Mehul Choksi Extradition: भारत में मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण की क्या शर्ते? क्या रोड़ा बनेगी बीमारी और ये?
Mehul Choksi Extradition To India: भारत के सबसे बड़े बैंकिंग घोटालों में शामिल मेहुल चोकसी की बेल्जियम में गिरफ्तारी ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के 13,500 करोड़ के घोटाले का यह मुख्य आरोपी पिछले कई सालों से विदेशों में छिपा हुआ था।

रिपोर्ट्स के अनुसार, 12 अप्रैल 2025 को बेल्जियम पुलिस ने भारतीय एजेंसियों की सूचना पर मेहुल चोकसी को गिरफ्तार कर लिया गया। वह स्विट्जरलैंड भागने की फिराक में था। बता दें कि सीबीआई समेत तमाम भारतीय एजेंसियां लंबे समय से उसे भारत लाने की कोशिश कर रही है। लेकिन अब जब उसे पकड़ा गया है, तो भारतीय जांच एजेंसियों को एक नई उम्मीद जगी है। लेकिन उनके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया इतनी सरल नहीं है।
कानूनी और कूटनीतिक जटिलताओं के साथ-साथ चोकसी की कथित बीमारियां भी इस प्रक्रिया में बड़ी बाधा बन सकती हैं। वह पहले भी अपनी बीमारियों का बहाना बनाकर प्रत्यर्पण से बचने की कोशिश कर चुका है। आइए, इस मामले को विस्तार से समझते हैं कि चोकसी के प्रत्यर्पण की शर्तें क्या हो सकती हैं, क्या उसकी बीमारियां भारत लाने की राह में रोड़ा बन सकती हैं?
चोकसी की गिरफ्तारी: पूरी कहानी
मेहुल चोकसी और उनके भतीजे नीरव मोदी पर 2011 से 2018 के बीच PNB की मुंबई शाखा से फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) के जरिए 13,500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हड़पने का आरोप है। 2018 में यह घोटाला उजागर होने के बाद चोकसी भारत छोड़कर भाग गए और एंटीगुआ और बारबुडा की नागरिकता ले ली। इसके बाद वे डोमिनिका और हाल ही में बेल्जियम में पाए गए।
चोकसी के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया: क्या हो सकती हैं शर्तें? (Mehul Choksi Extradition To India Process)
प्रत्यर्पण एक जटिल प्रक्रिया है, जिसमें दो देशों के बीच कानूनी और कूटनीतिक सहयोग की आवश्यकता होती है। ऐसे में चोकसी को भारत लाना इतना आसान नहीं है। बेल्जियम और भारत के बीच प्रत्यर्पण संधि है, लेकिन इस प्रक्रिया में कई चुनौतियां हैं:
- आधिकारिक अनुरोध और दस्तावेज: भारत को बेल्जियम सरकार को एक औपचारिक प्रत्यर्पण अनुरोध भेजना होगा, जिसमें चोकसी के खिलाफ सभी सबूत, चार्जशीट, गैर-जमानती वारंट और मुकदमों की जानकारी शामिल हो। मुंबई की विशेष अदालत ने पहले ही चोकसी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर रखा है।
- अपराध की गंभीरता: प्रत्यर्पण संधि के तहत अपराध को दोनों देशों में दंडनीय होना चाहिए। PNB घोटाला धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर अपराध में शामिल हैं, ऐसे में यह अपराध इस शर्त को पूरा करता है। बेल्जियम की अदालतें इस बात की जांच करेंगी कि चोकसी के खिलाफ भारत में लगाए गए आरोप वैध और पर्याप्त हैं या नहीं।
- नागरिकता का मुद्दा: चोकसी ने एंटीगुआ और बारबुडा की नागरिकता ले रखी है और बेल्जियम में 'F रेजीडेंसी कार्ड' हासिल करने के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। बेल्जियम की अदालतें यह तय करेंगी कि उनकी नागरिकता की स्थिति प्रत्यर्पण में बाधा डालेगी या नहीं। भारत का दावा है कि चोकसी मूल रूप से भारतीय नागरिक है और उसके खिलाफ गंभीर अपराध दर्ज हैं।
- मानवाधिकार और निष्पक्ष सुनवाई: बेल्जियम की अदालतें यह भी सुनिश्चित करेंगी कि चोकसी को भारत में निष्पक्ष सुनवाई मिले और उसके मानवाधिकारों का उल्लंघन न हो। चोकसी के वकील संभवतः यह दावा करेंगे कि भारत में उनको उचित न्याय नहीं मिलेगा, जो प्रत्यर्पण को जटिल बना सकता है।
- स्वास्थ्य आधार पर आपत्ति: चोकसी ने पहले भी खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर प्रत्यर्पण से बचने की कोशिश की है। सूत्रों के अनुसार, वह कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित होने का दावा कर रहा है, जो उसके प्रत्यर्पण में एक बड़ा मुद्दा बन सकता है।
क्या बीमारियां बनेंगी बाधा? (Mehul Choksi Health)
मेहुल चोकसी ने बार-बार अपनी बीमारियों का बहाना बनाकर प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को टालने की कोशिश की है। उसकी गिरफ्तारी के समय बेल्जियम में वह एक अस्पताल में भर्ती था और उसके वकीलों ने दावा किया कि उसकी हालत गंभीर है। चोकसी ने पहले एंटीगुआ और डोमिनिका में यह दावा किया था कि उसे हृदय रोग है, जिसके चलते वह लंबी यात्रा या जेल में रहने की स्थिति में नहीं है।
इस तरह उसने दावा किया है कि वे ब्लड कैंसर से पीड़ित है और उसका इलाज चल रहा है। उसके वकीलों ने बेल्जियम की अदालत में मेडिकल रिपोर्ट्स पेश की हैं, जिनमें उसकी कीमोथेरेपी और नियमित जांच का जिक्र है। ऐसे में अगर बेल्जियम की अदालत को लगता है कि उसकी बीमारियां गंभीर हैं, तो प्रत्यर्पण में देरी हो सकती है।
भारत की रणनीति: क्या होगा अगला कदम?
CBI और ED चोकसी के खिलाफ मजबूत सबूत जुटा रही हैं। भारत सरकार बेल्जियम के साथ कूटनीतिक स्तर पर बातचीत कर रही है ताकि प्रत्यर्पण जल्द हो सके। अगर चोकसी भारत लाया जाता है, तो यह भारत की बड़ी सफलता होगी।












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