पृथ्वी की ओर बढ़ रहा अब तक का सबसे बड़ा धूमकेतु, 35000 KMPH है रफ्तार, जानें कैसे बचेंगे हम?
नई दिल्ली, 13 अप्रैल: हमारे अंतरिक्ष में बहुत से धूमकेतु घूमते रहते हैं, जिन्हें स्थानीय भाषा में 'पुच्छल तारा' भी कहा जाता है। ये आमतौर पर पत्थर, धूल, बर्फ और गैस के बने हुए छोटे-छोटे ब्लाक होते हैं, जो अपने रास्ते में आने वाले ग्रहों से टकरा जाते हैं। अब एक धूमकेतु के बारे में नासा ने अलर्ट जारी किया है, जो तेज रफ्तार से पृथ्वी की ओर बढ़ रहा।

इतिहास का सबसे बड़ा धूमकेतु
नासा के मुताबिक ये अब तक देखा गया सबसे बड़ा धूमकेतु है, जो 35 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंतरिक्ष में पृथ्वी की ओर बढ़ रहा है। इसका द्रव्यमान करीब 500 ट्रिलियन टन बताया जा रहा। इसका बर्फीला नाभिक लगभग 80 मील चौड़ा है, जो अन्य धूमकेतु की तुलना में 50 गुना ज्यादा बड़ा है।

2010 में पता चला
वैज्ञानिकों ने इसे C/2014 UN271 (Bernardinelli-Bernstein) नाम दिया है। इसको पहली बार नवंबर 2010 में देखा गया था। उस वक्त ये धूमकेतु तीन अरब मील की दूरी पर था। वहीं इसका द्रव्यमान धूमकेतुओं की तुलना में 100,000 गुना बड़ा है, जो आमतौर पर सूर्य के करीब पाए जाते हैं।

धूल की वजह से देखना मुश्किल
वैज्ञानिक पृथ्वी और अंतरिक्ष के अपने टेलीस्कोप की मदद से इसकी निगरानी कर रहे हैं। उनका मानना है कि 2031 में शनि की तुलना में हमसे दूर एक बिंदु पर इसकी यात्रा खत्म हो जाएगी। हाल ही में हबल स्पेस टेलीस्कोप ने इसकी नई तस्वीरें भेजी थीं, जिसके आधार पर नई गणनाएं की गई हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक धूमकेतु के चारों ओर धूल काफी ज्यादा होती है, जिस वजह से उसके किनारों को देखना मुश्किल होता है, लेकिन अब वो एडवांस तकनीकी से ऐसा कर लेते हैं।

कैसे बचेंगे हम?
नासा के वैज्ञानिकों के मुताबिक पृथ्वी की ओर आ रहे धूमकेतु की चौड़ाई 1287.48 किलोमीटर है। ये हमारे गृह की ओर आ तो रहा है, लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ये सूर्य से करीब 1.60 अरब किमी से ज्यादा नजदीक नहीं आएगा।












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