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अमेरिका की तरफ बढ़ रहा है दशक का सबसे खतरनाक तूफान फ्लोरेंस, अगले 48 घंटों में टकराएगा समुद्र से

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    वर्जीनिया। खतरनाक तूफान फ्लोरेंस अब तेजी से अमेरिकी तटीय इलाकों की तरफ बढ़ रहा है। इस तूफान को अमेरिका के इतिहास में हाल के सबसे खतरनाक तूफान में से एक बताया जा रहा है। तूफान की वजह से ढाई करोड़ लोगों की जिंदगिया प्रभावित होंगी क्‍योंकि इसकी वजह से 157 मील प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। इन हवाओं के साथ ही बाढ़ की भी आशंक जताई जा चुकी है। इस तूफान के गुरुवार और शुक्रवार के मध्‍य तटीय इलाकों तक पहुंचने की संभावना है। अमेरिका के पूर्वी तटीय राज्‍यों पर इसका सबसे ज्‍यादा असर पड़ेगा।

    15 लाख लोग सुरक्षित जगह पहुंचाए गए

    15 लाख लोग सुरक्षित जगह पहुंचाए गए

    इस तूफान के आने से पहले लोगों को राहत शिविरों तक पहुंचाने का काम तेजी से चल रहा है। बताया जा रहा है कि करीब 15 लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा चुका है। वहीं पांच मिलियन लोगों पर तूफान का सीधा असर पड़ेगा। अमेरिका की नेशनल वेदर सर्विस की ओर से बताया गया है कि तूफान का सबसे ज्‍यादा असर कैरोलिना के तटीय इलाकों में देखने को मिलेगा। मंगलवार को इस तूफान को कैटेगरी चार का तूफान बताया गया है। तूफान की वजह से 130 मील प्रति घंटे की हवाएं चल रही हैं और गुरुवार रात तक हवाओं के और तेज होने की आशंकाएं जता दी गई हैं।

    समुद्र से उठेंगी 20 इंच ऊंची लहरें

    समुद्र से उठेंगी 20 इंच ऊंची लहरें

    फेडरल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी (फेमा) का कहना है कि सबसे बड़ा खतरा तूफान के बाद जो सामने आएगा वह है समंदर से उठने वाली लहरें। एजेंसी में कहा गया है कि समंदर से फ्लोरेंस तूफान की वजह से 20 फीट ऊंची लहरें उठेंगी और कुछ जगहों पर 20 इंच तक बारिश भी हो सकती है। अमेरिका में साल 1989 में आए तूफान हूगो के बाद तूफान फ्लोरेंस को सबसे खतरनाक माना जा रहा है। इस तूफान का सबसे ज्‍यादा असर कैरोलिना राज्‍यों और वर्जिनिया के हिस्‍से में देखने को मिलेगा और यहां पर सबसे ज्‍यादा तबाही के आसार हैं।

    सब-कुछ तबाह कर देगा फ्लोरेंस

    ट्रंप प्रशासन की ओर से फेमा के बजट से 9.8 बिलियन डॉलर की रकम आईसीई यानी इमीग्रेशन एंड कस्‍टम एनफोर्समेंट को दे दी गई है। इस रकम का मकसद अतिरिक्‍त डिटेंशन सेंटर तैयार करना है ताकि लोगों को यहां पर लाकर रखा जा सके। राष्‍ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्‍च प्राथमिकता है। ऐसे में वह कोई भी खर्च नहीं छोड़ेंगे और अमेरिका तूफान के लिए पूरी तरह से तैयार है। फेमा के एसोसिएट एडमिनिस्‍ट्रेटर जैफ्री बायर्ड की ओर से कहा गया है कि तूफान फ्लोरेंस की वजह से अगले कुछ हफ्तों तक बिजली नहीं आएगी। यह तूफान इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर से लेकर घरों तक को तबाह कर देगा।

    अर्थव्‍यवस्‍था को 30 बिलियन डॉलर का नुकसान

    नेशनल हरीकेन सेंटर (एनएचसी) की ओर से बताया गया है कि मंगलवार रात को फ्लोरेंस करीब बरमूडा के दक्षिण-पश्चिम के 350 मील दूर पहुंच चुका है। अब यह उत्‍तर-पश्चिम की तरफ बढ़ रहा है। नॉर्थ कैरोलिना, साउथ कैरोलिना, वर्जिनिया और मैरीलैंड के गर्वनर्स ने राज्‍य में आपातकाल की स्थिति का ऐलान कर दिया है। ईस्‍ट कोस्‍ट पर बसे अस्‍थायी किसानों को तुरंत बुलाया गया है ताकि वे तूफान से पहले अपने बेकार पड़े तालाब को खाली कर दें। लोग तूफान के आने से पहले पीने के पानी और जरूरत का बाकी सामान इकट्ठा करने में लग गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक इस तूफान की वजह से करीब 30 बिलियन डॉलर का नुकसान होने की आशंका है।

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    English summary
    Life-threatening Hurricane Florence gets closer to US coast.

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