ये कैसी भाषा है... PM मोदी को बुरा-भला कहने वाली मंत्री पर बरस पड़े मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति, कही ये बात
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में लक्षद्वीप की यात्रा के दौरान समुद्र तट से अपनी तस्वीरें शेयर करते हुए विदेश की बजाय देश में ही घूमने की अपील की थी। उनके इस अपील से मालदीव वासियों का गुस्सा भड़क गया।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि मालदीव के कई अफसर, मंत्री और दूसरे लोगों ने पीएम मोदी को निशाने पर ले लिया और उन पर भद्दे कमेंट किए। मालदीव के नेताओं की भाषा को लेकर अब वहां के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने कड़ा ऐतराज जताया है।

मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने अपने ही देश के उन नेताओं को नसीहत दी जो पीएम मोदी की लक्षदीप यात्रा का मजाक उड़ा रहे थे। नशीद ने मालदीव के मंत्रियों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की जा रही अपमानजनक टिप्पणियों की निंदा भी की।
उन्होंने कहा कि मंत्री मरियम शिउना द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा "भयानक" थी। उन्होंने कहा कि भारत मालदीव की सुरक्षा और समृद्धि के लिए एक "प्रमुख सहयोगी" है।
पूर्व राष्ट्रपति नशीद ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मालदीव सरकार की अधिकारी मरियम शिउना ने एक प्रमुख सहयोगी के नेता के प्रति कितनी घटिया भाषा का इस्तेमाल किया है, वो नेता जो मालदीव की सुरक्षा और समृद्धि के लिए अहमियत रखता है।
नशीद ने आगे कहा कि मोहम्मद मुइज्जू सरकार को इन टिप्पणियों से खुद को दूर रखना चाहिए और भारत को स्पष्ट आश्वासन देना चाहिए कि उनके बयान सरकार की नीति को नहीं दर्शाते हैं। बता दें कि मालदीव की युवा सशक्तिकरण, सूचना और कला उपमंत्री मरियम शिउना ने पीएम मोदी की लक्षद्वीप यात्रा की तस्वीरें पोस्ट करने के बाद अपमानजनक टिप्पणी की थी।
मरियम ने नरेंद्र मोदी के लिए 'जोकर' और 'इजराइल की कठपुतली' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। हालांकि वायरल होने बाद में उन्होंने ये ट्वीट हटा दिया। वह अपने कई सोशल मीडिया इंटरैक्शन में पीएम मोदी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी कर चुकी हैं।
मंत्री शिउना के अलावा, एक अन्य मंत्री, जाहिद रमीज सहित मालदीव के अन्य अधिकारियों ने भी पीएम मोदी की लक्षद्वीप यात्रा की तस्वीरों का सोशल मीडिया पर मज़ाक उड़ाया था।
मालदीव की पूर्व अधिकारी फराह फैजल ने राष्ट्रपति मुइज्जु और विदेश मंत्री मूसा जमीर पर इसे लेकर निशाना साधा है। फराह ने कहा है कि मंत्री मूसा जमीर को अपने अधिकारियों को कूटनीति सिखाने की जरूरत है। कुछ सरकारी अधिकारियों को हमारे सबसे करीबी सहयोगियों में से एक भारत पर बहुत ही गैर-पेशेवर तरीके से हमला करते देखना वास्तव में दुखद और शर्मनाक है।












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