जानिए कौन हैं चीनी विशेषज्ञ प्रदीप रावत, जिन्हें भारत सरकार ने बनाया है चीन में राजदूत
चीनी विशेषज्ञ प्रदीप रावत को भारत ने चीन में दूत नियुक्त किया है, जानिए कौन हैं प्रदीप रावत?
नई दिल्ली, नवंबर 14: भारत सरकार ने प्रदीप कुमार रावत को चीन का नया राजदूत बनाया है। प्रदीप रावत को चीन से जुड़े मामलों का विशेषज्ञ माना जाता है और उन्होंने चीन को लेकर काफी अहम काम किया है। प्रदीप रावत भारतीय विदेश सेवा के 1990 बैच के अधिकारी हैं और भारत सरकार के पूर्वी एशिया डिविजन के प्रमुख भी हैं और अब उन्हें बीजिंग में नियुक्त किया गया है। वर्तमान विक्रम मिश्री सचिव के रूप में नई दिल्ली लौट रहे हैं। रावत जनवरी 2021 से नीदरलैंड में दूत हैं।

कौन हैं प्रदीप रावत
मंदारिन चीनी में धाराप्रवाह बोलने वाले प्रदीप रावत ने अपने राजनयिक करियर का ज्यादातर हिस्सा या तो चीन में या दिल्ली से बीजिंग को संभालने में बिताया है और 2014 से 2017 तक संयुक्त सचिव (पूर्वी एशिया) थे। उन्हें 2017 से 2020 तक एक राजदूत के रूप में इंडोनेशिया में तैनात किया गया था। प्रदीप रावत की पोस्टिंग ऐसे समय में हुई है, जब भारत और चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के साथ सैन्य बुनियादी ढांचे और हथियारों को मजबूत करने के साथ गंभीर घर्षण का सामना कर रहे हैं।

तनाव के बीच नई जिम्मेदारी
बीजिंग द्वारा मई 2020 में पैंगोंग त्सो के उत्तरी तट पर यथास्थिति को एकतरफा रूप से बदलने के निर्णय के बाद भारतीय सेना और पीएलए लद्दाख में 1597 किलोमीटर एलएसी पर पूरी तरह से तैनात हैं। चीनी आक्रमण के कारण जून 2020 में गलवान घाटी में झड़प भी हुई थी, जहां भारतीय सेना ने कर्नल संतोष बाबू सहित 20 कर्मियों को खो दिया था, लेकिन चीन की सेना को भी काफी नुकसान पहुंचा था, जिसके बारे में चीन ने आज तक वास्तविक जानकारी नहीं दी है। रावत की नियुक्ति में मोदी सरकार ने एक ऐसे राजनयिक पर विश्वास किया है, जिसकी द्विपक्षीय संबंधों पर बड़ी संस्थागत स्मृति है और उन्हें बीजिंग से अपने उद्देश्य के मुताबिक, ऐतिहासिक तथ्यों के मुताबिक काम करने के लिए जाना जाता है।

शांत व्यवहार के लिए जाने जाते हैं प्रदीप
प्रदीप रावत वर्तमान में भारतीय विदेश मंत्री और तत्कालीन भारतीय विदेश सचिव एस. जयशंकर के साथ उनके पूर्वी एशिया डिवीजन प्रमुख के रूप में काम कर चुके हैं। एस. जयशंकर के साथ प्रदीप रावत ने सभी द्विपक्षीय तंत्रों को संभाला है और अपने शांत और पेशेवर व्यवहार के लिए जाने जाते हैं। चीन में इस वक्त राजदूत के तौर पर तैनात विक्रम मिश्री बीजिंग में एक सफल कार्यकाल के बाद विदेश मंत्रालय में सचिव के रूप में दिल्ली लौट चुके हैं, जहां उन्होंने लद्दाख संकट को समभाव से संभाला था। 1989 बैच के आईएफएस अधिकारी मिश्री चीन पर अपनी अर्जित विशेषज्ञता मंत्रालय को प्रदान करने में सक्षम होंगे क्योंकि यह दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों के सामान्य होने में काफी समय लगेगा।
-
Iran Vs America: विदेश मंत्री जयशंकर पर क्यों भड़कीं पाकिस्तानी नेता हिना रब्बानी, ईरान युद्ध के बीच बवाल -
Uttar Pradesh LPG Cylinder Price Today List: गैस सिलेंडर Lucknow में कितना महंगा? 39 जिलों में कितना है रेट? -
बिहार के जलप्रपात बन रहे नए टूरिस्ट हॉटस्पॉट, इको टूरिज्म को मिल रहा बढ़ावा -
Bihar News: प्राकृतिक सुंदरता, वन्यजीव और झील-झरनों की ओर बढ़ रहा पर्यटकों का रुझान, बिहार बन रहा इको टूरिज्म हब -
बांग्लादेश के राजदूत रियाज़ हामिदुल्लाह ने भारत के साथ संवेदनशील मुद्दों के सौहार्दपूर्ण समाधान का आह्वान किया। -
Gujarat News: मोदी सरकार के ‘जो कहना, वो करना’ मंत्र का उदाहरण: हर्ष संघवी -
Gold Rate Today: सोने में भारी गिरावट, रिकॉर्ड हाई से 50,000 सस्ती! अब आपके शहर में ये है 22k और 18K कीमत -
PM Modi Meeting: 'Lockdown की अफवाहों पर लगाम', PM की मुख्यमंत्रियों संग ढाई घंटे चली बैठक, दिए 8 मैसेज-List -
Gold Silver Price Today: सोना चांदी धड़ाम, सिल्वर 15,000 और गोल्ड 4000 रुपये सस्ता, अब इतनी रह गई कीमत -
Khamenei Last Photo: मौत से चंद मिनट पहले क्या कर रहे थे खामनेई? मिसाइल अटैक से पहले की तस्वीर आई सामने -
38 साल की फेमस एक्ट्रेस को नहीं मिल रहा काम, बेच रहीं 'ऐसी' Photos-Videos, Ex-विधायक की बेटी का हुआ ऐसा हाल -
Uttar Pradesh Petrol-Diesel Price: Excise Duty कटौती से आज पेट्रोल-डीजल के दाम क्या? 60 शहरों की रेट-List












Click it and Unblock the Notifications