MILAN-2024: भारतीय नौसेना का सैन्य अभ्यास मिलन-24 आज से शुरू, रेस्क्यू कैपबिलिटी का किया अभ्यास
19 फरवरी को भारतीय नौसेना ने विशाखापत्तनम में सबसे बड़े सैन्य अभ्यास मिलन-24 की शुरुआत की। 19 से 27 फरवरी 2024 तक चलने वाले इस अभ्यास में 51 देशों की नौसेनाएं शामिल हो रही हैं। इस युद्धाभ्यास का नाम 'मल्टी लेटरल नेवल एक्सरसाइज- मिलन-2024' है।
इस युद्धाभ्यास में पहली बार भारत के दोनों एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रमादित्य और INS विक्रांत इस एक्सरसाइज में भाग ले रहे हैं। भारतीय नौसेना INS विक्रमादित्य और INS विक्रांत के साथ कम से कम 30 जंगी पोत लेकर उतरेगी। INS चेन्नई भी इस अभ्यास में शामिल हो रहा है, जिसने हाल ही में लाल सागर में रेस्क्यू ऑपरेशन में हिस्सा लिया था।

नौसेना ने इसे ट्रिपल C (सौहार्द, सामंजस्य, सहयोग) की थीम दी है। मिलन-24 हर दो साल में होने वाला सैन्य युद्धाभ्यास है, जो 1995 में केवल चार देशों के साथ शुरू हुआ था। नौसैनिक अभ्यास के 12वें संस्करण में अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, बांग्लादेश, दक्षिण कोरिया, वियतनाम, इंडोनेशिया और मलेशिया सहित अन्य देशों की नौसेनाएं भाग ले रही हैं।
नौ दिवसीय नौसैनिक अभ्यास पूर्वी नौसेना कमान के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। मिलन 24 के बंदरगाह चरण में अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगोष्ठी, आरके बीच पर सिटी परेड, स्वावलंबन प्रदर्शनी, विषय वस्तु विशेषज्ञ विनिमय और युवा अधिकारियों का मिलन शामिल होगा।
इसमें भारतीय नौसेना इकाइयों के साथ मित्र विदेशी देशों के जहाज, समुद्री गश्ती विमान और पनडुब्बियां समुद्री चरण में भाग लेंगे। इनमें बड़े पैमाने पर युद्धाभ्यास, उन्नत वायु रक्षा संचालन, पनडुब्बी रोधी युद्ध और सतह रोधी युद्ध संचालन शामिल होंगे।
51 देशों की नौसेनाओं के प्रतिनिधियों की चर्चा के बीच, 24 फरवरी से 27 फरवरी तक मिलन-24 के दौरान सी फेज का आयोजन होगा। यह वह समय है, जब नौसेनाएं समंदर की लहरों पर करतब दिखाती हैं।
अरब सागर के कमर्शियल कॉरिडोर पर हाल ही में हुए ड्रोन हमलों ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। मिलन युद्धाभ्यास में नौसेनाएं ड्रोन हमलों से बचने का अभ्यास करेंगी और पायरेसी के खिलाफ नेवी ऑपरेशन्स को भी डिजाइन करेंगी।












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