क्वीन एलिजाबेथ को कौन मारना चाहता था? बेटी की मौत का बदला लेने की लिए रची गई साजिश, FBI का खुलासा
FBI के मुताबिक, एलिजाबेथ के दौरे से करीब एक महीने पहले 4 फरवरी को सैन फ्रांसिस्को के एक पुलिस ऑफिसर को पब में इस बात का पता चला था। बाद में ऑफिसर ने FBI को इसकी खबर दी।

हाल ही में जारी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) के दस्तावेज से पता चला है कि दिवंगत ब्रिटिश महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को 1983 की संयुक्त राज्य अमेरिका की अपनी यात्रा के दौरान संभावित हत्या के खतरे का सामना करना पड़ा था।
एफबीआई द्वारा पिछले साल सितंबर में महारानी की मौत के बाद उनकी अमेरिका यात्रा से संबंधित फाइलों का कैश जारी करने के बाद यह खुलासा हुआ है। दस्तावेज से पता चला कि अमेरिकी अधिकारियों ने दिवंगत रानी को आयरिश रिपब्लिकन आर्मी (आईआरए) के खतरों से बचाव किया था।
FBI के मुताबिक, एलिजाबेथ अपने पति प्रिंस फिलिप के साथ कैलिफोर्निया आने के करीब एक महीने पहले 4 फरवरी को सैन फ्रांसिस्को के एक पुलिस ऑफिसर को ये धमकी मिली थी। वह एक आयरिश पब में नियमित शराब पीता था। बाद में ऑफिसर ने FBI को इसकी सूचना दी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी अधिकारी ने एजेंसी को एक ऐसे व्यक्ति के बारे में चेतावनी दी थी जिसे वह पब के माध्यम से जानता था। उस शख्स की एक बेटी की आयरलैंड में रबर की गोली लगने से मौत हो गई थी।
वह इसका जिम्मेदार ब्रिटेन की राजशाही को मानता था। इसलिए वह इसका बदला रानी की हत्या कर लेना चाहता था। हालांकि रिपोर्ट में धमकी देने वाले शख्स की गिरफ्तारी से जुड़ी कोई जानकारी नहीं है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि उस शख्स ने हत्या की योजना भी बनाई थी। उसने पुलिस अधिकारी से कहा था कि वो गोल्डन गेट ब्रिज से रानी की बोट पर कुछ फेंक देगा या जब वो योसेमिती नेशनल पार्क जाएंगी तब उनकी हत्या की कोशिश करेगा।
धमकी की खबर मिलने के बाद सीक्रेट सर्विस ने निर्देश दिए थे कि जब क्वीन की बोट गोल्डन गेट ब्रिज के नीचे से निकले तब वहां के रास्ते को बंद कर दिया जाए। हालांकि, इसके बाद सुरक्षा के और क्या इंतजाम किए गए इसकी जानकारी स्पष्ट नहीं है।
यूएस मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक FBI ने 102 पेज की ये रिपोर्ट अपनी वेबसाइट पर पोस्ट की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 1981 में एक यात्रा के दौरान आईआरए समर्थकों द्वारा हमले की चेतावनी भी दी गई थी।
रिपोर्ट में लिखा है कि 1983 में एलिजाबेथ की अमेरिका की राजकीय यात्रा, उत्तरी आयरलैंड में तनाव के बीच बढ़े हुए तनाव के दौरान आई थी।
FBI की रिपोर्ट में बताया गया है कि ब्रिटेन की राजशाही को आईआरए से खतरा था। वो 1989 में एलिजाबेथ के केनटकी दौरे के वक्त भी उन्हें मारने की साजिश रच रहे थे।
आपको बता दें कि इसी संगठन ने ही 1979 में स्लिगो काउंटी में बम विस्फोट कर भारत के प्रथम गवर्नर जनरल और एलिजाबेथ के कजन भाई लॉर्ड माउंटबैटन की हत्या की थी।
आईआरए उत्तरी आयरलैंड में कैथोलिक ईसाईयों का एक चरमपंथी संगठन था जो उत्तरी आयरलैंड को आयरलैंड रिपब्लिक से जोड़ने के पक्ष में था।












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