बिल गेट्स ने पांच साल पहले दी थी कोरोना जैसी महामारी की चेतावनी
नई दिल्ली। माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक और पब्लिक हेल्थ एडवोकेट बिल गेट्स ने दुनियाभर में फैली महामारी पर अहम बयान दिया है। उन्होंने टेड टॉक शो में कहा कि, हमने महीने भर पहले ही इस महामारी से लड़ने का चांस खो दिया है। इंटरव्यू में बिल गेट्स ने कहा कि, कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में कोई बीच का रास्ता नहीं है। संयुक्त राज्य अमेरिका में COVID-19 के प्रसार को रोकने कम से कम छह से 10 सप्ताह के लिए लॉकडाउन किया जाना चाहिए।

इंटरव्यू में गेट्स ने कहा कि, कुछ साल पहले हमने इसी शो के दौरान भविष्यवाणी की थी कि, आने वाले समय में एक वैश्विक महामारी दुनिया को प्रभावित करेगी। बिल गेट्स ने कहा कि कोरोना वायरस में वास्तविक खतरा यह है कि यह लक्षण शुरू होने से पहले संक्रामित कर देता है। वह इस प्रकार के वायरस को सबसे खराब बताते हैं। बिल गेट्स ने बताया कि अगर कुछ दशकों में लाखों लोगों को कोई खत्म कर सकता है तो वह है वायरस ना कि युद्ध।
बिल गेट्स ने यह साफ किया कि, कोरोनोवायरस MERS या SARS से अधिक संक्रामक है, लेकिन उतना घातक नहीं है। कोरोना के चलते हो रहे आर्थिक नुकसान को लेकर गेट्स ने कहा कि, लोगों से यह कहना बहुत कठिन है, आप रेस्त्रां में जाते रहो, नए घर खरीदो, कोने में पड़ी लाशों को नजरअंदाज करो, हम चाहते हैं कि आप खर्च करते रहें क्योंकि कुछ राजनेता मानते हैं कि जीडीपी की वृद्धि क्या मायने रखती है।
TED Talks द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स ने कहा था कि हमारी दुनिया अब किसी नए वायरस के प्रकोप को झेलने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने कहा था कि इबोला वायरस के बाद दुनिया को स्वास्थ्य सुविधाओं को ज्यादा मजबूत करना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। बिल गेट्स ने उस वीडियो में बताया कि बचपन में उन्हें परमाणु हमले से डर लगता था इसलिए उनका परिवार खाने-पीने के सामान का बैरल बेसमेंट में रख दिया करता था। उन्होंने बताया कि वैश्विक प्रलय का सबसे बड़ा कारण युद्ध नहीं बल्कि एक वायरस बनेगा।
वीडियो में बिल गेट्स ने बताया कि दुनिया ने सबसे ज्यादा खर्च परमाणु बम बनाने में किया है। पैसा खर्च करके महामारी रोकने के लिए एक सिस्टम बनाने पर ज्यादा जोर दिया जाना चाहिए। इबोला से दुनिया को सबक लेना चाहिए था। इबोला के वक्त हमारे पास एक ऐसा सिस्टम नहीं था जो बेहतर काम करता हो। इबोला के समय हमारे पास उचित मेडिकल टीम नहीं थी। बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन के जरिए बिल गेट्स हेल्थ सेक्टर में समाजसेवा करते हैं। उनकी फाउंडेशन ने कोरोनावायरस की जांच और इलाज ढूंढ़ने में मदद के लिए पिछले महीने 10 करोड़ डॉलर (750 करोड़ रुपए) दान देने का ऐलान भी किया था।












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