माली के सोना माइनिंग में बढ़ता तनाव! ऑस्ट्रेलियाई कंपनी के एग्जीक्यूटिव समेत 3 सेना की कस्टडी में
Mali Mining Tension: पश्चिमी अफ्रीका में देश माली में ऑस्ट्रेलिया की रेसोल्यूट माइनिंग कंपनी के तीन कर्मचारियों को सैन्य जुंटा ने हिरासत में लिया है। इसमें कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टेरेंस होलोहन भी शामिल हैं। ये कस्टडी माली की राजधानी बामाको में कंपनी के खिलाफ कुछ अज्ञात दावों पर चर्चा के दौरान की गईं।
रेसोल्यूट माइनिंग के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष एंड्रयू वे ने कहा कि कस्टडी अप्रत्याशित थीं, और अब तक उनकी रिहाई को लेकर कोई अतिरिक्त जानकारी सामने नहीं आई है।

सोल्यूट माइनिंग और माली में उसकी उपस्थिति
रेसोल्यूट माइनिंग कई सालों से माली में सोने की खदानों का संचालन कर रही है, जिसमें स्यामा सोने की खदान में इसका मुख्य योगदान है। कंपनी के पास इस खदान में 80% हिस्सेदारी है, जबकि माली सरकार के पास 20% हिस्सेदारी है। यह हालिया कस्टडी माली के खनन क्षेत्र में विदेशी कंपनियों के प्रभुत्व और उनसे जुड़े तनावों को उजागर करती है।
माली के खनन क्षेत्र में विदेशी कंपनियों के साथ बढ़ता तनाव
रेसोल्यूट माइनिंग की गिरफ्तारी से पहले सितंबर में, कनाडाई कंपनी बैरिक गोल्ड के चार कर्मचारियों को भी हिरासत में लिया गया था। माली के सैन्य अधिकारी देश में संचालित विदेशी कंपनियों पर नजर बनाए हुए हैं और खनन क्षेत्र से अधिक राजस्व जुटाने पर जोर दे रहे हैं। 2020 में सत्ता संभालने के बाद से, माली की सैन्य सरकार देश के खनन क्षेत्र में अपने अधिकार को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
रेसोल्यूट माइनिंग ने आरोपों का खंडन किया
रेसोल्यूट माइनिंग ने अपने खिलाफ लगाए गए दावों को पूरी तरह से निराधार बताया है और कहा कि उसने माली में सभी प्रक्रियाओं का पालन किया है। कंपनी ने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए ब्रिटेन समेत अन्य विदेशी दूतावासों से मदद ली है ताकि मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाया जा सके।
माली के खनन क्षेत्र की चुनौतियां
माली सोने का एक प्रमुख उत्पादक देश है, लेकिन यह अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है। जिहादी हिंसा, गरीबी और राजनीतिक अस्थिरता ने इस क्षेत्र की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। विदेशी कंपनियों का प्रभुत्व लंबे समय से माली के खनन क्षेत्र में देखा गया है, लेकिन मौजूदा समय में विदेशी निवेश पर बढ़ते प्रतिबंधों और स्थानीय नियंत्रण को लेकर सरकार अधिक गंभीर हो गई है।
रेसोल्यूट माइनिंग के अधिकारियों की हिरासत माली में विदेशी कंपनियों के साथ बढ़ते तनाव का प्रतीक है। माली सरकार का रुख दिखाता है कि अब वह खनन क्षेत्र पर अधिक नियंत्रण और राजस्व जुटाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। इस स्थिति में विदेशी कंपनियों के लिए माली में काम करना अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
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