Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Khalistan Embassy: कनाडा के गुरुद्वारे में खालिस्तानियों ने खोला दूतावास, कनाडाई सरकार की फंडिंग का इस्तेमाल!

Khalistan Embassy: खालिस्तान समर्थक संगठन 'सिख्स फॉर जस्टिस' (SFJ) ने कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया राज्य में स्थित गुरु नानक सिख गुरुद्वारे में कथित तौर पर 'खालिस्तान गणराज्य' का दूतावास खोला है। इस कदम से भारत और कनाडा के पहले से ही तनावपूर्ण राजनयिक संबंधों में और अधिक चुनौती आ सकती है। SFJ खालिस्तान आंदोलन को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है और इसने पहले भी सरे में खालिस्तान रेफरेंडम जैसे आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाई है।

'रिपब्लिक ऑफ खालिस्तान' का लगा बोर्ड

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जिस इमारत में यह तथाकथित दूतावास खोला गया है, उसका निर्माण ब्रिटिश कोलंबिया सरकार के फंड से हुआ था। हाल ही में इस इमारत में सरकारी सहायता से मिले $150,000 (कनाडाई डॉलर) से एक लिफ्ट भी लगाई गई है। इमारत के बाहर 'रिपब्लिक ऑफ खालिस्तान' लिखा एक बोर्ड लगा है। यह इमारत धार्मिक स्थल से जुड़ी होने के कारण स्थानीय सिख समुदाय के लिए सामुदायिक केंद्र के तौर पर भी कार्य करती है।

Khalistan Embassy

कनाडा में चिंता का माहौल

कनाडा की टॉप खुफिया एजेंसी कैनेडियन सिक्योरिटी इंटेलिजेंस सर्विस (CSIS) ने जून में अपनी सालाना रिपोर्ट में पहली बार खालिस्तानी उग्रवादियों की गतिविधियों पर सार्वजनिक रूप से चिंता व्यक्त की थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि "खालिस्तानी उग्रवादी कनाडा की ज़मीन का उपयोग भारत में हिंसक गतिविधियों के प्रचार, फंडिंग और योजना बनाने के लिए कर रहे हैं।" यह रिपोर्ट भारत के लंबे समय से चले आ रहे इस आरोप की पुष्टि करती है कि कनाडा स्थित खालिस्तानी तत्व भारत की अखंडता और संप्रभुता के लिए खतरा बन रहे हैं।

1980 से कनाडा में हुए खालिस्तानी

CSIS के अनुसार, 1980 के दशक से खालिस्तानी उग्रवाद कनाडा में राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित हिंसक उग्रवाद (PMVE) का सबसे प्रमुख रूप रहा है। PMVE का उद्देश्य मौजूदा राजनीतिक ढांचे को बदलने या पूरी तरह से नया राज्य बनाने के लिए हिंसा, उनकी फंडिंग और वैश्विक स्तर पर हमलों की योजना बनाना होता है।

भारत ने कार्रवाई की मांग

भारत सरकार ने कनाडा से खालिस्तानी संगठनों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है और इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच कई बार राजनयिक टकराव हुए हैं। अब जब कनाडा की खुफिया एजेंसी ने इस खतरे को स्वीकार किया है और सरे में कथित 'दूतावास' खोला गया है, तो यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कनाडा की संघीय और प्रांतीय सरकारें इस पर क्या कदम उठाती हैं।

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+