मलेशिया के अखबार का दावा, एमएच 370 उड़ान के दौरान की गई थी कॉल करने की कोशिश

मलेशिया के न्यू स्ट्रेट्स टाइम्स में एक जांचकर्ता के हवाले से रिपोर्ट छापी गई है। इस जांचकर्ता ने अपना नाम बताने से इंकार कर दिया है। इस रिपोर्ट के मुताबिक यह कॉल जल्दी ही खत्म हो गई क्योंकि फ्लाइट तेजी से आगे बढ़ रही थी और इसकी वजह से वह टेलीकम्यूनिकेशन टॉवर से दूर होती जा रही थी।
वहीं इसी अखबार में एक और सूत्र के हवाले से यह भी कहा गया है कि पायटल फरिक अब्दुल हमीद की कॉल को दोबारा से रिअटैच कर दिया गया था लेकिन यह बात अभी साफ नहीं है कि क्या वाकई आठ मार्च को गायब हुई इस फ्लाइट से क्या वाकई कोई कॉल की भी गई थी।
'डेस्परेट कॉल फॉर हेल्प' नाम के शीर्षक से छपी इस रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया है कि पायट की ओर से किसी को कॉन्टेक्ट करने की कोशिश की जा रही थी। फ्लाइट के पायलट फरिक और कैप्टन जाहारी अहमद शाह अब गहन जांच के दायरे में उस समय से ही हैं जब से यह फ्लाइट बीच रास्ते से ही गायब हो गई थी। फ्लाइट में 239 लोग सवार थे।
पिछले माह जाचंकर्ताओं ने इस बात का इशारा किया था कि इस फ्लाइट का रूट जानबूझकर बदला गया और इसके कम्यूनिकेशन सिस्टम को मैनुअली स्विच ऑफ कर दिया गया। मलेशियन एयरस्पेस के छोड़ आगे बढ़ते ही इन दोनों कामों को अंजाम दिया गया था।
इस बिंदु के बाद से ही पुलिस की ओर से इस घटना की आपराधिक जांच शुरू की गई थी लेकिन अभी तक फ्लाइट के गायब होने की बहुत ज्यादा वजहें सामने नहीं आ सकी हैं।
एमएच 370 का हश्र पूरी तरह से रहस्य में घिर गया है क्योंकि इसके बारे में कई तरह की बातें की जा रही हैं जिनमें फ्लाइट की हाइजैकिंग और इसके आतंकी हमले की बातें भी शामिल हैं जबकि इसके पायलट के बारे में कुछ भी पता नहीं लग सका है।
मलेशिया की मीडिया में शुरुआत में कुछ अपुष्ट खबरें आ रही थीं जिनमें फ्लाइट के पहले और फ्लाइट के बाद कैप्टन के बारे में कई तरह की बातें हो रही थीं लेकिन अभी तक कोई भी डिटेल जारी नहीं की गई है। न्यू स्ट्रेट टाइम की रिपोर्ट के मुताबिक को-पायलट के फोन सिगनल को पकड़ने के फ्लाइट 370 मलेशिया की पश्चिमी तटीय सीमा के पेनांग द्वीप में काफी नीचे से गुजरी थी।
फोन लाइन को फिर से उस समय कनेक्ट किया गया जब यह फ्लाइट यहां से गुजर गई और इसके साथ ही यह रडार से गायब हो गई।












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