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दम घोंटू हवा हर साल छीन रहा दुनिया में 90 लाख लोगों की सांसे, भारत में सबसे ज्यादा लोगों की मौतें

नई दिल्ली, 18 मईः दुनिया भर में प्रदूषण के कारण होने वाली मौतों का सिलसिला बढ़ता जा रहा है। एक आंकड़े के मुताबिक 2019 में वायु प्रदूषण के कारण दुनिया भर में 90 लाख लोगों की जान गई। अगर भारत की बात की जाए तो यहां सबसे ज्यादा मौत हुई है। भारत में वायु प्रदूषण से 16.7 लाख लोगों ने अपनी जान गंवाई है। 2019 में भारत में हुई सभी मौतों का यह 17.8 फीसदी है। यह किसी भी देश में वायु प्रदूषण से हुई मौतों में सबसे अधिक है।

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    भारत में सर्वाधिक मौतें, दूसरे स्थान पर चीन

    भारत में सर्वाधिक मौतें, दूसरे स्थान पर चीन

    द लैंसेट प्लैनेटरी हेल्थ जर्नल के अनुसार दुनिया भर में 66.7 लाख लोगों की मौत सिर्फ वायु प्रदूषण से हुई है। 17 लाख लोगों की मृत्यु खतरनाक कैमिकल के इस्तेमाल से हुई है। भारत में प्रदूषण से सर्वाधिक 24 लाख लोग मारे गए हैं। दूसरे नंबर पर चीन है, जहां 22 लाख लोगों की मौत का कारण प्रदूषण है। भारत में वायु प्रदूषण से 16.7 लाख लोगों ने अपनी जान गंवाई है। इसमें से 9.8 लाख मौतें पीएम 2.5 प्रदूषण के कारण हुई हैं।

    इनडोर वायु प्रदूषण में कमी

    इनडोर वायु प्रदूषण में कमी

    रिपोर्ट के मुताबिक इनमें से 6.1 लाख घरेलू वायु प्रदूषण के कारण हुईं। हालांकि इनडोर वायु प्रदूषण मतलब स्टोव या अन्य चीजों के कारण घर के अंदर की हवा जहरीली होने और जल प्रदूषण जैसे कि मानव मल या जानवरों द्वारा प्रदूषित पानी से होने वाली मौतों की संख्या में कमी आई है। हालांकि इन कटौती की भरपाई औद्योगिक प्रदूषण जैसे परिवेशी वायु प्रदूषण और रासायनिक प्रदूषण के कारण हुई मौतों से हुई है।

    डब्ल्यूएचओ ने वायु गुणवत्ता दिशानिर्देश किए कड़े

    डब्ल्यूएचओ ने वायु गुणवत्ता दिशानिर्देश किए कड़े

    विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अनपे स्वास्थ्य आधारित वैश्विक वायु गुणवत्ता दिशानिर्देशों को काफी हद तक कड़ा कर दिया है। पीएम 2.5 के लिए दिए गए दिशा-निर्देश मूल्य 10 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से कमकर 5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर कर दिए गए हैं। इसका अर्थ यह लगाया जाए कि भारत में शायद ही कोई जगह हो जहां इन नियमों का पालन होता है।

    नई दिल्ली व आसपास के शहर सबसे अधिक प्रभावित

    नई दिल्ली व आसपास के शहर सबसे अधिक प्रभावित

    रिपोर्ट के मुताबिक भारत में इंडो-गंगेटिक मैदानी क्षेत्रों में सबसे अधिक वायु प्रदूषण की समस्या है। इस क्षेत्र में नई दिल्ली और कई प्रदूषित शहर शामिल हैं। घरों में बायोगैस का जलना भारत में वायु प्रदूषण के कारण हुई मौतों का सबसे बड़ा कारण है। इसके अलावा कोयला दहन और फसलों का जलाना वायु प्रदूषण से हुई मौतौं का सबसे बड़ा कारण है।लैंसेट की रिपोर्ट के मुताबिक ग्लोबल हेल्थ पर प्रदूषण का प्रभाव युद्ध, आतंकवाद, मलेरिया, एचआईवी, ट्यूबरक्लोसिस, ड्रग्स और शराब की तुलना में बहुत ज्यादा है।

    अमेरिका इस लिस्ट में शामिल एकमात्र विकसित देश

    अमेरिका इस लिस्ट में शामिल एकमात्र विकसित देश

    प्रदूषण के कारण सर्वाधिक 10 मौतों वाले देशों में अमेरिका एकमात्र विकसित देश है। यह सातवें स्थान पर है। 2019 में अमेरिका में 142,883 लोगों की मौत हुई। वैज्ञानिकों के मुताबिक दुनिया भर में प्रति एक लाख लोगों में से 117 लोगों की जान प्रदूषण की वजह से गई है। प्रदूषण से होने वाली मौत, सिगरेट पीने से हुई मौतों के लगभग बराबर है।

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