मुंह फुलाकर बाप की बरसी में शामिल हुए किम जोंग उन, उत्तर कोरिया में लगाई हंसने-रोने पर प्रतिबंध
किम परिवार की तीन पीढ़ियों ने उत्तर कोरिया पर साल 1948 से शासन किया है। उत्तर कोरियाई लोगों को जन्म से ही किम इल सुंग और किम जोंग इल का सम्मान करना सिखाया जाता है।
प्योंगयांग, दिसंबर 18: उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने आज अपने पिता और उत्तर कोरिया के पूर्व तानाशाह किम जोंग इल की 10वीं बरसी मनाई है। नॉर्थ कोरिया के पूर्व तानाशाह किम जोंग इल की बरसी में देश का सुप्रीम लीडर किम जोंग उन के साथ साथ हजारों लोग शामिल हुए थे। इस दौरान किम जोंग उन काफी नाराज और दुखी लग रहे थे और उनका मुंह काफी फुला हुआ लग रहा था। उत्तर कोरिया के सरकारी टीवी पर बरसी कार्यक्रम का प्रसारण किया गया है।

पूर्व तानाशाह की बरसी
उत्तर कोरिया ने शुक्रवार को पूर्व नेता किम जोंग इल की मृत्यु की 10 वीं वर्षगांठ को एक स्मारक सेवा के साथ चिह्नित कर खास बनाया गया है। किम जोंग इल ने 1994 से दिसंबर 2011 तक उत्तर कोरिया की सत्ता संभाली थी और उनकी मौत के बाद उनके तीसरे बेटे किम जोंग उन ने देश की सत्ता पर नियंत्रण हासिल कर लिया था। करीब 17 सालों तक देश की सत्ता संभालने के बाद क्रूर तानाशाह किम जोंग इल की हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई थी। किम ने अपने ट्रेडमार्क लेदर ट्रेंच कोट में शुक्रवार को पिता के बरसी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। डेलीमेल की रिपोर्ट के मुताबिक, किम जोंग उन ने पिता की बरसी का कार्यक्रम उनके मकबरे कुमसुसन पैलेस में ही रखा था।

तीसरी पीढ़ी का है शासनकाल
किम परिवार की तीन पीढ़ियों ने उत्तर कोरिया पर साल 1948 से शासन किया है। उत्तर कोरियाई लोगों को जन्म से ही किम इल सुंग और किम जोंग इल का सम्मान करना सिखाया जाता है, और उत्तर कोरिया के हर नागरिक के लिए एक बैज पहनकर किम जोंग उन के परिवार के प्रति अपनी वफादारी दिखानी पड़ती है। किम जोंग उन ने अपने पिता की दसवीं वर्षगांठ के मौके पर देश में 11 दिनों तक हंसने या रोने या फिर शराब पीने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा रखी है और नियम का उल्लंघन करने पर सख्त सजा का प्रावधान किया गया है। केसीटीवी द्वारा प्रसारित फुटेज में, किम जोंग उन को अपने पिता के एक बड़े चित्र के सामने झुकते हुए देखा गया है। वहीं, महल के मैदान में हजारों लोगों को देखा जा रहा है।
लोगों को वफादार रहने की चेतावनी
इन दिनों पूरे उत्तर कोरिया में राजकीय शोक मनाया जा रहा है और राजधानी प्योंगयांग में झंडे आधे झुके हुए हैं। समारोह के दौरान वीडियो में दिख रहा है कि, मैदान में मौजूद हजारों लोग उत्तर कोरिया के संस्थापक किम जोंग इल सुंग, उत्तर कोरिया के दूसरे तानाशाह किम जोंग इल की तस्वीर के सामने सिर झुकाकर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। वहीं, उत्तर कोरिया की सरकारी राज्य मीडिया ने शुक्रवार को किम जोंग इल के 'क्रांतिकारी नेतृत्व' की प्रशंसा करते हुए संपादकीय लिखा है, और देश की जनता से किम जोंग उन के प्रति वफादार रहने को कहा गया है।

कोरिया में लगा हुआ है सख्त प्रतिबंध
सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी के आधिकारिक समाचार पत्र रोडोंग सिनमुन ने कहा कि, "आदरणीय नेता किम जोंग उन को केंद्र में रखते हुए, हमें अपनी पार्टी और क्रांतिकारी वफादारी को मजबूत करना चाहिए।" इसने आगे जोर दिया गया है कि, लोगों को किम जोंग उन के 'विचारों और नेतृत्व' का पालन करना चाहिए। इसके साथ ही उत्तर कोरिया में आधिकारिक शोक अवधि के दौरान लोगों पर कई प्रतिबंध लगाए गए हैं। उत्तरपूर्वी सीमावर्ती शहर सिनुइजू के एक उत्तर कोरियाई ने रेडियो फ्री एशिया आरएफए को बताया कि, "देश में शोक की अवधि के दौरान हंसने, रोने, शराब पीने से लेकर किराने की सामान खरीदने तक पर प्रतिबंध लगाया गया है।"

