Bhoot Bangla Review: 'भूत बंगला' में लौटा अक्षय कुमार का पुराना जादू, फैमिली एंटरटेनमेंट का पूरा पैकेज
फिल्म- भूत बंगला (Bhoot Bangla)
स्टारकास्ट- अक्षय कुमार, वामिका गब्बी, तब्बू, परेश रावल, राजपाल यादव
डायरेक्टर- प्रियदर्शन
रनटाइम- 2 घंटे 53 मिनट
स्टार- *** (3/5)
Bhoot Bangla Review: अगर आप अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की जोड़ी के पुराने कॉमिक अंदाज के फैन हैं, तो 'भूत बंगला' आपके लिए एक शानदार सिनेमाई ट्रीट साबित हो सकती है। लंबे समय से दर्शक अक्षय को उनके क्लासिक कॉमेडी अवतार में देखने की मांग कर रहे थे और ये फिल्म उसी कमी को काफी हद तक पूरा करती नजर आती है।

हल्की-फुल्की, फैमिली एंटरटेनर है 'भूत बंगला'
खास बात ये है कि हाल ही में रिलीज हुई गंभीर फिल्मों के बाद दर्शकों को एक हल्की-फुल्की, फैमिली एंटरटेनर की जरूरत थी और 'भूत बंगला' उस खालीपन को भरती दिखती है। फिल्म 'भूत बंगला' आज यानी 17 अप्रैल 2026 से सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है और लोग इसे काफी पसंद कर रहे हैं।
फिल्म की कहानी: शादी, महल और रहस्यमयी राक्षस का तड़का
-फिल्म की कहानी अर्जुन आचार्य (अक्षय कुमार) के इर्द-गिर्द घूमती है जो लंदन से भारत अपने पुश्तैनी महल में लौटते हैं। उनका मकसद अपनी बहन की शादी धूमधाम से करवाना होता है लेकिन इस महल में एक खौफनाक राज छिपा है।
-'वधु सुर' नाम का एक रहस्यमयी राक्षस हर दुल्हन को अपने साथ ले जाता है, जिससे पूरे इलाके में डर का माहौल बना हुआ है। अब सवाल ये है कि इस डर के साए में शादी कैसे होगी। यही फिल्म का मुख्य आकर्षण है जिसका जवाब आपको सिनेमाघरों में ही मिलेगा।
कैसी है फिल्म: हंसी और डर का मिक्स पैकेज
-'भूत बंगला' एक ऐसी फिल्म है जो न तो बहुत शानदार है और न ही निराश करती है बल्कि बीच का संतुलन बनाए रखती है। प्रियदर्शन की फिल्मों की तरह इसमें भी वही पुराना अंदाज देखने को मिलता है जो आपको 'भूल भुलैया' और 'जानी दुश्मन' जैसी फिल्मों की याद दिलाता है। कहानी में नया कुछ खास नहीं है लेकिन प्रेजेंटेशन इसे दिलचस्प बनाता है।
-फिल्म का पहला हिस्सा काफी हल्का और कॉमिक है जहां दर्शकों को खूब हंसने का मौका मिलता है। इंटरवल एक अच्छे मोड़ पर आता है जबकि दूसरा हिस्सा हॉरर और ट्विस्ट से भरा हुआ है। क्लाइमैक्स दर्शकों को चौंकाने की कोशिश करता है। हालांकि कुछ जगहों पर फिल्म की रफ्तार धीमी पड़ती है और लॉजिक पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया है जो इस तरह की फिल्मों में आम बात है।
-VFX औसत दर्जे के हैं और फिल्म थोड़ी छोटी हो सकती थी, खासकर सेकंड हाफ में। म्यूजिक की बात करें तो 'राम जी भली करेंगे' को छोड़कर कोई गाना खास याद नहीं रह पाता। फिर भी जो दर्शक पुराने स्टाइल की कॉमेडी पसंद करते हैं, उन्हें ये फिल्म जरूर पसंद आएगी।
स्टारकास्ट की एक्टिंग: अक्षय-राजपाल-परेश की तिकड़ी ने मचाया धमाल
-एक्टिंग की बात करें तो अक्षय कुमार ने वही किया है जिसकी उनके फैंस को लंबे समय से उम्मीद थी। उनकी कॉमिक टाइमिंग और स्क्रीन प्रेजेंस फिल्म को मजबूती देती है। राजपाल यादव एक बार फिर अपने शानदार कॉमिक अंदाज से हंसी के फव्वारे छोड़ते हैं।
-परेश रावल का काम भी बेहद प्रभावशाली है और इन तीनों की तिकड़ी ही फिल्म की असली ताकत बनकर उभरती है। असरानी को पर्दे पर देखना नॉस्टैल्जिक अनुभव देता है। तब्बू हर सीन में अपनी छाप छोड़ती हैं जबकि वामिका गब्बी स्क्रीन पर उम्मीद से कम नजर आती हैं। जीशु सेनगुप्ता और मिथिला पालकर ने अपने किरदारों को ठीक-ठाक निभाया है।
राइटिंग और डायरेक्शन: पुराना स्टाइल, वही ट्रीटमेंट
फिल्म की कहानी आकाश कौशिक ने लिखी है जिसमें नया पन कम नजर आता है। कहानी का बेसिक प्लॉट पहले भी कई फिल्मों में देखा जा चुका है। प्रियदर्शन का निर्देशन उनके पुराने स्टाइल की याद दिलाता है जो कुछ दर्शकों को पसंद आएगा लेकिन नई पीढ़ी को शायद उतना कनेक्ट न कर पाए।
फैमिली के साथ एंटरटेनमेंट की गारंटी
कुल मिलाकर 'भूत बंगला' एक फैमिली फ्रेंडली फिल्म है जिसे आप बिना ज्यादा सोच-विचार के इन्जॉय कर सकते हैं। अगर आप अक्षय कुमार के पुराने कॉमिक अंदाज के फैन हैं तो ये फिल्म आपको निराश नहीं करेगी। हल्की-फुल्की हंसी, थोड़ा डर और ढेर सारा एंटरटेनमेंट, यही इस फिल्म की खासियत है।













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