पीएम मोदी से मुलाकात के बाद बाइडेन ने की सीमा पार आतंकवाद की निंदा, 26/11 हमले को लेकर बड़ा प्रस्ताव
अमेरिका में पीएम मोदी और जो बाइडेन की मुलाकात के बाद जारी संयुक्त बयान में सीमा पार आतंकवाद की निंदा की गई है और 26/11 मुंबई हमले में शामिल गुनहगारों को इंसाफ के कटघरे में लाने की मांग की गई है।
वॉशिंगटन, सितंबर 25: भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने शनिवार को सीमा पार आतंकवाद की निंदा की और 26/11 के मुंबई हमलों के अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के बीच हुई मुलाकात के बाद दोनों देशों की तरफ से एक ज्वाइंट स्टेटमेंट जारी किया गया, जिसमें दोनों देशों ने सीमा पार आतंकवाद की सख्त निंदा करते हुए 2/11 मंबई हमले में शामिल गुनहगारों को इंसाफ के कटघरे में लाने की मांग की।
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आतंकवाद के खिलाफ बयान
पीएम मोदी और राष्ट्रपति बाइडेन की मुलाकात के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया कि ''दोनों देशों ने पुष्टि की है कि वे आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई में एक साथ खड़े हैं और नामित आतंकवादी समूहों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करेंगे। ज्वाइंट स्टेटमेंट में कहा गया है कि, ''दोनों नेताओं ने पुष्टि की है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ एक साझा लड़ाई में एक साथ खड़े हैं, सभी आतंकवादी समूहों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करेंगे, जिसमें यूएनएससीआर 1267 प्रतिबंध समिति द्वारा प्रतिबंधित आतंकी समूहों और सीमा पार आतंकवाद की निंदा की गई।'' संयुक्त बयान में कहा गया है कि, ''26/11 के मुंबई हमले में शामिल आतंकियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए कोशिशें की जाएंगी।''

सीमा पार आतंकवाद की निंदा
इसके साथ ही ज्वाइंट स्टेटमेंट में सीमा पर आतंकवाद की निंदा की गई और कहा गया कि, परदे के पीछे से आतंकियों का इस्तेमाल करना निंदनीय है। और आतंकवादी समूहों को किसी भी तरह से सैन्य या वित्तीय सहायता नहीं देना चाहिए। निशाना साफ तौर पर पाकिस्तान की तरफ था। यानि, पाकिस्तान को अमेरिका और भारत की तरफ से इशारों में कहा गया है कि वो मुंबई हमले के गुनहगारों को इंसाफ के कटघरे में लाएं और पाकिस्तान जो आतंकियों को भारत में भेजता है, वो भेजना फौरन बंद करे। बयान में कहा गया है कि, ''दोनों देशों ने आतंकवाद विरोधी टेक्नोलॉजी विकसित करने की तरफ भी ध्यान देने की बात की है और दोनों देशों ने यूएस-इंडिया काउंटर नारकोटिक्स वर्किंग ग्रुप की सराहना की और एक नए द्विपक्षीय ढांचे को अंतिम रूप देने के लिए प्रतिबद्धता जताई है, जो नशीली दवाओं की तस्करी, अवैध नशीले पदार्थों के उत्पादन और पूर्ववर्ती रासायनिक आपूर्ति श्रृंखलाओं से निपटने के लिए संयुक्त प्रयासों की सुविधा प्रदान करेगा।"

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समझौता
पीएम मोदी और राष्ट्रपति बाइडेन ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र और उससे आगे साझा हितों को बढ़ावा देने, एक व्यापार और निवेश साझेदारी विकसित करने, कोविड -19 के खिलाफ लड़ने, जलवायु परिवर्तन और अपने नागरिकों के समर्थन में लोकतांत्रिक मूल्यों और संस्थानों को मजबूत करने के लिए एक स्पष्ट दृष्टिकोण की पुष्टि की। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति जो बाइडेन के साथ अपनी पहली बैठक में अमेरिका में भारतीय समुदाय से जुड़े कई मुद्दों को उठाया, जिसमें अमेरिका में भारतीय प्रोफेशनल्स की पहुंच और एच-1 बी वीजा के बारे में दोनों देशों के बीच बात की गई है।












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