शख्स ने पूरे बैंक को बंदूक के दम पर बनाया बंधक, बाहर समर्थन में लग रहे थे नारे, आरोपी क्यों बना हीरो?

रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार को 42 साल के बासम अल-शेख हुसैन ने बेरूत में एक बन्दूक और गैसोलीन के एक जेरीकेन के साथ फेडरल बैंक की शाखा में प्रवेश किया था।

लेबनान, अगस्त 12: लेबनान में एक अजीबोगरीब वाकया देखने को मिला है, जब एक ग्राहक को अपना ही जमा पैसा निकालने के लिए पूरे बैंक कर्मचारियों को बंधक बनाना पड़ा। ये ड्रामा कई घंटे तक चलता रहा, लेकिन आरोपी शख्स तनिक भी पीछे नहीं हुआ। आरोपी ने पूरे बैंक में गैसोलीन की छिड़काव कर दी थी, और धमकी दी थी, कि अगर किसी ने चालाकी की कोशिश की, तो वो पूरे बैंक में आग लगा देगा। वहीं, बैंक के बाहर आरोपी के समर्थन में सैकड़ों लोग जमा हो गये थे और आरोपी के समर्थन में नारे लगा रहे थे।

सात घंटे तक बनाए रखा बंधक

सात घंटे तक बनाए रखा बंधक

रिपोर्ट के मुताबिक, लेबनान के एक बैंक में 10 लोगों को बंधक बनाने वाले एक बंदूकधारी ने सात घंटे तक चले गतिरोध के बाद गुरुवार को खुद को पुलिस के हवाले कर दिया और इस दौरान सबसे अच्छी बात ये हुई, कि कोई भी घायल नहीं हुआ। बैंक को बंधक बनाने वाले आरोपी का नाम बासम अल-शेख हुसैन है, जो फूड डिलीवरी ड्राइवर का काम करता है और उसने कहा कि, उसे अपने पिता का इलाज करना था, इसीलिए उसने ऐसा कदम उठाया। बासम अल-शेख हुसैन ने कहा कि, उसे बैंक से पैसे निकालकर पिता के मेडिकल बिलों का भुगतान करना था, जो काफी जरूरी था।

कैसे बनाया बैंक को बंधक

कैसे बनाया बैंक को बंधक

रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार को 42 साल के बासम अल-शेख हुसैन ने बेरूत में एक बन्दूक और गैसोलीन के एक जेरीकेन के साथ फेडरल बैंक की शाखा में प्रवेश किया और उसने तमाम बैंक कर्मचारियों को बंधक बना लिया। वहीं, बासम अल-शेख हुसैन के परिवार का कहना है, कि उसके खाते में 2 लाख 10 हजार डॉलर जमा हैं, लेकिन बैंक वाले अपने ही पैसे देने के लिए उसे परेशान कर रहे थे। रिपोर्ट के मुताबिक, दुकान के अंदर दाखिल होने के बाद आरोपी बासम अल-शेख हुसैन ने बैंक के सात-आठ कर्मचारियों को बंधक बना लिया और इस दौरान बैंक में मौजूद दो ग्राहक भी बंधक बन गये। वहीं, एक सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि, आरोपी ने पूरे बैंक में गैसोलीन छिड़क दिया था, जिससे बैंक में आग लगने की खतरा थी।

बैंक से पैसे नहीं निकाल पा रहा था आरोपी

बैंक से पैसे नहीं निकाल पा रहा था आरोपी

आपको बता दें कि, लेबनान इस वक्त एक गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है और आधुनिक इतिहास में देश का सबसे खराब समय इस वक्त चल रहा है। देश में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति काफी कम हो गई है, जबकि स्थानीय मुद्रा में गिरावट के कारण बैंकों को निकासी पर कड़े प्रतिबंध लगाने पड़े हैं। वहीं, जिन लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई बैंक में जमा कर रखी थी, उनके पैसे भी फंस गये हैं और लोग जरूरत के काम के लिए भी बैंक से पैसे नहीं निकाल पा रहे हैं। वहीं, लेबनान में विदेशों में पैसा ट्रांसफर करने पर भी रोक लगा दी गई है। वहीं, अब आरोपी बंदूकधारी के समर्थन में केस लड़ने वाले वकील अबू ज़ौर ने कहा कि, 'इस आर्थिक संकट में हम बैंक से पैसे नहीं निकाल पा रहे हैं और ने पैसे निकालने के लिए सौ नियम बना दिए हैं और ये राज्य की विफलता है, लेकिन सरकार की गलती का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।' उन्होंने कहा कि, काफी कम राशि के लिए भी लोगों को बैंकों के सामने घंटो रहना पड़ता है और ये ऐसा है, मानो लोग भीख मांगने के लिए खड़े हों। उन्होंने कहा कि, अब लोगों ने मामले को अपने हाथों में लेना शुरू कर दिया है।

बंदूकधारी को हीरो बता रहे लोग

वहीं, इस बंदूकधारी को अब देश के लोगों ने हीरो बना दिया है और जब आरोपी हुसैन बैंक के अंदर था और उसने जब लोगों को बंधक बनाकर रखा हुआ था, उस वक्त उसके समर्थन में हजारों लोगों की भीड़ बैंक के बाहर खड़ी हो गई और उसके समर्थन में नारेबाजी की जा रही थी। वहीं, लोग आरोपी हुसैन को एक हीरो बता रहे हैं। वहीं, आरोपी के भाई ने कहा कि, "मेरा भाई बदमाश नहीं है। वह एक सभ्य आदमी है'। हुसैन के भाई अतेफ ने गतिरोध के दौरान कहा कि, वह बैंक से अपनी ही मेहनत की कमाई लेने के लिए गया है। वहीं, हुसैन की पत्नी मरियम चेहादी ने बैंक के बाहर संवाददाताओं से कहा कि, उनके पति ने "वही किया जो उन्हें करना था।" घंटों की बातचीत के बाद, हुसैन के वकील ने कहा कि, वह अपनी बचत का 35,000 डॉलर प्राप्त करने के बाद उसने अपने आप को पुलिस के हवाले कर दिया है।

लेबनान में अब होने लगी हैं ऐसी घटनाएं

वहीं, लेबनान के बैंक कर्मचारी संघ के प्रमुख जॉर्ज अल-हज ने कहा कि, "इसी तरह की घटनाएं होती रहती हैं और हमें एक सख्त समाधान की जरूरत है।" उन्होंने कहा कि, "जमाकर्ता अपना पैसा चाहते हैं और दुर्भाग्य से उनका गुस्सा बैंक कर्मचारियों पर फूट रहा है, क्योंकि वे मैनेजमेंट तक पहुंच नहीं पाते हैं।" आपको बता दें कि, लेबनान को लेकर आशंका जताई गई है, कि ये देश अभी और भी खतरनाक संकट में फंस सकता है।

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