Middle East War: पछता रहा है अमेरिका! ईरान के घातक पलटवार से बर्बाद हुए ट्रंप, रिपोर्ट में खुलासा
Middle East War: मिडल ईस्ट में चल रहा संघर्ष अब एक बेहद जटिल मोड़ पर आ गया है। 28 फरवरी 2026 से शुरू हुई इस जंग ने न केवल जान-माल का नुकसान किया है, बल्कि वैश्विक राजनीति को भी हिला कर रख दिया है। एक ओर अमेरिका अपने कड़े रुख और परमाणु कार्यक्रम को रोकने की शर्त पर अड़ा है।
वहीं ईरान सीधी बातचीत से इनकार कर अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन कर रहा है। हालिया रिपोर्ट्स बताते हैं कि खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को ईरान ने भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे अमेरिका को अब अरबों डॉलर का वित्तीय बोझ सहना पड़ रहा है।

US Iran Conflict: अमेरिकी ठिकानों पर भारी तबाही
NBC की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों को उम्मीद से कहीं ज्यादा नुकसान हुआ है। ईरान ने अपनी मिसाइल तकनीक और लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल कर अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में कामयाबी हासिल की है। कई बेस अब खंडहर में तब्दील हो चुके हैं और उनके सैन्य उपकरण पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं। इन ठिकानों को दोबारा खड़ा करने और हथियारों की मरम्मत के लिए अमेरिका को अब अरबों डॉलर की जरूरत होगी, जो उसकी अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका है।
बातचीत की कोशिशें नाकाम
पाकिस्तान के इस्लामाबाद में इस युद्ध को रोकने के लिए दूसरे दौर की बातचीत की कोशिश की गई थी, लेकिन यह सफल नहीं हो सकी। ईरान के डेलीगेशन ने अमेरिका के साथ मेज पर बैठकर सीधी बात करने से साफ मना कर दिया और पाकिस्तान से वापस लौट गया। ईरान का कहना है कि वह झुककर समझौता नहीं करेगा। दूसरी तरफ, अमेरिका ने अपनी मांगों की सूची पाकिस्तान को सौंप दी है, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर पूरी तरह रोक लगाने की शर्त सबसे ऊपर रखी गई है।
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ईरान का आक्रामक पलटवार
इस युद्ध में ईरान ने अपनी मिसाइल शक्ति का जमकर लोहा मनवाया है। इजरायल और अमेरिका की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के जवाब में ईरान ने जिस तरह पलटवार किया, उसने दुनिया भर के सैन्य विशेषज्ञों को हैरान कर दिया है। ईरान ने न केवल अमेरिकी सुरक्षा घेरे को तोड़ा, बल्कि एफ-5 लड़ाकू विमानों के जरिए सटीक हमले भी किए। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान अपनी मिसाइलों की ताकत को भुनाने का कोई मौका नहीं छोड़ रहा है, जिससे युद्ध का पलड़ा बार-बार बदल रहा है।
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तनाव के बीच राहत की आहट
भले ही युद्ध के मैदान और कूटनीतिक मोर्चों पर तनाव चरम पर है, लेकिन ईरान से एक छोटी सी राहत भरी खबर भी आई है। तेहरान से कमर्शियल उड़ानें (Commercial Flights) दोबारा शुरू कर दी गई हैं। इसे एक संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि शायद ईरान अपने आंतरिक हालात को सामान्य करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, पूर्ण युद्ध समाप्ति अभी भी दूर की कौड़ी नजर आती है क्योंकि दोनों पक्ष अपनी-अपनी शर्तों पर अड़े हुए हैं और पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।












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