कौन हैं 22 साल की हिमांशी गोंगले, जिसको लेकर लंदन में बवाल, लेबर पार्टी की नेता को देना पड़ा 48 लाख जुर्माना
Himanshi Gongle London nanny: लंदन में 22 साल की भारतीय छात्रा हिमांशी गोंगले को अवैध रूप से नैनी के तौर पर रखने के मामले में बड़ा बवाल मच गया है। लंदन की लेबर पार्टी की नेता और काउंसलर हीना मीर पर इस इमीग्रेशन कानून के उल्लंघन के लिए लगभग 48 लाख रुपये (40,000 पाउंड जुर्माना और कोर्ट खर्च) का भारी जुर्माना लगाया गया है।
हिमांशी, जो यूके में अवैध रूप से रह रही थीं, मीर के दो बच्चों की देखभाल के लिए उनसे सप्ताह में 6 दिन, 24 घंटे काम करती थीं, जबकि उनके पास काम करने का कानूनी अधिकार नहीं था। इस मामले ने राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर हीना मीर की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

क्या है पूरा मामला?
यह मामला लंदन की काउंसलर और सॉलिसिटर हीना मीर (Heena Mir) से जुड़ा है, जिन पर इमीग्रेशन कानून के उल्लंघन का आरोप लगा। मीर ने 22 वर्षीय भारतीय छात्रा हिमांशी गोंगले को अवैध रूप से नैनी के रूप में काम पर रखा, जबकि हिमांशी का वीजा मार्च 2023 में समाप्त हो चुका था। अपील हारने के बाद, कोर्ट ने मीर पर 40,000 पाउंड (लगभग 48 लाख रुपये) का भारी जुर्माना लगाया और उन्हें कोर्ट खर्च भी चुकाना पड़ा। विपक्षी दलों ने इसे कानून का गंभीर उल्लंघन बताते हुए मीर से इस्तीफे की मांग की है।
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हफ्ते में 6 दिन, 24 घंटे काम और सैलरी
कोर्ट में बताया गया कि हीना मीर, जो होंस्लो क्षेत्र की पूर्व डिप्टी मेयर थीं, हिमांशी गोंगले से अपने बच्चों की देखभाल के लिए हफ्ते में 6 दिन और 24 घंटे काम कराती थीं। इसके बदले में वह हिमांशी को हर महीने 1,200 पाउंड (लगभग 1 लाख 43 हजार 945 रुपये) दिया करती थीं। हालांकि, हिमांशी के पास यूके में कानूनी रूप से काम करने का कोई अधिकार नहीं था। मीर ने छात्रा का नाम 'रिया' रखा हुआ था और कोर्ट में यह दावा किया कि वह सिर्फ एक सोशल विजिटर थी जो उनके घर आराम करने और टीवी देखने आती थी, न कि नैनी।
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हिमांशी गोंगले ने पुलिस से मांगी थी मदद
यह पूरा मामला तब सामने आया जब पिछले साल अगस्त में हिमांशी गोंगले ने मदद के लिए सड़क पर पुलिस की कार को रोका। पुलिस को वह काफी परेशान दिखीं। अधिकारियों को तब पता चला कि वह देश में अवैध रूप से थीं क्योंकि उनका वीजा मार्च 2023 में समाप्त हो चुका था। होम ऑफिस की रिपोर्ट के अनुसार, हिमांशी ने अधिकारियों को बताया कि उन्हें शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया था और वह आत्मघाती (Suicidal) महसूस कर रही थीं। हालांकि, मीर के वकील ने कोर्ट में तर्क दिया कि हिमांशी ने आव्रजन लाभ पाने के लिए यह कहानी बनाई थी, लेकिन जज ने मीर के बयानों में विरोधाभास पाया।












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