लश्कर और TRF बदल रहे अपना अड्डा, मुरीदके 'टेरर फ्री'! अब नया हेडक्वार्टर कहां? US ने किया बड़ा ऐलान
Lashkar-e-Taiba TRF Headquarters Relocated: पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और उसका सहयोगी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) अपने मुख्यालय को पंजाब प्रांत के मुरीदके से करीब 400 किलोमीटर दूर बहावलपुर में स्थानांतरित कर रहे हैं। भारतीय खुफिया एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी सेना दोनों संगठनों को एक ही स्थान पर स्थापित करने की योजना बना रही है, जिस पर भारत की पैनी नजर है।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद, जिसमें 26 पयर्टकों की जान गई थी, अमेरिका ने TRF को विदेशी आतंकी संगठन (FTO) घोषित कर दिया है। गुरुवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बयान जारी कर कहा, 'यह कार्रवाई ट्रम्प प्रशासन की राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और पहलगाम हमले के लिए न्याय की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।'

TRF: लश्कर का नया चेहरा
2019 में अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद गठित TRF को पाकिस्तान ने कश्मीर में 'स्वतंत्रता संग्राम' के नाम पर एक स्वदेशी संगठन के रूप में पेश किया था। इसका मकसद वैश्विक आतंकवाद-रोधी वित्तीय निगरानी संस्थाओं और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचना था। हालांकि, खुफिया सूत्रों ने साफ किया कि TRF लश्कर-ए-तैयबा का ही एक नया रूप है, जो पाकिस्तानी सेना के इशारे पर काम करता है। पहलगाम हमला इसकी घाटी को अस्थिर करने की साजिश का हिस्सा था।
पाकिस्तान की पुरानी रणनीति
इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्र बताते हैं कि TRF का गठन पाकिस्तान की उस चाल का हिस्सा है, जिसमें वह आतंकी संगठनों को नया नाम देकर अंतरराष्ट्रीय जांच से बचने और 'स्थानीय प्रतिरोध' की आड़ में सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देता है। खुफिया जानकारी, मानव स्रोतों और डिजिटल फोरेंसिक ट्रेल्स से पता चला है कि TRF पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के सीधे निर्देशों पर काम कर रहा था। हमले का समय भी संदिग्ध है, जो पाकिस्तान में बढ़ती घरेलू अशांति और जनरल मुनीर की कार्रवाइयों पर वैश्विक आलोचना के साथ मेल खाता है। इसका उद्देश्य दुनिया का ध्यान भटकाना था।
ऑपरेशन सिंदूर: भारत का करारा जवाब
मई 2025 में भारत के ऑपरेशन सिंदूर के तहत लश्कर-ए-तैयबा के मुरीदके स्थित ठिकाने और बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद के गढ़ जामिया सुभान अल्लाह पर सटीक हमले किए गए थे। इन हमलों ने आतंकी संगठनों को भारी नुकसान पहुंचाया, जिसके बाद लश्कर और TRF ने अपना ठिकाना बदलने का फैसला किया।
क्यों चुना बहावलपुर?
बहावलपुर, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का एक घनी आबादी वाला क्षेत्र है, जो पहले से ही जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ रहा है। यहां लश्कर और TRF का मुख्यालय एक साथ स्थापित करना पाकिस्तानी सेना की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। भारतीय खुफिया एजेंसियां इस गतिविधि पर कड़ी नजर रख रही हैं, क्योंकि यह क्षेत्र भारत की सीमा से सटे होने के कारण आतंकी गतिविधियों के लिए संवेदनशील है।
भारत की मांग: आतंकियों पर कार्रवाई
भारत ने पाकिस्तान से बार-बार आतंकी संगठनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "लश्कर और TRF की गतिविधियां पाकिस्तान के आतंकवाद को पनाह देने की नीति को उजागर करती हैं। इन संगठनों को खत्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकजुट होना होगा।"
क्या है आगे की चुनौती?
लश्कर और TRF का बहावलपुर में नया ठिकाना भारत के लिए बड़ी चुनौती है। यह क्षेत्र पहले से ही आतंकी गतिविधियों का केंद्र रहा है, और अब दो बड़े संगठनों का एक साथ वहां जमावड़ा खतरनाक साबित हो सकता है। भारतीय खुफिया एजेंसियां इन गतिविधियों पर नजर रख रही हैं, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान पर दबाव बढ़ाने की अपील की जा रही है।
पाकिस्तान की आतंकवाद को शह देने की नीति एक बार फिर बेनकाब हुई है, और सवाल यह है कि क्या वह अपने वादों के मुताबिक कार्रवाई करेगा या आतंकियों को पनाह देना जारी रखेगा।
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