अमेरिका में 2 लाख IT कर्मचारियों की नौकरी छिनी, H1B वीजा वाले हजारों भारतीयों को छोड़ना पड़ेगा देश
अगर नौकरी से निकाले जाने के 60 दिनों के भीतर इन्हें कहीं नौकरी नहीं मिलती है तो इन्हें अमेरिका छोड़ भारत आना पड़ेगा। ऐसे दौर में जब सभी आईटी कंपनियां छंटनी कर रही है तो नई नौकरी मिलना बेहद मुश्किल लग रहा है।

Image: Oneindia
2023 नौकरीपेशा लोगों के लिए एक बुरा सपना बनता जा रहा है। दुनिया भर में हर तरफ छंटनी चल रही है। सबसे बुरी स्थिति अमेरिका स्थित IT कंपनियों की है। इन कंपनियों में बीते साल के आखिर से ही छंटनी शुरू हो गई जो कि रुकने का नाम ही नहीं ले रही है। इसका सबसे अधिक खामियाजा भारतीय लोगों को उठाना पड़ रहा है।

बीते 3 महीने में 2 लाख छंटनी
अमेरिका में रह रहे हजारों भारतीय जो Google, Microsoft और Amazon जैसी कंपनियों में छंटनी के कारण अपनी नौकरी गंवा चुके हैं अब एक नई परेशानी से जूझ रहे हैं। इन हजारों भारतीय आईटी पेशेवरों को अब अमेरिका में रहने के लिए अपने कार्य वीजा के तहत नया रोजगार ढूंढने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। द वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, पिछले साल नवंबर से अब तक लगभग 2 लाख आईटी कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है। इनमें सबसे अधिक छंटनी Google, Microsoft, Facebook और Amazon जैसी बड़ी कंपनियों में हुई है।

वीजाधारक लोगों का US में रहना हुआ मुश्किल
उद्योग जगत के कुछ अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक इनमें से 40 फीसदी के लगभग यानी कि 80 हजार के आसपास भारतीय आईटी पेशेवर हैं जो बड़ी संख्या में h1b और l-1 वीजा पर अमेरिका में रह रहे हैं। आपको बता दें कि h1b वीजा एक गैर-आप्रवासी वीजा है। यह आमतौर पर उन लोगों को जारी किया जाता है, जो रोजगार के आधार पर स्थाई निवासी का दर्जा हासिल करना चाहते हैं। इस वीजा को एक निश्चित अवधि के लिए जारी किया जाता है। यानी अमेरिका में कंपनियां अगर किसी विदेशी नागरिक को नौकरी देना चाहती है तो कर्मी इसी वीजा के जरिये कंपनी में काम कर पाते हैं।

जल्दी ढूंढनी होगी दूसरी नौकरी
इसी तरह L-1A और L-1B वीजा ऐसे लोगों को जारी किया जाता है जो खास किस्म की विशेषज्ञता रखते हैं। ऐसे लोग अक्सर कंपनियों में मैनेजमेंट लेवल पर होते हैं। इनका ट्रांसफर कंपनी की अलग-अलग शाखाओं में होते रहता है। रिपोर्ट के मुताबिक अब नौकरी जाने के बाद ऐसे लोगों अमेरिका में रहने के विकल्पों की तलाश करनी पड़ रही है। ये चाह रहे हैं कि जल्द से जल्द इन्हें किसी और कंपनी में कोई नौकरी मिल जाए ताकि ये अमेरिका में रहने की व्यवस्था कर सके।

बस 60 दिनों का है वक्त
अगर नौकरी से निकाले जाने के 60 दिनों के भीतर इन्हें कहीं नौकरी नहीं मिलती है तो इन्हें अमेरिका छोड़ भारत आना पड़ेगा। हालांकि मौजूदा परिस्थितियों में जब सभी आईटी कंपनियां छंटनी कर रही है तो ऐसे में लोगों को लगता है कि इतनी जल्दी दोबारा नौकरी मिलना असंभव है।
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