'चक्रव्यूह' के चक्कर में अल-कायदा ने निकाली नरेंद्र मोदी पर भड़ास
नई दिल्ली। अल कायदा ने जिस तरह से अपने ताजा वीडियों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र किया है उससे एशिया वो भी खासकर भारत में अल कायदा की असफलता की हताशा साफ नजर आती है। पिछले साल एशिया में अपनी गतिविधि को बढ़ाने के लिए अल कायदा ने एशिया की नई विंग आसिम उमर की अगुवाई में शुरु की थी लेकिन उसे यहां हताशा और निराशा ही हाथ लगी। [मोदी के विरुद्ध पाकिस्तान का ऑपरेशन ब्लैक]
भारत के मुसलमानों की अल कायदा के प्रति बेरुखी ने इस आतंकी संगठन को निराश किया। हालांकि कुछ ऐसे मामले जरूर हैं जिसमें भारत के मुसलमान इन आतंकी संगठनों का समर्थन करते हैं और उनके लिए काम भी करते हैं लेकिन एक बड़े मुस्लिम तबके ने अल कायदा और उसकी विचारधारा को सिरे से खारिज कर दिया है।
ऑपरेशन चक्रव्यूह
भारत में ऐसे युवा जो इन आतंकी संगठनों के प्रति आकर्षित हो रहे हैं उनसे निपटने के लिए भारत की खुफिया एजेंसी ने एक नायाब तरीका ढूंढा है। खुफिया एजेंसी ऐसे युवाओं को भ्रमित युवा के तौर पर लेती है। केंद्र सरकार ने अपना संदेश साफ कर दिया है इस मामले कि जो लोग इन संगठनों की ओर आकर्षित हो रहे हैं उन्हें काउंसलिंग के माध्यम से रोकने की कोशिश की जाए।
खुफिया एजेंसी ने ऑपरेशन चक्रव्यूह के नाम से अभियान चलाया है। जिसके तहत जो युवा इन आतंकी संगठनों में शामिल हो रहे हैं उन्हें हम यह समझाने की कोशिश करते हैं कि उन्हें चांद-तारों के वादे किये गये हैं जोकि झूठे हैं। इस अभियान के अधिकारी ने बताया कि हम युवाओं को समझाने की कोशिश करते हैं और हमें इसमें सफलता भी मिलती है।
सोशल मीडिया पर ट्रैक होते संदिग्ध लोग
अधिकारी ने बताया कि इस ऑपरेशन चक्रव्यूह के तहत हम सोशल मीडिया से जुड़े युवाओं पर नजर रखने की कोशिश करते हैं। इसके जरिए हमने कई युवाओं को ट्रैक किया और उन्हें वापस लाने में सफलता भी हासिल की। इन युवाओं को पहले पुलिस स्टेशन ले जाया जाता है जिसके बाद इन्हें बड़े-बुजर्ग के सामने समझाने की कोशिश की जाती है।
खुफिया विभाग के अधिकारी ने बताया कि इस अभियान को बड़ी सफलता मिली है। इस अभियान के शुरु होने के बाद एक भी ऐसा मामला नहीं आया है जो आईएस में शामिल होने जा रहे हैं और उन्हें वापस नहीं लाया जा सका हो।













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