किराना खरीदने की इजाजत नहीं
आरएएफ रेडियो से उत्तर कोरिया के एक सूत्र ने कहा कि, उत्तर कोरियाई लोगों को किम जोंग इल की मौत की बरसी पर 17 दिसंबर को किराने की खरीदारी करने की अनुमति नहीं थी। सूत्र ने आगे कहा कि, 11 दिनों की उस अवधि के दौरान जो लोग शराब पीते या नशे में पकड़े गए थे, उन्हें गिरफ्तार किया गया और उन्हें वैचारिक अपराधियों के रूप में माना गया। उन्हें ले जाया गया और फिर कभी नहीं देखा गया। सूत्र ने कहा कि, 'यदि शोक की अवधि के दौरान आपके परिवार के सदस्य की मृत्यु भी हो जाती है, तो भी आपको जोर से रोने की इजाजत नहीं है और जब शोक की अवधि खत्म हो जाए, उसके बाद ही आप मृतक के शरीर को घर से बाहर निकाल सकते हैं। इसके साथ ही शोक की अवधि के दौरान देश के लोग अपना जन्मदिन भी नहीं मना सकते हैं।'

69 साल की उम्र में हुई थी मौत
क्रूर, दमनकारी और तानाशाही के लिए कुख्यात नेता किम जोंग इल ने उत्तर कोरिया पर 17 सालों तक राज किया था और इस दौरान उत्तर कोरिया में उसने दहशत का राज कायम कर दिया था, जिसे अब उसका बेटा किम जोंग उन आगे बढ़ा रहा है। किम जोंग इल का 69 वर्ष की आयु में 17 दिसंबर 2011 को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। वहीं, उसकी मौत के बाद हर साल उत्तर कोरिया में 10 दिनों के शोक का आयोजन किया जाता है, लेकिन इस साल उनकी मृत्यु की दसवीं वर्षगांठ को चिह्नित करने के लिए 11 दिनों तक शोक का आयोजन किया गया है और देश में कई तरह के सख्त प्रतिबंध लगाए गये हैं।

लोगों पर रखी जा रही है नजर
उत्तर कोरिया के दक्षिण ह्वांगहे प्रांत के एक निवासी ने कहा कि, पुलिस अधिकारियों से लोगों पर सख्त नजर रखने के लिए कहा गया है और जश्न मनाने वालों या फिर हंसने वालों को फौरन गिरफ्तार करने के लिए कहा गया है। सूत्र ने डेली से रेडियो आरएएफ से बात करते हुए कहा कि, 'दिसंबर के पहले दिन से सामूहिक शोक की अवहेलना करने वालों पर नजर रखने और उनपर नकेल कसने के लिए पुलिस अधिकारियों को खास निर्देश दिए गये हैं।'' सूत्र ने कहा कि, ''पुलिस के लिए यह महीने भर की स्पेशल ड्यूटी है। मैंने सुना है कि कानून प्रवर्तन अधिकारी बिल्कुल नहीं सो सकते हैं।'

कंपनियों के लिए सख्त निर्देश
सूत्र ने यह भी कहा कि, नागरिक समूहों और राज्य के स्वामित्व वाली कंपनियों को शोक की अवधि के दौरान गरीबी में रहने वालों की देखभाल करने का आदेश दिया गया है, क्योंकि देश खाद्य संकट से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि, 'सामाजिक व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है और कंपनियों को आदेश दिया गया है कि इस दौरन वो कर्मचारियों के लिए भोजन की व्यवस्था करें। इसके साथ ही देश के लोगों को आदेश दिया गया है, कि वो अपने अपने इलाके में रहने वाले भिखारियों की इस दौरान मदद करें और उनके लिए भोजन का बंदोवस्त करें।

भारी परेशान हैं उत्तर कोरिया के लोग
अज्ञात निवासी ने रेडियो आरएएफ से बात करते हुए कहा कि, किम जोंग इल और उनके पिता किम इल सुंग के लिए शोक उत्तर कोरियाई के दैनिक जीवन को बुरी तरह से प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि, आप सोच सकते हैं कि, अगले 10 दिनों तक बिना हंसे, बिना रोए लोग कैसे रह सकते हैं। उन्होंने कहा कि, 'मुझे बस उम्मीद है कि किम जोंग इल के शोक की अवधि को किम इल सुंग के शोक की अवधि की तरह ही एक सप्ताह तक छोटा कर दिया जाए।

किम जोंग उन के परिवार को जानिए
किम इल सुंग ने 1948 में उत्तर कोरिया की स्थापना की थी और उसके बाद से किम परिवार की तीन पीढ़ियों ने उत्तर कोरिया पर शासन किया है। जब 1994 में किम इल सुंग की मृत्यु हुई, तो उनके सबसे बड़े बेटे किम जोंग इल को सत्ता विरासत में मिली। किम जोंग उन, किम जोंग इल के तीसरे और सबसे छोटे बेटे हैं और उन्होंने 2011 में अपने पिता की मृत्यु के बाद सत्ता संभाली थी। किम जोंग इल की मृत्यु की दसवीं वर्षगांठ मनाने के लिए, उत्तर कोरिया के विभिन्न प्रांतों में उनकी फोटोग्राफी की प्रदर्शनियां आयोजित की जा रही हैं और उनकी स्मृति में संगीत कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।












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