुरू किया जाए।
  • हमें अपनी जीवनशैली को बदलने की जरूरत।
  • योग सिर्फ व्‍यायाम की शैली नहीं है।
  • हम नई पीढ़ी को अपनी यात्रा के साथ कैसे जोड़ सकते हैं।
  • अगले वर्ष यूएन के 70 वर्ष के मौके पर हम कई बातों की शुरुआत कर सकते हैं।
  • हमें यूएन की सिक्‍योरिटी काउंसिल को मजबूत बनाना होगा।

मोदी पहली बार इतने बड़े अंतराष्‍ट्रीय मंच पर पहुंचे हैं। ऐसे में दुनिया भर की नजरें उनके भाषण पर लगी हुई हैं। इस बीच पीटीआई के हवाले से खबर आ रही है कि मोदी ने अपनी बात रखते हुए कहा है कि यूएनजीए कश्‍मीर का मुद्दा उठाने का कोई मंच नहीं है।

प्रमुख ट्वीट इस प्रकार हैं

नरेंद्र मोदी का भाषण शुरू होने से पहले ही न्‍यूयॉर्क में लोगों की भीड़ इकट्ठा होनी शुरू हो गई है। अभी बुरंडी के राष्‍ट्रपति का भाषण चल रहा है।

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