Israel-Lebanon War: लेबनान पर कभी भी हमला कर सकता है इजराइल, क्या हिज्बुल्लाह में देश बचाने की ताकत है?
Israel-Lebanon War: इजराइल ने मंगलवार को हिज्बुल्लाह को "पूरी तरह से युद्ध" की संभावना के बारे में चेतावनी दी है, जब लेबनानी आतंकवादी समूह ने कथित तौर पर एक धमकी वाला ड्रोन फुटेज जारी किया है, जिसमें इजराइली शहर हाइफा को दिखाया गया है। 9 मिनट के इस वीडियो में इजराइल के सुरक्षा ठिकानों और नागरिक आवास को दिखाया गया है।
इस वीडियो फुटेज के जरिए इजराइल ने लेबनान में फुल स्केल युद्ध शुरू करने की चेतावनी दी है और अलजजीरा की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइली सेना ने कहा है, कि उसे युद्ध की तैयारी शुरू करने की इजाजत मिल गई है। माना जा रहा है, कि कभी भी इजराइली सैनिक लेबनान में दाखिल हो सकती है या फिर लेबनान में इजराइली हवाई हमले शुरू हो सकते हैं।

माना जा रहा है, कि अगर लेबनान के अंदर इजराइल हमले शुरू करता है, तो ये युद्ध काफी विनाशक हो सकती है और वैसी ही तबाही मच सकती है, जैसी तबाही गाजा में देखी जा रही है। इजराइल ने कहा है, कि अगर उसके सैनिक लेबनान के अंदर दाखिल होते हैं, तो इस संगठन का नामो-निशान मिटा दिया जाएगा।
लिहाजा, सवाल उठ रहे हैं, कि क्या हिज्बुल्लाह के अंदर इजराइल को रोकने की ताकत है? आइये जानते हैं।
इजराइल बनाम हिज्बुल्लाह: अतीत में भी लड़ चुके दोनों
जुलाई 2006 में हिज़्बुल्लाह ने अपनी सीमा पर दो इजरायली लड़ाकों को पकड़ लिया था, जिसके बाद इजरायल की ओर से बड़े पैमाने पर सैन्य प्रतिक्रिया हुई थी। युद्ध 34 दिनों तक चला और जिसमें 1100 से ज्यादा हिज़्बुल्लाह के सैनिक मारे गये थे। वहीं, 165 इजरायली सैनिक भी मारे गए थे। हालांकि, किसी ने निर्णायक रूप से युद्ध नहीं जीता, लेकिन लेबनानी नागरिक स्पष्ट रूप से हारे हुए थे। रेड क्रॉस की अंतर्राष्ट्रीय समिति के मुताबिक, इजराइल ने लेबनान में लगभग 30,000 घरों, 109 पुलों और 78 मेडिकल फैसिलिटीज को नष्ट या क्षतिग्रस्त कर दिया था।
वाशिंगटन डीसी में एक थिंक टैंक अटलांटिक काउंसिल के हिज्बुल्लाह विशेषज्ञ निकोलस ब्लैनफोर्ड के मुताबिक, हिज्बुल्लाह के पास इजराइल पर हमला करने के लिए डेढ़ लाख से ज्यादा कम दूरी की मिसाइलें हैं। ब्लैनफोर्ड ने कहा, कि "मुझे लगता है कि हिज़्बुल्लाह के पास इजराइल को बहुत बड़ी क्षति पहुंचाने की क्षमता है।"

हिज्बुल्लाह की सैन्य क्षमता कितनी है?
ब्लैनफोर्ड ने अनुमान लगाया है, कि हिज्बुल्लाह2 के पास कम से कम 60,000 लड़ाके हैं, जिनमें पूर्णकालिक और रिजर्व सैनिक भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, कि समूह ने मिसाइलों के अपने भंडार को भी 2006 में 14,000 से बढ़ाकर अब लगभग 150,000 कर लिया है। इनमें ज्यादातर मिसाइलें कम दूरी की हैं। लेकिन, हिज़्बुल्लाह के पास ईरान में बनी सटीक-निर्देशित मिसाइलें भी हैं, जिनकी मारक क्षमता 300 किमी है।
ब्लैनफोर्ड ने कहा, कि हिज्बुल्लाह की "विशेष बल" इकाई को युद्ध की स्थिति में इजराइल में घुसपैठ करने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। मिडिल ईस्ट इंस्टीट्यूट में संघर्ष और संकल्प कार्यक्रम के निदेशक रांडा स्लिम ने भी कहा, कि सीरियाई युद्ध - जहां हिजबुल्लाह ने राष्ट्रपति बशर अल-असद के पक्ष में हस्तक्षेप किया, उसने समूह को अपनी युद्ध क्षमताओं में सुधार करने में सक्षम बनाया।

स्लिम ने कहा, हिज्बुल्लाह के पास "इजराइल को भारी नुकसान पहुंचाने" की क्षमता है, लेकिन वह इजराइल से जीत नहीं सकता है। उनका मानना है कि हिज्बुल्लाह, इजराइल के बेन-गुरियन हवाई अड्डे और प्रमुख बिजली ग्रिड जैसे देश के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को तबाह कर करने की क्षमता रखता है। लेकिन अंत में, इजराइल, पूरे लेबनान को मलबे में तब्दील करने की क्षमता रखता है और हिज्बुल्लाह का समूल नाश कर सकता है।
लेबनानी अमेरिकी विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय मामलों के एसोसिएट प्रोफेसर इमाद सलामे ने चेतावनी दी है, कि हिज्बुल्लाह के खिलाफ युद्ध से लेबनान में नागरिक संघर्ष हो सकता है, जो पहले से ही आर्थिक और राजनीतिक संकट से गुजर रहा है। उन्होंने कहा, कि ज्यादातर शिया लेबनानी नागरिकों के उत्तर के बहुसंख्यक ईसाई और सुन्नी शहरों में सांप्रदायिक तनाव पैदा हो सकता है। लेकिन, हर सूरत में लेबनान का बर्बाद होना तय है।












Click it and Unblock the Notifications