Delhi-NCR Weather Update: दिल्ली-NCR में हीटवेव की दस्तक! IMD ने बताया राजधानी में कब होगी बारिश?
Delhi-NCR Weather Update: राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों (NCR) में रहने वाले लोगों के लिए आने वाले दिन काफी चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा बुलेटिन में चेतावनी दी है कि दिल्ली-एनसीआर में भीषण गर्मी का दौर शुरू होने वाला है।
एक तरफ जहां सूरज की तपिश बढ़ने वाली है, वहीं दूसरी ओर इस साल मानसून को लेकर आई रिपोर्ट ने किसानों और आम जनता की चिंता बढ़ा दी है।

दिल्ली-NCR: तापमान में 3 डिग्री तक उछाल की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में जो गर्मी महसूस की जा रही है, वह अभी और सताएगी। अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोतरी होने का अनुमान है। 17 अप्रैल को दिल्ली-एनसीआर में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे।
हालांकि, उमस और गर्मी बरकरार रहेगी। शाम के समय कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी की संभावना है, जिससे तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है। 18 अप्रैल को भी आसमान में बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन बारिश की संभावना न के बराबर है। 18 अप्रैल के बाद रविवार से धूप और कड़ी होगी, जिससे लू (Heatwave) जैसे हालात बन सकते हैं।
Delhi-NCR Kab Hogi Barish: हरियाणा के उत्तरी और पश्चिमी जिलों में बारिश का अलर्ट
हरियाणा के उत्तरी और पश्चिमी जिलों के निवासियों के लिए मौसम विभाग ने कुछ राहत भरी खबर दी है। 17 और 18 अप्रैल को हरियाणा के कुछ हिस्सों और एनसीआर में पड़ने वाले हरियाणा के जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि यह बारिश बहुत संक्षिप्त होगी और इससे बढ़ते तापमान पर कोई स्थाई असर नहीं पड़ेगा।
क्या है अल नीनो? जो मानसून पर फेर सकता है पानी
गर्मी की मार के बीच IMD ने इस साल के मानसून को लेकर एक चिंताजनक रिपोर्ट जारी की है। IMD के मुताबिक, इस साल देश में सामान्य से कम (Below Normal) मानसून रहने की संभावना है। इस साल मानसून के कमजोर रहने की मुख्य वजह अल नीनो (El Nino) का सक्रिय होना बताया जा रहा है।
जून में एल नीनो (El Nino) की स्थिति बनने की आशंका जिससे दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रभावित हो सकता है। खेती और जल संसाधनों पर असर पड़ सकता है। भारत जैसे कृषि प्रधान देश के लिए कमजोर मानसून चिंता का विषय माना जा रहा है।
प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह के गर्म होने की स्थिति को अल नीनो कहा जाता है। तीन साल के अंतराल के बाद जून 2026 में इसके फिर से उभरने की आशंका है। भारतीय कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था के लिए मानसून किसी लाइफलाइन से कम नहीं है। यदि अल नीनो के कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रभावित होता है, तो इसका सीधा असर फसलों की पैदावार और खाद्य कीमतों पर पड़ सकता है।
IMD ने दी सावधानी बरतने की सलाह
बढ़ते तापमान को देखते हुए डॉक्टरों और मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। लू और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए अधिक मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन करें और सूती कपड़े पहनें।
दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए आने वाले दिन गर्मी और उमस से भरे रहने वाले हैं। हल्की बारिश के बावजूद राहत की उम्मीद कम है, जबकि तापमान में बढ़ोतरी से परेशानी और बढ़ सकती है। साथ ही, कमजोर मानसून की आशंका ने आने वाले समय के लिए भी चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में जरूरी है कि लोग सावधानी बरतें, पर्याप्त पानी पिएं और तेज धूप से बचें।














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