मलेशिया में लगेगी सजा-ए-मौत पर रोक, कानून मंत्री बोले- मृत्युदंड से अपराध पर लगाम नहीं लगता
मलेशिया में 2018 से फांसी पर रोक लगी हुई है। इससे पहले मलेशियाई सरकार 2019 में यह कहते हुए पीछे हट गई कि किसी गंभीर अपराध के दोषी व्यक्ति को फांसी दी जानी चाहिए या नहीं यह पूरी तरह से अदालत तय कर सकती है।

Image: Oneindia
मलेशियाई संसद ने एक ऐतिहासिक फैसले में सोमवार को कुछ अपराधों के लिए अनिवार्य मौत की सजा को हटाने के लिए कानूनी सुधारों को मंजूरी दे दी है। मलेशिया की संसद के निचले सदन यानी कि दीवान राक्यत में पारित किए गए व्यापक कानूनी सुधारों में मौत की सजा वाले अपराधों की संख्या में भी कटौती की गई है। अब यह उच्च सदन यानी कि दीवान नेगारा में सुधार के लिए जाएगा। यदि यह कानून वहां से पारित हो जाता है, तो इसे कानून में हस्ताक्षर करने के लिए राजा के पास भेजा जाएगा।
असाधारण मामले में मिलेंगे मृत्युदंड
ये संशोधन 34 अपराधों पर लागू होंगे। इनमें से वर्तमान में मादक पदार्थों की तस्करी, हत्या और आतंकवाद सहित 11 गंभीर माने जाने अपराधों में अनिवार्य मौत की सजा पर भी रोक लग जाएगी। हालांकि न्यायाधीशों ने असाधारण मामलों में मृत्युदंड देने का विवेकाधिकार बरकरार रखा है। इसके साथ ही बेहद गंभीर माने जाने वाले अपराधों में 40 साल तक उम्रकैद की सजा या कोड़े मारने का भी विकल्प रखा गया है। मलेशिया में मौत की सजा पाने वाले 1341 कैदी हैं। नए कानून के मुताबिक 90 दिनों के भीतर इनकी सजा की समीक्षा की जाएगी।
'मौत की सजा का कोई फायदा नहीं'
उप कानून मंत्री रामकरपाल सिंह ने कहा कि मृत्युदंड एक अपरिवर्तनीय सजा है जो अपराध के लिए एक प्रभावी निवारक नहीं रही है। बिल पर संसदीय बहस को खत्म करते हुए उन्होंने कहा, "मौत की सजा के नतीजे के कुछ भी फायदे देखने को नहीं मिले हैं।" मलेशिया ने ऐसे वक्त ये कानून लाने जा रहा है जब उसके पड़ोसी देशों में मौत की सजा आश्चर्यजनक रूप से बढ़ गई है। बीते साल सिंगापुर में नशीली दवा की तस्करी के लिए 11 लोगों को मौत की सजा दी गई। एक और पड़ोसी देश म्यांमार ने लोकतंत्र समर्थक चार कार्यकर्ताओं को कई दशकों में पहली बार फांसी दी।
2018 से फांसी की सजा पर रोक
मलेशिया में सजा-ए-मौत की सजा हटाए जाने की विधायी प्रक्रिया बीते साल जून में शुरू हुई थी। प्रधानमंत्री इस्माइल साबरी याकूब की पूर्व मलेशियाई सरकार ने घोषणा की कि वह अनिवार्य सजा के रूप में मृत्युदंड को समाप्त कर देगी। मलेशिया उन 53 देशों में से एक है जहां अभी भी मृत्युदंड की सजा सुनाई जाती है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार मलेशिया में 1992 और 2018 के बीच करीब 1,318 कैदियों को फांसी दी जा चुकी है। मलेशिया में 2018 से फांसी पर रोक है, लेकिन अदालतों ने कैदियों को मौत की सजा देना जारी रखा है।
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