'सऊदी अरब पर दागी गई मिसाइल मेड-इन-ईरान थी'
सऊदी अरब और अमरीका ने मंगलवार को रियाद पर दागी गई हूथी विद्रोहियों की मिसाइल के लिए ईरान को जिम्मेदार बताया है.
उनका कहना है कि हूथी विद्रोहियों को ये मिसाइल ईरान से मिली थी लेकिन तेहरान ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "ईरान ने यमन को कोई हथियार मुहैया नहीं कराया है. यमन में लगी नाकाबंदी को देखते हुए इसकी संभावना ही नहीं है."
सऊदी की सेना के मुताबिक मिसाइल रियाद के दक्षिणी हिस्से में दागी गई थी. हालांकि किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है.
हूथियों ने कहा था कि उन्होंने रियाद के यमामा महल को निशाना बनाया था, जहां सऊदी के शीर्ष नेताओं की एक बैठक होने वाली थी.
यमन के अखाड़े में ईरान और सऊदी का मुक़ाबला
सऊदी अरब और ईरान के बीच अगर युद्ध हुआ तो क्या होगा?
अमरीका और ब्रिटेन
हूथी विद्रोहियों ने यमन के राष्ट्रपति अब्द रब्बू मंसूर हादी के खिलाफ युद्ध छेड़ रखा है.
यमन के राष्ट्रपति को मार्च 2015 से सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन का साथ मिला हुआ है.
इस गठबंधन को अमरिका और ब्रिटेन से सैन्य और खुफिया सहायता मिल रही है.
मंगलवार को हूथी विद्रोहियों ने एलान किया कि यमन के लोगों के खिलाफ अमरिका-सऊदी गठबंधन के अत्याचारों के जवाब में रियाद के यमामा महल पर बुरकान एच2 मिसाइल दागी गई है.
हालांकि गठबंधन का कहना है कि मिसाइल का निशाना रियाद के नागरिक और रिहाइशी इलाके थे.
'यमन में विद्रोहियों को मिसाइल दे रहा है ईरान'
सऊदी अरब और ईरान क्यों हैं दुश्मन?
मेड इन ईरान
संयुक्त राष्ट्र में अमरीका की स्थायी प्रतिनिधि निकी हेली ने कहा, "हम सभी को मिलकर ईरान के गुनाहों का पर्दाफाश करना ही होगा और ये संदेश उस तक पहुंचाने के लिए हमें हर तरीका अपनाना होगा. अगर हम ऐसा नहीं करते, तो ईरान पूरी दुनिया को क्षेत्रीय संघर्ष में झोक देगा."
निकी हेली ने रिपोर्टरों को बीते महीने रियाद एयरपोर्ट के पास गिरी एक बैलिस्टिक मिसाइल के अवशेष भी दिखाए थे. उन्होंने कहा था, "इन पर मेड इन ईरान के स्टीकर लगे थे." उन्होंने ये भी कहा कि ईरान संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों का उल्लंघन कर रहा है.
यमन के मुद्दे पर सऊदी अरब-ईरान में घमासान












Click it and Unblock the Notifications