केन्या में हिंसक प्रदर्शन के बाद बैकफुट पर सरकार, राष्ट्रपति ने वापस लिया फाइनेंस बिल, 27 लोगों की मौत
Kenya Finance Bill Withdraw: पूर्वी अफ्रीकी देश केन्या में टैक्स बिल को लेकर मचे हिंसक बवाल के बाद सरकार बैकफुट पर आ गई है। उग्र प्रदर्शन और हिंसा के बाद राष्ट्रपति ने नए टैक्स बिल को वापस ले लिया है। केन्याई राष्ट्रपति विलियम रूटो ने बुधवार 26 जून को स्टेट हाउस से टैक्स बढ़ाने वाले विवादास्पद बिल को वापस लेने की घोषणा की।
केन्या में नए फाइनेंस बिल के विरोध में हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर गए थे। प्रदर्शनकारियों में बिल को लेकर इतना गुस्सा था कि उन्होंने संसद तक आग लगा दी थी। हिंसक विरोध प्रदर्शन के दौरान27 लोगों की मौत भी हुई है।

'विधेयक पर हस्ताक्षर नहीं करूंगा'
केन्याई राष्ट्रपति रुटो ने वित्त विधेयक पर हस्ताक्षर ना करने का फैसला देश में हिंसक झड़पों के बाद लिया है। रुटो ने बुधवार को एक टेलीविजन संबोधन के दौरान कहा, "वित्त विधेयक 2024 की सामग्री के बारे में जारी बातचीत पर विचार करने और केन्या के लोगों की बातों को ध्यान से सुनने के बाद, वे इस वित्त विधेयक 2024 से कोई लेना-देना नहीं चाहते हैं, मैं स्वीकार करता हूं और इसलिए मैं 2024 के वित्त विधेयक पर हस्ताक्षर नहीं करूंगा।"
रुटो ने आगे कहा कि, "लोगों ने अपनी बात कह दी है। विधेयक के पारित होने के बाद देश ने असंतोष का अनुभव किया, जिसके परिणामस्वरूप दुखद रूप से जानमाल की हानि हुई, संपत्ति का विनाश हुआ और संवैधानिक संस्थानों का अपमान हुआ।"
हालांकि रूटो के बिल को रद्द करने की उनकी मुख्य मांग को स्वीकार करने के बावजूद केन्या में प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे गुरुवार को "एक मिलियन लोगों का मार्च" निकालेंगे।
नए टैक्स बिल से मचा देश में बवाल
बता दें कि पिछले सप्ताह केन्या सरकार ने कुछ टैक्स वृद्धि से जुड़ा बिल पास किया, जिसमें मोटर वाहनों, वनस्पति तेल और मोबाइल मनी ट्रांसफर पर टैक्स के साथ-साथ ब्रेड पर प्रस्तावित 16 प्रतिशत कर शामिल था। जिसके बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और हिंसक प्रदर्शन देखने को मिला। केन्या के पुलिस सुधार कार्य समूह (पीआरडब्ल्यूजी) के अनुसार हिंसा में कम से कम 23 लोगों की मौत हुई है।












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