किलाएवा ज्वालामुखी का लावा अब प्रशांत महासागर की ओर बढ़ा, भयानक है हवाई का माहौल
हवाई द्वीप में पिछले करीब 20 माह से खतरनाक ज्वालामुखी किलाएवा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। इस ज्वालामुखी का लावा अब प्रशांत महासागर की तरफ बढ़ रहा है। इस लावा की वजह से अब कई जहरली गैंसें और शीशे के टुकड़ें वातावरण में घुल गए हैं।
होनोलुलू। हवाई द्वीप में पिछले करीब 20 माह से खतरनाक ज्वालामुखी किलाएवा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। इस ज्वालामुखी का लावा अब प्रशांत महासागर की तरफ बढ़ रहा है। इस लावा की वजह से अब कई जहरली गैंसें और शीशे के टुकड़ें वातावरण में घुल गए हैं। इसकी वजह से यहां के नागरिकों को काफी परेशानियों का सामना करने को मजबूर होना पड़ रहा है। अधिकारियों के मुताबिक लावा से हाइड्रोक्लोरिक एसिड और शीशे के टुकड़ों के साथ भांप निकल रहीं है और हवा में घुल चुकी है। हवाई में इस ज्वालामुखी की वजह से 20 से ज्यादा घर तबाह हो चुके हैं और कई लोग अपने-अपने घरों को छोड़कर जा चुके हैं।

कब शांत होगा ज्वालामुखी
वैज्ञानिकों की मानें तो हवाई का किलाएवा ज्वालामुखी कब भड़कना बंद करेगा कोई नहीं जानता, हो सकता है इसमें कुछ दिन लगे, कुछ हफ्ते लगे या फिर कई वर्ष भी लग सकते हैं। वर्तमान हालातों में इस बात की भविष्यवाणी नहीं की जा सकती है। हवाई काउंटी सिविल डिफेंस एजेंसी की ओर से कहा गया है कि लावा की वजह से फेफड़ों, आंखों और त्वचा को खासा नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा है कि शीशे के टुकड़े हवा में मिले हुए है और बिना किसी पूर्व चेतावनी के ये अपनी दिशा बदल सकते हैं।

वॉरजोन जैसे आ रही आवाजें
अमेरिकी कोस्ट गार्ड इस इलाके पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों को तटों से दूर रख रहे हैं। सिर्फ पहले से मंजूरी पाई हुईं टूरिस्ट्स नावों को ही इलाके में आने की मंजूरी दी गई है। सिविल डिफेंस एजेंसी की ओर से बताया गया है कि लावा अब महासागर में प्रवेश कर रहा है और इससे सल्फर डाई ऑक्साइड है। इस खतरनाक गैस की वजह से स्थिति और भी खतरनाक होती जा रही है। उन्होंने बताया कि ज्वालामुखी में विस्फोट जारी है और साथ ही भूकंप भी आ रहा है। एक रेडियो जॉकी के मुताबिक इलाके में बिल्कुल वैसी आवाजें आ रही हैं जैसी किसी वॉर जोन से आती हैं।

रेफ्रिजरेटर जितने बड़े कण
वहीं हवाई के अधिकारियों की ओर से बताया गया है कि इस लावा की वजह से अब एक व्यक्ति घायल हो गया है। लावा से निकले कण उसके पैरे में लग गए और अब इस व्यक्ति का इलाज जारी है। यह व्यक्ति थर्ड फ्लोर पर स्थित अपने घर की बालकनी में खड़ा था जब उसे लावा के कण लग गए थे। लावा के कण रेफ्रिजरेटर जितने विशाल भी हो सकते हैं और किसी छोटे कंकड़ की तरह भी हो सकते हैं। लेकिन दोनों आकार में ही यह कण किसी की जान लेने के लिए काफी हैं।

आध्यात्मिक वजह से फटा ज्वालामुखी
वैज्ञानिकों का कहना है कि हवा में ज्वालामुखी का लावा 200 फीट या 61 मीटर से भी ज्यादा है। यहां से अब तक 1700 लोगों को निकाला गया है। हवाई में बसे पुराने लोगों का मानना है कि ज्वालामुखी की देवी पेले पर सबकुछ निर्भर है जो किलाएवा में ही रहती हैं। यहां के स्थानीय नागरिक स्टीव क्लैपर से जब पूछा गया कि वह लीलानी एस्टेट के अपने घर में कब वापस आएंगे तो उनका कहना था कि अब आपको यह सवाल पेले से पूछना होगा। हवाई में ज्वालामुखी ब्लास्ट के बाद इमरजेंसी घोषित कर दी गई थी।












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