संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण, दुनिया को दिया गया शांति का संदेश
भारत के लिए एक गर्व की बात है। संयुक्त राष्ट्र में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण किया गया।

संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण हुआ है। इस मौके पर भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस आदि मौजूद रहे। इस दौरान गांधी जी का पसंदीदा 'वैष्णव जन' भजन भी बजाया गया। मामले में भारत में संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर शोम्बी शार्प ने कहा कि ये हमारे लिए सम्मान की बात है। महात्मा गांधी के सिद्धांतों का बहुपक्षवाद और संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक कार्य पर स्थायी प्रभाव है।
इस प्रतिमा को पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित शिल्पकार राम सुतार ने तैयार किया है। उन्होंने ही स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को बनाया है। भारत सरकार ने इसे संयुक्त राष्ट्र को तोहफे में दी थी, जिसे अब उसके मुख्यालय में लगा दिया गया है। मूर्ति अनावरण के मौके पर भारत की स्थाई प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने कहा कि गांधी जी ने सत्या, अहिंसा और शांति की जो विचारधारा दी थी, आज के जमाने में वो काफी मायने रखती है। संयुक्त राष्ट्र में उनकी मूर्ति लगना पूरे देश के लिए सम्मान की बात है।
वहीं शोम्बी शार्प ने कहा कि मैं इस अमूल्य तोहफे के लिए भारत सरकार को धन्यवाद देता हूं। वो शांति का एक वैश्विक प्रतीक हैं। अहिंसा और सत्य के उनके सिद्धांतों का स्थायी प्रभाव है। आज दुनिया जिस संकट का सामना कर रही, उस पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक समुदाय को गांधी जी की अहिंसा की शक्तिशाली विचारधारा और स्थिरता से बहुत कुछ सीखना है। युद्ध से लेकर जलवायु परिवर्तन तक, हर मामले में उनसे सीखा जा सकता है। उन्हीं के सिद्धातों पर भारत ने तो G20 प्रेसीडेंसी को अपनाकर उसकी थीम रखी है।
जयशंकर ने उठाया आतंकवाद का मुद्दा
वहीं मूर्ति के अनावरण के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आतंकवाद का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि मौजूदा वक्त में दुनिया हिंसा और युद्ध से जूझ रही, ऐसे में गांधी जी के सिद्धांत ही मार्गदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने बिना किसी देश का नाम लिए हुए कहा कि कुछ देश आज आतंकियों को बचाने का काम कर रहे। इसके लिए वो बहुपक्षीय मंचों का दुरुपयोग भी कर रहे हैं।












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