Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

मालदीव में सर्विलांस रडार की तैनाती करेगा भारत, मोहम्मद मुइज्जू ने दी मंजूरी, चीन के खिलाफ बड़ी कामयाबी

Maldives President Mohamed Muizzu has permitted India to deploy surveillance radar, reversing his previously anti-India stance. This decision strengthens defence ties amid economic challenges facing the Maldives.

Maldives-India Defence Ties: चीन की तरफ तेजी से बढ़ रहे मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने एक बड़ा यूटर्न लेते हुए भारतीय डिफेंस प्लेटफॉर्म्स की तैनाती को मंजूरी दे दी है, जो भारत के लिए बहुत बड़ी डिप्लोमेटिक कामयाबी है।

भारत के लिए ये एक बड़ी डिप्लोमेटिक कामयाबी इसलिए है, क्योंकि मोहम्मद मुइज्जू ने पिछले साल हुए इलेक्शन में 'इंडिया ऑउट' कैम्पेन चलाया था और मालदीव में तैनात भारतीय सैन्य कर्मियों को देश से बाहर करने का वादा किया था और राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने भारत से अपने सैनिकों को वापस बुलाने का अनुरोध भी किया था, लिहाजा अब दिल्ली दौरे के दौरान भारतीय डिफेंस प्लेटफॉर्म्स की तैनाती को मंजूरी देकर मोहम्मद मुइज्जू ने भारत को बड़ी राहत दी है।

maldives-india-defence-ties

मालदीव में भारतीय डिफेंस प्लेटफॉर्म्स की तैनाती

राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने सोमवार को नई दिल्ली को मालदीव में "रक्षा प्लेटफॉर्म और संपत्ति" तैनात करने की अनुमति देने पर सहमति व्यक्त की है। समझौता हुआ है, कि नई दिल्ली मालदीव के राष्ट्रीय रक्षा बल की सर्विलांस और मॉनिटरिंग क्षमता को बढ़ाने में भी माले की सहायता करेगी, इसके लिए वह द्वीप राष्ट्र को "रडार सिस्टम और अन्य उपकरण" प्रदान करेगी।

जब मुइज्जू ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, तो भारत ने मालदीव को आर्थिक संकट और ऋण चूक से उबारने में अपनी ओर से मदद करने पर सहमति जताई। वहीं, भारत ने 400 मिलियन डॉलर के बेलऑउट पैकेज को भी मंजूरी दी है, जिससे द्वीप देश डिफॉल्ट होने से बच जाएगा।

भारतीय रिजर्व बैंक ने SAARC करेंसी स्वेप फ्रेमवर्क 2024-27 के तहत मालदीव मॉनेट्री अथॉरिटी के साथ करेंसी एक्सचेंज समझौता किया। यह समझौता, जो 18 जून 2027 तक वैध रहेगा, MMA को USD/Euro स्वैप विंडो के तहत RBI से $400 मिलियन और INR स्वैप विंडो के तहत 3,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता के लिए पात्र बनाएगा।

यह मालदीव को अल्पकालिक विदेशी मुद्रा तरलता आवश्यकताओं या अल्पकालिक भुगतान संतुलन तनाव के लिए दीर्घकालिक व्यवस्था होने तक वित्तपोषण की एक बैकस्टॉप लाइन प्रदान करेगा।

मोदी ने मुइज्जू से मुलाकात के बाद कहा, "भारत ने हमेशा मालदीव के लिए सबसे पहले मदद की है। चाहे मालदीव के लोगों के लिए जरूरी सामान हो, प्राकृतिक आपदाओं के दौरान पीने का पानी उपलब्ध कराना हो या कोविड महामारी के दौरान वैक्सीन पहुंचाना हो, भारत ने हमेशा पड़ोसी के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों को निभाया है।" दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक आर्थिक और समुद्री सुरक्षा साझेदारी तक बढ़ाने पर सहमति जताई है।

