चीन समर्थक राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की पार्टी ने मालदीव के चुनाव में दर्ज की बड़ी जीत
मालदीव में हुए संसदीय चुनाव में मोहम्मद मुइज्जू की पार्टी पीपुल्स नेशनल कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। मुइज्जु की जी को उनकी नीतियों पर मुहर के तौर पर देखा जा रहा है। अहम बात यह है कि मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू चीन के समर्थक हैं, ऐसे में उनकी पार्टी की जीत को भारत के लिहाज से एक झटका माना जा रहा है।
मुइज्जु चीन के समर्थक हैं। यही नहीं वह भारत के विरोधी एजेंडे को आगे रखते हुए उन्होंने यह चुनाव लड़ा था। चुनाव प्रचार में उन्होंने खुलकर कहा था कि अगर उनकी पार्टी की जीत होती है तो भारत के खिलाफ लिए गए उनके फैसले सही हैं।

मालदीव की मीडिया की मानें तो वोटों की गिनती शुरु होने के कुछ घंटे के बाद ही मुइज्जू की पीपल्स नेशनल कांग्रेस पार्टी 93 में से 59 सीटों पर आगे है। मालदीव की विपक्षी पार्टी मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी केवल 15 सीटों पर आगे थी। मुइज्जु की पार्टी पीपल्स नेशनल कांग्रेस पार्टी ने 93 में से 59 सीटों पर जीत दर्ज की है। जबकि विपक्षी पार्टी ने सिर्फ 15 सीटों पर जीत दर्ज की है।
सत्तारूढ़ पार्टी पीएनसी की बड़ी जीत के बाद राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू एक बार फिर से मालदीव के राष्ट्रपति बनेंगे। उनकी सरकार ने फैसला लिया था कि भारतीय सेना को द्वीप राष्ट्र से बाहर जाना चाहिए। माना जा रहा है कि उन्होंने यह फैसला चीन के साथ रणनीतिक संबंधों के चलते लिया था।
मुइज्जू ने चुनाव के दौरान कहा था कि यह चुनाव उनकी नीतियों को लेकर एक जनमत संग्रह के तौर पर काम करेगा। यह चुनाव भारतीय सैनिकों को वापस भेजे जाने के उनके फैसले के लिए लिहाज से भी काफी अहम है। मुइज्जू ने भारत विरोधी कई फैसले लिए हैं। उन्होंने पीएम मोदी को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।












Click it and Unblock the Notifications