कौन हैं UAE की राजकुमारी हेंड अल कासिमी, सुधीर चौधरी को 'इस्लामोफोबिक' बोल सोशल मीडिया पर कर रही हैं ट्रेंड
कौन हैं UAE की राजकुमारी हेंड अल कासिमी, सुधीर चौधरी को 'इस्लामोफोबिक' बोल सोशल मीडिया पर कर रही हैं ट्रेंड
नई दिल्ली, 22 नवंबर: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के शाही परिवार की एक राजकुमारी हेंड बिंट फैसल अल-कासिमी (हेंड अल कासिमी) ने भारतीय टेलीविजन एंकर और पत्रकार सुधीर चौधरी को 'इस्लामोफोबिक' कहा है। राजकुमारी हेंड अल कासिमी का सुधीर चौधरी को "इस्लामोफोबिक" बताने वाला ट्वीट वायरल हो गया है, जिसको लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। एक के बाद एक ट्वीट में 37 वर्षीय हेंड अल कासिमी ने सुधीर चौधरी की कड़ी आलोचना की है और कहा है कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) जैसे शांतिपूर्ण देश में वह "इस्लामोफोबिया और नफरत'' फैला रहे हैं। आइए जानें राजकुमारी हेंड अल कासिमी कौन हैं और सुधीर चौधरी को लेकर क्या-क्या ट्वीट किए हैं?

'शाहीनबाग को लेकर सुधीर चौधरी ने फर्जी खबरें चलाईं...'
सुधीर चौधरी को "इस्लामोफोब" बोलते हुए हेंड अल कासिमी ने 25 से 26 नवंबर (2021) के बीच अगले सप्ताह अबू धाबी में आयोजित होने वाले एक सेमिनार में सुधीर चौधरी के भागीदारी पर सवाल उठाया है। 20 नवंबर 2021 को किए अपने ट्वीट में अल-कासिमी ने कहा, ''सुधीर चौधरी, जो जी न्यूज (Zee News) के प्रधान संपादक हैं, ने पिछले साल भारत में शाहीनबाग और अन्य नागरिकता विरोधी विरोध प्रदर्शनों के अपने कवरेज की ओर इशारा करते हुए मुसलमानों के खिलाफ एक धार्मिक पूर्वाग्रह रखा था। उन्होंने (सुधीर चौधरी) मुस्लिम छात्रों और महिलाओं को निशाना बनाते हुए फर्जी खबरें चलाईं...।"
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'इस्लामोफोबिया और नफरत फैलाने वालों को अबू धाबी क्यों बुलाया जा रहा'
बता दें कि 25 से 26 नवंबर 2021 के बीच अबू धाबी में एक सेमिनार का आयोजन होने वाला है, जिसमें सुधीर चौधरी को बतौर मेहमान बुलाया गया है। इस सेमिनार का आयोजन इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) के अबू धाबी चैप्टर द्वारा किया जा रहा है। इस फीचर के विज्ञापन में सुधीर चौधरी दिखाई दे रहे हैं।
इस विज्ञापन को अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए राजकुमारी हेंड अल कासिमी ने ICAI को टैग किया और पूछा कि वे उसके "शांतिपूर्ण देश" में "इस्लामोफोबिया और नफरत क्यों ला रहे हैं"। अल-कासिमी के ट्वीट वायरल हो गए हैं, जिन्हें हजारों रीट्वीट और लाइक मिल रहे हैं।

जानें कौन हैं UAE की राजकुमारी हेंड अल कासिमी
हेंड बिंट फैसल अल-कासिमी शारजाह, संयुक्त अरब अमीरात में स्थित प्रभावशाली अल कासिमी परिवार से हैं। उनका राजवंश मध्य पूर्व में सबसे लंबे समय तक चलने वाले लोगों में से एक है। इनके खानदान का दावा है कि ये पैगंबर मुहम्मद के प्रत्यक्ष वंशज हैं। राजकुमारी के पिता एक डॉक्टर हैं और उनकी मां संयुक्त अरब अमीरात में एक स्कूल प्रिंसिपल हैं। राजकुमारी को सोशल मीडिया पर अपने मुखर विचारों के लिए जाना जाता है, खासकर इस्लामोफोबिया की निंदा करने के लिए।

बिजनेसविमन, पत्रकार और लेखक भी हैं राजकुमारी कासिमी
पेश से हेंड अल कासिमी एक व्यवसायी, पत्रकार और लेखक हैं। राजकुमारी हेंड अल कासिमी के नाम पर कई प्रकाशित रचनाएं हैं। वह एक संरक्षक के रूप में दुबई फैशन वीक की अध्यक्षता करती हैं। उनके विकिपीडिया पेज के अनुसार, राजकुमारी हेंड अल कासिमी ने दुनिया भर के विभिन्न संस्थानों में वास्तुकला, परियोजना प्रबंधन, उद्यमिता, प्रबंधन, विपणन, संचार और मीडिया की पढ़ाई की हैं।
एक पत्रकार के रूप में राजकुमारी कासिमी ने विभिन्न प्रकाशनों के लिए लिखा है और एक लाइफस्टाइल पत्रिका की प्रधान संपादक भी हैं। उन्होंने 'द ब्लैक बुक ऑफ अरेबिया' नामक पुस्तक लिखी है।

कतर के अमीर प्रिंस से की राजकुमारी ने की शादी, फिर हुआ तलाक
2006 में कतर के अमीर प्रिंस अल थानी से राजकुमारी कासिमी ने साल 2006 में शादी की थी। दोनों का एक बेटा भी है। लेकिन कुछ सालों बाद सौहार्दपूर्ण ढंग से प्रिंस अल थानी और राजकुमारी कासिमी अलग हो गए। एक इंटरव्यू में के दौरान राजकुमारी ने कहा था, प्रिंस अल थानी को पहले ही बताया गया था कि अगर किसी वजह से शादी टूटती है तो उसके पास कोई अधिकार नहीं होगा। इसी रजामंदी पर हमारी शादी हुई थी। अलग होते वक्त दहेज के हिस्से के रूप में जो भी दिया गया था, वो सबकुछ लौटा दिया गया। इसके बाद राजकुमारी कासिमी अपने बेटे के साथ वापस यूएई में रहने आ गईं।

बेटे की कस्टडी के लिए कानून लड़ाई लड़ रही हैं राजकुमारी कासिमी
अमीर प्रिंस अल थानी ने अपनी पूर्व पत्नी राजकुमारी कासिमी पर बेटे को उससे दूर ले जाने का आरोप लगाया था। जिसके बाद राजकुमारी वापस कतर रहने चली गई हैं। वब तब से दोहा में रहती हैं। राजकुमारी कासिमी र अपने बेटे की कस्टडी पाने के लिए लगातार संघर्ष कर रही है और कानून लड़ाई लड़ रही हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपील के साथ एक वीडियो भी डाला था। वर्तमान में कतरी प्रशासन को उसके बेटे के लिए पासपोर्ट जारी करना बाकी है, ताकि वह उसके साथ संयुक्त अरब अमीरात लौट सके।












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