Modi Xi Summit: वुहान पहुंचे पीएम मोदी का गर्मजोशी से हुआ स्वागत, आज होगी चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग से मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करने के लिए वुहान पहुंच गए हैं। उम्मीद है कि दोनों नेताओं की मुलाकात भारत-चीन के संबंधों को एक नए स्तर पर लेकर जाएगी। पीएम मोदी गुरुवार देर रात वुहान पहुंच गए हैं और वह यहां पर दो दिन रुकेंगे।
वुहान। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करने के लिए वुहान पहुंच गए हैं। उम्मीद है कि दोनों नेताओं की मुलाकात भारत-चीन के संबंधों को एक नए स्तर पर लेकर जाएगी। पीएम मोदी गुरुवार देर रात वुहान पहुंच गए हैं और वह यहां पर दो दिन रुकेंगे। पीएम मोदी को मुलाकात के लिए राष्ट्रपति जिनपिंग की ओर से 'अनौपचारिक मुलाकात' का निमंत्रण दिया गया था। साल 2015 में राष्ट्रपति जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद यह दूसरा मौका है जब पीएम मोदी और जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी।

करेंगे नाव की सवारी
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने पीएम मोदी के वुहान पहुंचने की फोटोग्राफ्स ट्वीट की। उन्होंने लिखा, 'पिछली मध्यरात्रि एक विशेष अवसर था जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ पहले अनौपचारिक सम्मेलन के लिए पीएम नरेंद्र मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।' उन्होंने आगे लिखा दोनों नेता एक रणनीतिक और दीर्घकालिक परिप्रेक्ष्य में द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति का आकलन करेंगे। दोनों नेताओं की मुलाकात वुहान स्थित माओत्से तुंग के बंगले पर होगी। यह बंगला लेक ऑफ ईस्ट के वुछांग झील पर स्थित है और करीब तीन इमारतें हैं। दोनों नेता यहां पर या तो नाव की सवारी कर सकते हैं या फिर वह साथ में चहलकदमी करते हुए नजर आ सकते हैं। वुहान जाने से पहले पीएम मोदी की ओर से बयान जारी किया गया। उन्होंने लिखा कि दोनों नेता बातचीत के जरिए एक विस्तृत आयाम के बारे में सोच रहे हैं।
कोई समझौता नहीं और कोई साझा बयान नहीं
पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग लंच के बाद मुलाकात करेंगे। दोनों नेता पहले में हुबई म्यूजियम जाएंगे जहां बड़ी संख्या में एतिहासिक व सांस्कृतिक निशानियां मौजूद हैं। इसके बाद दोनों नेता वार्ता करेंगे जिसमें दोनों ओर से छह - छह आला अधिकारी भाग लेंगे। दोनों नेता चर्चित ईस्ट लेक के किनारे डिनर करेंगे जो कि चीन के क्रांतिकारी नेता माओत्से तुंग की छुट्टियों दौरान पसंदीदा जगह रही है। इस मुलाकात के दौरान किसी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं होंगे और न ही कोई साझा बयान जारी किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि यह शिखर सम्मेलन मुद्दों को सुलझाने पर सहमति बनाने का प्रयास है जो कि किसी समझौते की घोषणा के बजाय बाद की कार्रवाई पर होगा। दोनों नेताओं के बीच इस तरह की बातचीत पहली बार हो रहा है।












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