अमेरिकी संसद में PM मोदी का संबोधन, भाषण का बहिष्कार करने वाले सांसदों की संख्या बढ़ी, जानें कौन कौन हैं?
PM Modi US Visit: अमेरिकी सांसद इल्हान उमर, रशीदा तलीब, अलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्टेज़ और जेमी रस्किन, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के संयुक्त कांग्रेस संबोधन में शामिल नहीं होंगीं। उन्होंने आरोप लगाया है, कि 'भारत में मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने धार्मिक अल्पसंख्यकों का दमन किया है।'
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, संयुक्त राज्य अमेरिका की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं और ये दूसरी बार है, जब वो अमेरिकी कांग्रेस की संयुक्त बैठक को संबोधित करने वाले हैं। किसी भारतीय प्रधानमंत्री के लिए ये पहली बार है, जब एक दुर्लभ सम्मान उन्हें मिलेगा।

मोदी के भाषण का बहिष्कार
इन सांसदों ने आरोप लगाया है, कि केंद्र की मोदी सरकार ने हिंसक हिंदू राष्ट्रवादी समूहों को प्रोत्साहित किया है और मानवाधिकार के साथ साथ प्रेस की स्वतंत्रता पर भी अंकुश लगाया है। इनके आरोप हैं, कि मोदी सरकार ने धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर प्रतिबंध लगाए हैं और उनके साथ अन्य प्रकार के भेदभाव किए हैं। अमेरिका के इन सांसदों ने मोदी सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों से पीछे हटने का आरोप लगाया है।
हालांकि, इन सांसदों का मोदी के भाषण का बहिष्कार करना अचरज पैदा करने वाला नहीं हैं, क्योंकि ये सभी एक ही खेमे के हैं और ये पाकिस्तान के पक्ष में अकसर लॉबी करते हुए देखी जाती हैं। इल्हान उमर तो खुलकर पाकिस्तान का पक्ष लेती हैं और वो पाकिस्तान के कब्जे वाली कश्मीर का भी दौरा कर चुकी है।
इन सांसदों के बहिष्कार के अलावा, अमेरिका के कुल 75 डेमोक्रेटिक सीनेटरों और प्रतिनिधि सभा के सदस्यों ने मोदी के साथ मानवाधिकार मुद्दों पर चर्चा करने के लिए राष्ट्रपति बिडेन को पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है, "हम किसी विशेष भारतीय नेता या राजनीतिक दल का समर्थन नहीं करते हैं, यह भारत के लोगों का फैसला है, लेकिन हम उन महत्वपूर्ण सिद्धांतों के समर्थन में खड़े हैं, जो अमेरिकी विदेश नीति का मुख्य हिस्सा होना चाहिए।"
जबकि, उमर, तलीब और ओकासियो-कोर्टेज़ ने मुख्य भाषण का बहिष्कार करने का फैसला किया है, रस्किन ने स्पष्ट किया है, कि अपनी बेटी की शादी के कारण, वह संबोधन में शामिल नहीं हो पाएंगे, हालांकि उन्होंने भारत में मानवाधिकारों के उल्लंघन के विरोध में एक पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।
1. रशीदा तलीब
कांग्रेस महिला रशीदा तलीब प्रतिनिधि सभा में मिशिगन के 12वें जिले की डेमोक्रेटिक प्रतिनिधि हैं। उन्होंने 2008 में मिशिगन विधानमंडल में सेवा देने वाली पहली मुस्लिम महिला बनकर इतिहास रचा था। ये भारत के खिलाफ जहर उगलने में हमेशा से माहिर रही हैं।
भारत की मानवाधिकार स्थिति की आलोचना करते हुए उन्होंने लिखा है, कि "यह शर्मनाक है कि मोदी को हमारे देश की राजधानी में एक मंच दिया गया है। मानवाधिकारों के हनन, अलोकतांत्रिक कार्यों, मुसलमानों और धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने और पत्रकारों को सेंसर करने का उनका लंबा इतिहास अस्वीकार्य है। मैं कांग्रेस में मोदी के संयुक्त संबोधन का बहिष्कार करूंगी।"
2. इल्हान उमर
कांग्रेस महिला इल्हान उमर प्रतिनिधि सभा में मिनेसोटा के 5वें कांग्रेस जिले की डेमोक्रेटिक प्रतिनिधि हैं। वह डेमोक्रेटिक-किसान-लेबर पार्टी की सदस्य भी हैं।
उमर, जिन पर अमेरिका में विभिन्न हिंदू समूहों ने हिंदूफोबिया का आरोप लगाया गया है, उन्होंने लिखा है, कि "प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने धार्मिक अल्पसंख्यकों का दमन किया है, हिंसक हिंदू राष्ट्रवादी समूहों को प्रोत्साहित किया है, और पत्रकारों/मानवाधिकार अधिवक्ताओं को बेखौफ निशाना बनाया है। मैं मोदी के कार्यक्रम में शामिल नहीं होऊंगी।"
इससे पहले कांग्रेस की सुनवाई के दौरान, उन्होंने एक कश्मीरी हिंदू आरती टीकू सिंह पर हमला करके विवाद को जन्म दिया था, जिनके परिवार ने 1990 में कश्मीर घाटी में जातीय सफाए का अनुभव किया था।
3. अलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्टेज़
ओकासियो-कोर्टेज़, जिन्हें उनके नाम के शुरुआती अक्षर एओसी से भी जाना जाता है, वो प्रतिनिधि सभा में न्यूयॉर्क के 14वें कांग्रेस जिले का प्रतिनिधित्व करने वाली एक लोकतांत्रिक सदस्य हैं।
उन्होंने अपने एक ट्वीट में, अपने सहयोगियों से, जो "बहुलवाद, सहिष्णुता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता" के लिए खड़े हैं, उनसे पीएम मोदी के भाषण के बहिष्कार में शामिल होने का आग्रह किया है। उन्होंने तर्क देते हुए लिखा है, कि "मैं बहुलवाद, सहिष्णुता और प्रेस की स्वतंत्रता के लिए खड़े अपने सहयोगियों को भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करती हूं।" हमारे अपने विदेश विभाग ने जिन व्यक्तियों के बारे में निष्कर्ष निकाला है, वे धार्मिक अल्पसंख्यकों और जाति-उत्पीड़ित समुदायों के व्यवस्थित मानवाधिकारों के दुरुपयोग में लगे हुए हैं।
4. जेमी रस्किन
जेमी रस्किन डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसंद हैं और वो एक वकील होने के साथ साथ कानून के प्रोफेसर भी हैं। वो अमेरिका की प्रतिनिधि सभा में मैरीलैंड के 8वें कांग्रेस जिले से चुनकर आए हैं।
जेमी रस्किन भी प्रधानमंत्री मोदी के भाषण कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे, लेकिन उन्होंने लिखा है, कि वो प्रधानमंत्री कते भाषण का बहिष्कार नहीं कर रहे हैं। उन्होंने ट्विटर पर स्पष्ट किया है, कि वह संबोधन का बहिष्कार नहीं कर रहे हैं, बल्कि अपनी बेटी की शादी के कारण वह संयुक्त सत्र के संबोधन में शामिल नहीं हो पाएंगे।












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