Bangladesh में विरोध के दौरान हिंसा के बीच MEA ने जारी एडवाइजरी, कहा- बांग्लादेश की यात्रा से बचें
बांग्लादेश में सरकारी नौकरियों में आरक्षण की व्यवस्था में अनिममितताओं को लेकर विरोध अब हिंसक होता जा रहा है। शुरुआत में विशुद्ध रूप से शुरु हुए छात्र आंदोलन में अब राजनीतिक रंग भी घुलने लगा है। इस बीच भारतीय विदेश मंत्रालय और उच्चायोग ने एक एडवाइजरी जारी है। जिसमें विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक बांग्लादेश की यात्रा ना करने को कहा गया है।
छात्रों के विरोध के बीच हिंसक घटनाओं के चलते रविवार को भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक एडवाइजरी जारी है। जिसमें आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी करने के साथ भारतीयों को बांग्लादेश की यात्रा ना करने की सलाह दी है।

बता दें कि बांग्लादेश में सरकारी नौकरियों में आरक्षण में अनियमितताओं के खिलाफ हजारों छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। दरअसल बांग्लादेश में आरक्षण प्रणाली के तहत 56 प्रतिशत सरकारी नौकरियां आरक्षित हैं। इनमें से 30 प्रतिशत आरक्षण साल 1971 के मुक्ति संग्राम के स्वतंत्रता सेनानियों के वंशजों के लिए रिजर्व है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों को आरोप है कि शेख हसीना सरकार मेरिट पर नौकरियां नहीं दे रही है।
MEA ने एडवाइजरी के साथ जारी किया हेल्पलाइन नंबर
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "बांग्लादेश में चल रहे घटनाक्रम के मद्देनजर, भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक बांग्लादेश की यात्रा न करने की दृढ़ता से सलाह दी जाती है। वर्तमान में बांग्लादेश में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतने, अपनी गतिविधियों को प्रतिबंधित करने और अपने आपातकालीन फोन नंबर 8801958383679, 8801958383680, 8801937400591 के माध्यम से ढाका में भारतीय उच्चायोग के संपर्क में रहने की सलाह दी जाती है।"












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