हज करने मक्का गये 98 भारतीयों की मौत, विदेश मंत्रालय ने की पुष्टि, 51 डिग्री तापमान में सऊदी जाएं संभलकर
Hajj Heatstroke: भीषण गर्मी के बीच भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को सऊदी अरब में हज यात्रा पर गए भारतीय नागरिकों की मौत की पुष्टि की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा, कि हज यात्रा के दौरान कम से कम 98 भारतीयों की मौत हो गई है।
विदेश मंत्रालय की ओर से यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है, जब कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है, कि मुस्लिमों के पवित्र महीने के दौरान सौ से ज्यादा भारतीय नागरिकों की लू लगने से मौत हो गई है। उन्होंने कहा, कि ये सभी मौतें प्राकृतिक कारणों से हुई हैं।

सभी मौतें प्राकृतिक थीं: विदेश मंत्रालय
Recommended Video
जायसवाल ने कहा, कि अराफा के दिन कम से कम छह लोगों की मौत हुई, चार लोग अलग-अलग दुर्घटनाओं में मारे गए। उन्होंने कहा, कि 2023 में मरने वालों की संख्या इससे काफी ज्यादा थी। जायसवाल के मुताबिक, हज के दौरान पिछले साल कम से कम 187 भारतीय मारे गए थे।
उन्होंने कहा, कि "इस साल 175,000 भारतीय हज पर जा चुके हैं और अब तक हमने अपने 98 नागरिकों को खो दिया है। ये मौतें प्राकृतिक बीमारी, प्राकृतिक कारणों, पुरानी बीमारी और बुढ़ापे के कारण हुई हैं। अराफा के दिन, छह भारतीयों की मौत हुई और चार भारतीयों की मौत दुर्घटनाओं के कारण हुई। पिछले साल हज में मरने वाले भारतीयों का आंकड़ा 187 था...।"
एशिया में जानलेवा गर्मी की लहरें
चिलचिलाती गर्मी के बीच, एक चौंकाने वाली मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है, कि मक्का की वार्षिक मुस्लिम तीर्थयात्रा के दौरान कम से कम 550 लोगों की मौत हो गई है। राजनयिकों ने मंगलवार को फ्रांसीसी आउटलेट एजेंस फ्रांस प्रेस (AFP) को बताया, कि हज के दौरान कम से कम 550 लोगों की मौत हो गई है।
एएफपी ने दो अरब राजनयिकों के हवाले से बताया, कि मरने वालों में 323 मिस्र के नागरिक थे, जिनमें से ज्यादातर गर्मी से जुड़ी बीमारी के कारण मारे गए।
आपको बता दें, कि उत्तरी गोलार्ध में गर्मी बढ़ने की वजह से चार महाद्वीपों के शहरों में घातक गर्मी की लहरें चल रही हैं, यह संकेत है, कि जलवायु परिवर्तन फिर से रिकॉर्ड तोड़ने वाली गर्मी को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। माना जा रहा है, कि इस साल की गर्मी पिछले 2000 सालों के रिकॉर्ड को तोड़ सकती है, यानि पिछले 2000 सालों में ऐसी गर्मी नहीं मापी गई है, जो इस साल है।
हाल के दिनों में रिकॉर्ड तापमान की वजह से एशिया और यूरोप में सैकड़ों मौतें गर्मी की वजह से होने की आशंका है।
सऊदी अरब में भी प्रचंड गर्मी
सऊदी अरब में करीब 20 लाख मुस्लिम तीर्थयात्री इस हफ्ते मक्का की ग्रैंड मस्जिद में हज पूरा कर रहे हैं। लेकिन विदेशी अधिकारियों की रिपोर्ट के मुताबिक, 51 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा तापमान के बीच यात्रा के दौरान सैकड़ों लोगों की मौत हो गई है। मिस्र के चिकित्सा और सुरक्षा स्रोतों ने गुरुवार को रॉयटर्स को बताया है, कि हज करने के दौरान कम से कम 530 मिस्र के लोगों की मौत हो गई है और 40 लोग लापता हैं।
यू.एस. नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन की अर्थ ऑब्जर्वेटरी के मुताबिक, भूमध्य सागर के आसपास के देशों ने भी एक और हफ्ते भीषण गर्मी का सामना किया है। वहीं, पुर्तगाल से ग्रीस तक और अल्जीरिया में अफ्रीका के उत्तरी तट के साथ जंगल की आग ने भी गर्मी बढ़ाने में भारी योगदान दिया है।












Click it and Unblock the Notifications