मालदीव की ताकत को बढ़ाएगा भारत

दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई, कि भारत मालदीव की क्षमताओं को बढ़ाने में मदद करेगा ताकि उसके विशाल अनन्य आर्थिक क्षेत्र को समुद्री सुरक्षा के लिए पारंपरिक और गैर-पारंपरिक चुनौतियों से बचाया जा सके।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, कि उन्होंने और मुइज्जू ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर व्यापक चर्चा की है। प्रधानमंत्री ने कहा, "हम मालदीव के राष्ट्रीय रक्षा बलों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण में अपना सहयोग जारी रखेंगे। साथ मिलकर हम हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता और समृद्धि के लिए प्रयास करेंगे। हम हाइड्रोग्राफी और आपदा प्रतिक्रिया में अपना सहयोग बढ़ाएंगे।"

माना जा रहा है, कि पीएम मोदी ने इस बयान के साथ चीन को संदेश देने की कोशिश की है, जिसने करीब करीब मालदीव को भारत के हाथों से खींच लिया था और मोहम्मद मुइज्जू के जरिए हिंद महासागर में भारत के लिए चुनौती पैदा कर रहा था।

मोदी-मुइज्जू बैठक के बाद जारी एक संयुक्त बयान के अनुसार, नई दिल्ली मालदीव की राष्ट्रीय रक्षा बल की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए "रक्षा प्लेटफार्मों और परिसंपत्तियों के प्रावधान" के साथ-साथ मालदीव सरकार की समुद्री और सुरक्षा आवश्यकताओं को अपनी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप आगे बढ़ाने में मदद करेगी।

मुइज्जू ने चलाया था 'इंडिया ऑउट' कैम्पेन

आपको बता दें, कि नई दिल्ली ने मालदीव में डोर्नियर विमान और दो एडवांस हल्के हेलीकॉप्टरों को संचालित करने के लिए करीब 80 सैन्य कर्मियों को तैनात किया था, जिन्हें भारत ने अलग अलग द्वीपों में पसरे मालदीव को अपने लोगों की आपातकालीन निकासी के लिए उपहार में दिया था।

लेकिन, मोहम्मद मुइज्जू ने इसे चुनावी मुद्दा बनाया और मालदीव में 'इंडिया-आउट' कैम्पेन चलाया, जिसमें उन्हें कामयाबी मिली और वो राष्ट्रपति चुनाव भी जीत गये। उन्होंने अपने चुनाव अभियान के दौरान वादा किया था, कि वे भारत को मालदीव से अपने सभी सैन्य कर्मियों को वापस बुलाने के लिए कहेंगे, क्योंकि उनकी उपस्थिति द्वीप राष्ट्र की संप्रभुता को कमजोर करती है। उन्होंने अपना वादा निभाया और भारत को इस साल 10 मई तक मालदीव से अपने सभी सैन्य कर्मियों को वापस बुलाने के लिए कहा - जाहिर तौर पर ऐसा चीन के इशारे पर किया गया।

आर्थिक संकट में फंसा है मालदीव

देश पर मंडरा रहे आर्थिक संकट के कारण, मोहम्मद मुइज्जू पिछले कुछ महीनों से नई दिल्ली के प्रति नरम रुख अपना रहे हैं। मालदीव का विदेशी मुद्रा भंडार गिरकर 440 मिलियन डॉलर रह गया है, जो डेढ़ महीने के आयात के लिए ही पर्याप्त है। उन्होंने मदद के लिए चीन की तरफ देखा, लेकिन चीन ने नजरें फेर लीं तो फिर उन्होंने नई दिल्ली का रूख किया।

नई दिल्ली की अपनी पहली राजकीय यात्रा पर आए मुइज्जू ने मोदी से मुलाकात के बाद कहा, "हम भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते को पूरा करने के लिए तत्पर हैं, जिससे हम अपने देशों के बीच पूर्ण आर्थिक क्षमता का दोहन कर सकेंगे और अपने पर्यटन और विकास दोनों क्षेत्रों में भारतीय निवेश बढ़ा सकेंगे।"

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+