ISIS का मैनिफेस्टो, लड़कियों के लिए वैक्सिंग और ईयररिंग्स पाप
लंदन। आईएसआईएस ने एक मैनिफेस्टो जारी किया है जिसमें इस आतंकी संगठन में मौजूद महिलाओं के रोल का जिक्र किया गया है। इस मैनिफेस्टो में आईएसआईस आतंकियों के साथ लड़कियों की शादी को कानूनी बताया गया है।
साथ ही उन्हें एक पत्नी, मां और घर संभालने जैसे काम करने पर जोर दिया गया है।
आईएसआईएस के नियंत्रण वाले इलाकों में 31,000 गर्भवती महिलाएं
यूके के लीडिंग डेली द इंडिपेंडेंट के मुताबिक यह मैनिफेस्टो 10,000 पेज का है और इसे संगठन की महिला ब्रिगेड अल खानस्सा की मीडिया विंग की ओर से अपलोड किया गया है।
यह मैनिफेस्टो सिर्फ अरेबिक भाषा में है लेकिन इसे सीरिया और इराक में जेहाद पर रिसर्च कर रहे चार्ली विंटर ने इंग्लिश में ट्रांसलेट किया है।
इसके साथ ही इस मैनिफेस्टो में लड़कियों की शिक्षा और उनकी शादी से जुड़ी कई तरह की बातों का जगह दी गई है। एक नजर डालिए कि आखिर आईएसआईएस के इस मैनिफेस्टो में महिलाओं के लिए किन-किन कामों को जरूरी बताया गया है और उन्हें क्या न करने को कहा गया है।

शादी के लिए नियम
इस मैनिफेस्टो में कहा गया है कि नौ वर्ष की उम्र तक लड़कियों की शादी कर देनी चाहिए। आईएसआईएस की मानें तो यह उनकी शादी के लिए एक कानूनी उम्र है। लेकिन शादी सिर्फ आईएसआईएस आतंकियों से ही कराई जाए। अगर नौ वर्ष की उम्र में शादी नहीं हो पा रही है तो फिर 16 या फिर 17 वर्ष की पवित्र उम्र में शादी हो जानी चाहिए।

शादी के बाद क्या
आईएसआईएस का मानना है कि शादी के बाद किसी को इस बात का पता नहीं लगना चाहिए कि आखिर महिलाएं क्या करती हैं और उन्हें हमेशा पर्दे में रहना होगा।

सात वर्ष में शुरू हो पढ़ाई और 15 वर्ष में खत्म
लड़कियों की पढ़ाई सात वर्ष की उम्र में शुरू होनी चाहिए और 15 वर्ष तक ही उन्हें पढ़ाया जाना चाहिए।

कैसा हो लड़कियों के लिए करिकुलम
लड़कियों के लिए जो करिकुलम बनाया जाए उसमें इस्लाम से जुड़ी आध्यात्मिक बातों, कुरान की बातों को जगह मिले और साथ ही साथ खाना पकाने, सिलाई करने और दूसरी कलाओं को भी इस करिकुलम में शामिल किया जाना चाहिए।

कौन-कौन से प्रोफेशन
इस मैनिफेस्टो में लिखा है कि महिलाएं अगर जाएं तो वह अपना घर डॉक्टरी या फिर टीचिंग जैसे कामों के लिए छोड़ सकती है।

जेहाद के लिए भी छोड़ें घर
इसमें यह भी लिखा है कि अगर दुश्मनों को हराने के लिए पुरुष कम पड़ रहे हैं तो फिर महिलाओं को जेहाद में शामिल होना होगा और अपना घर छोड़ना पड़ेगा।

प्लास्टिक सर्जरी और ईयररिंग्स भी बैन
आईएसआईएस ने महिलाओं के लिए प्लास्टिक सर्जरी को बुरा माना है। साथ महिलाएं ईयररिंग्स भी नहीं पहन सकती है। इसके अलावा शेविंग की भी सख्त मनाही है। फैशन शॉप्स और ब्यूटी सैलून को भी शैतान का रूप बताया है।

पश्चिमी देशों की महिलाओं की आलोचना
इस मैनिफेस्टो में आईएसआईएस ने कहा है कि पश्चिमी देशों की महिलाओं की आलोचना की है। आईएसआईएस ने लिखा है कि लैंगिक समानता के ह्यूमन राइट्स कांसेप्ट को वह नहीं मानते हैं। साथ ही महिलाओं को घर संभालना चाहिए और एक पत्नी और मां के रोल में रहना चाहिए।

सीरिया और इराक आने की अपील
इस मैनिफेस्टो में अरब महिलाओं से अपील की गई है कि वे सीरिया और इराक आए और एक पवित्र जिंदगी बिताएं।

शरिया के नियम के साथ रहें
मैनिफेस्टो के मुताबिक महिलाओं को सीरिया और इराक आकर शरिया कानून के तहत घर के लिए अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करना होगा।












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