London Heathrow Airport: 18 घंटे बाद हीथ्रो एयरपोर्ट से उड़ानें शुरू, 1,300 फ्लाइट रद्द
London Heathrow Airport: लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे पर 18 घंटे तक उड़ानें बाधित होने के बाद शुक्रवार (21 मार्च) के देर रात को परिचालन फिर से शुरू कर दी गई। देर रात को एक फ्लाइट लैंड की।
दरअसल, पश्चिम लंदन के हेस सब स्टेशन में लगी आग के कारण बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी, जिससे हजारों यात्री फंस गए और वैश्विक यात्रा में उथल-पुथल मच गई।

1,300 से अधिक उड़ानें रद्द
फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24 के अनुसार, 1,300 से अधिक उड़ानें रद्द की गईं, जिससे करीब 2.9 लाख यात्री प्रभावित हुए। हीथ्रो प्रशासन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बयान जारी कर कहा,'हमारी टीमों ने तेजी से रिकवरी के लिए दिन-रात मेहनत की है।
'अब हम सुरक्षित रूप से उड़ानें फिर से शुरू करने की स्थिति में हैं और प्राथमिकता के आधार पर विमानों की पुनर्स्थापना और स्थानांतरण पर ध्यान देंगे।' हीथ्रो,जो दुनिया का पांचवां सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है, ने यह भी कहा कि वह कल पूरी तरह से सुचारू रूप से संचालन करने की उम्मीद करता है।'
ये भी पढ़ें लंदन के Heathrow Airport पर क्या हुआ? 1400 उड़ानें प्रभावित, एयर इंडिया ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
बैकअप पावर सिस्टम पर उठे सवाल
वहीं इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने हीथ्रो एयरपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि,यदि हीथ्रो एक ही ऊर्जा स्रोत पर निर्भर था और उसके पास कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं थी, तो यह "योजनागत विफलता" होगी। वहीं इसके जवाब में हीथ्रो प्रशासन ने बताया कि जब सबस्टेशन में आग लगी, तब उनके बैकअप ऊर्जा प्रणाली ने "उम्मीद के मुताबिक" काम किया।
कौन उठाएगा वित्तीय नुकसान?
इस घटना से एयरलाइन उद्योग को करोड़ों पाउंड का नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। अब यह सवाल खड़ा हो गया है कि इस वित्तीय क्षति का बोझ कौन उठाएगा। यात्रियों और एयरलाइंस के अलावा, विमानन प्राधिकरणों ने भी हीथ्रो प्रशासन की तीखी आलोचना की और पूछा कि इतनी महत्वपूर्ण बुनियादी संरचना कैसे विफल हो सकती है।
आतंकी एंगल से भी जांच जारी
यूके की मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने कहा कि प्रारंभिक जांच में किसी तरह की साजिश का कोई संकेत नहीं मिला है। हालांकि, चूंकि यह एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा है, इसलिए काउंटर-टेररिज्म अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं।
हीथ्रो प्रशासन ने कहा, 'हम उम्मीद करते हैं कि कल से हमारा पूरा ऑपरेशन सामान्य रूप से चलेगा और जल्द ही आगे की जानकारी देंगे। हमारी प्राथमिकता यात्रियों और हवाई अड्डे पर काम करने वाले लोगों की सुरक्षा है। इस असुविधा के लिए हम खेद व्यक्त करते हैं।'
2010 में भी हुई थी ऐसी घटना
विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, यूरोप में इस स्तर का बड़ा व्यवधान आखिरी बार 2010 में आया था, जब आइसलैंडिक ज्वालामुखी से निकले राख के बादलों ने लगभग 1 लाख उड़ानों को प्रभावित किया था।
नेशनल ग्रिड ट्रांसमिशन की अध्यक्ष ऐलिस डेलाहंटी ने The Guardian को बताया कि वे इस संभावना को खारिज नहीं कर सकते कि हीथ्रो एयरपोर्ट की बिजली आपूर्ति को प्रभावित करने वाली आग किसी तोड़फोड़ का नतीजा हो सकती है। उन्होंने कहा, "हम अभी कुछ भी पूरी तरह खारिज या स्वीकार करने की स्थिति में नहीं हैं।"












Click it and Unblock the Notifications