US Presidential Debate: कमला हैरिस और डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई धमाकेदार बहस, किसे विजेता मान रहे एक्सपर्ट?
US Presidential Debate: फिलाडेल्फिया में अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच राष्ट्रपति पद की डिबेट में काफी गरमागरम बहस देखने को मिली है। इस बहस में आव्रजन, विदेश नीति और स्वास्थ्य सेवा जैसे मुद्दे शामिल थे, जिसमें कमला हैरिस ने आक्रामक रुख अपनाया।
कमला हैरिस कई मुद्दों पर डोनाल्ड ट्रंप को परेशान करने में सफल रहीं, जिसकी वजह से कई बार डोनाल्ड ट्रंप को झुंझलाकर निजी टिप्पणियां करते हुए देखा गया। पूर्व राष्ट्रपति ने ट्रंप ने शुरुआती क्षणों में कमला हैरिस का अपमान करने से परहेज किया, लेकिन कमला हैरिस के आक्रामक रवैये ने उन्हें उत्तेजित होने और निजी टिप्पणियां करने पर मजबूर कर दिया।

अमेरिकी चुनाव में प्रेसिडेंशियल बहस को लेकर कहा जाता है, कि बहस आपको भले ही चुनाव ना जिताए, लेकन बहस चुनाव जरूर हरा देती है। लिहाजा जानना जरूरी हो जाता है, कि एक्सपर्ट्स की राय में आज की बहस में किसे विजेता माना जा सकता है?
प्रेसिडेंशियल बहस को लेकर क्या हैं प्रतिक्रियाएं?
कई लोगों ने कमला हैरिस के प्रदर्शन की प्रशंसा की है, जबकि ट्रंप के कुछ समर्थकों ने पक्षपात के लिए एबीसी न्यूज की आलोचना की है। डोनाल्ड ट्रंप ने खुद दावा किया, कि उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा, "मुझे लगा कि यह मेरी अब तक की सबसे अच्छी बहस थी, खासकर इसलिए क्योंकि यह तीन बनाम एक थी!"
पूर्व उपराष्ट्रपति माइक पेंस के पूर्व चीफ ऑफ स्टाफ मार्क शॉर्ट ने कहा, कि ट्रंप ने अर्थव्यवस्था और सीमा सुरक्षा जैसे प्रमुख मुद्दों पर लोगों का ध्यान केंद्रित करने का महत्वपूर्ण मौका खो दिया।
द इंडिपेंडेंट के पर्यवेक्षकों ने कहा, कि ट्रंप के बेतरतीब जवाब और व्यवधान ने उनके प्रदर्शन को नुकसान पहुंचाया है। फॉक्स न्यूज के ब्रिट ह्यूम ने टिप्पणी की है, कि "इसमें कोई संदेह नहीं है कि ट्रंप की रात खराब रही है।"
विश्लेषकों का मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप, आपराधिक मुकदमों और गर्भपात सहित विभिन्न विषयों पर कमला हैरिस के झांसे में आ गए।
बीबीसी का मानन है, कि कमला हैरिस ने अपनी ताकत का लाभ उठाकर और ट्रंप की कमजोरियों को उजागर करके बढ़त हासिल की है। इसके बावजूद, कोई स्पष्ट विजेता नहीं है। रॉन बोनजेन ने टिप्पणी की है, कि कमला हैरिस ने ट्रंप को परेशान तो किया, लेकिन यह अनिश्चित है कि क्या वह न्यूट्रल मतदाताओं को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर पाईं?
बहस में एक महत्वपूर्ण क्षण वह था, जब कमला हैरिस ने ट्रंप की रैलियों के आकार का जिक्र किया। इससे ट्रंप ने अपनी रैलियों के आकार का जोरदार बचाव किया। उन्होंने कहा, "लोग मेरी रैलियों को नहीं छोड़ते; हमारे पास इतिहास की सबसे बड़ी रैलियां हैं।"
इसके अलावा, इस बहस का एक और महत्वपूर्ण मौका कमला हैरिस और डोनाल्ड ट्रंप का हाथ मिलाना था।
अमेरिकन वोटर्स पर कितना हुआ असर?
लैटिनो नेताओं ने बहस में कमला हैरिस के प्रदर्शन की प्रशंसा की और लैटिनो समुदायों के प्रति ट्रंप की टिप्पणियों की आलोचना की है। जबकि, फ्लोरिडा के सीनेटर मार्को रुबियो ने ट्रंप समर्थकों के साथ मिलकर एबीसी न्यूज के मॉडरेटर की आलोचना की, कि उन्होंने कमला हैरिस से पर्याप्त सवाल नहीं पूछे।
निवेशकों का मानना है, कि कमला हैरिस का प्रदर्शन थोड़ा बेहतर रहा है। प्रेडिक्टइट के बाजार ने दिखाया है, कि उनकी जीत की संभावना 52% से बढ़कर 56% हो गई है, जबकि ट्रंप की जीत की संभावना 51% से घटकर 48% हो गई है। यह बदलाव बहस के बाद कमला हैरिस के लिए थोड़ी बढ़त दर्शाता है।
इस बहस में उम्मीदवारों के बीच मुख्य मतभेदों को उजागर किया गया, लेकिन कई सवालों के जवाब नहीं मिल पाए। दोनों पक्षों ने चर्चा के विभिन्न पहलुओं में जीत का दावा किया। जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, ये बहसें मतदाताओं की राय को आकार देती रहेंगी और अंतिम परिणाम को प्रभावित करेंगी।












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