पहली बातचीत में ही भिड़े पुतिन और बाइडेन, कई मुद्दों पर दोनों नेताओं में तीखी बहस
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के बीच पहली बातचीत टेलीफोन पर हुई। जिसमें दोनों नेताओं के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस हुई है।
वाशिंगटन: अमेरिका के नये राष्ट्रपति जो बाइडेन(Joe Biden) ने विश्व के अलग अलग नेताओं से टेलीफोन पर डिप्लोमेटिक बातचीत करनी शुरू कर दी है। पहला फोन उन्होंने कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो(Justin Trudo) को किया तो दूसरा फोन उन्होंने अमेरिका(America) के विरोधी रूस(Russia) को किया। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) से टेलीफोन पर बातचीत के दौरान दोनों नेताओं के बीच कई मसलों पर गंभीर मतभेद उभर आए। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक जो बाइडेन और व्लादिमिर पुतिन के बीच कई मुद्दों पर गंभीर बहस हो गई।

रूस पर सख्त बाइडेन
व्हाइट हाउस की तरफ से जारी बयान में बताया गया कि 'रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन और अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर आपस में बातचीत की। जिसमें दोनों नेताओं ने स्ट्रेटजिक आर्म्स रिडक्शन समझौते को पांच सालों तक और बढ़ाने पर सहमति जताई। व्हाइट हाउस के बयान के मुताबिक दोनों नेताओं ने हथियार संधि के अलावा रूस के विपक्षी नेता एलेक्सी नवेलनी (Alexei Navelny) को जहर दिए जाने को लेकर बातचीत की। जिसमें दोनों नेताओं के बीच गंभीर बहस हो गई। इसके साथ ही जो बाइडेन ने 2020 अमेरिकी चुनाव में रूस की दखल और अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिक की हत्या के मुद्दे पर भी व्लादिमिर पुतिन की आलोचना की। जिसे लेकर दोनों नेताओं के बीच तनातनी का माहौल बन गया।

कई मुद्दों पर गंभीर बहस
व्हाइट हाउस की तरफ से जारी बयान में साफ कहा गया है कि अमेरिका अपने राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा के लिए मजबूत कदम उठाने से नहीं चूकेगा। अगर रूस अमेरिका या उसके किसी सहयोगी देश के खिलाफ कोई कदम उठाता है तो अमेरिका उसका माकूल जवाब देगा। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक अमेरिका के राष्ट्रपति ने खास तौर पर रूस के विपक्षी नेता एलेक्सी नवेलनी को जहर दिए जाने और रूस लौटने पर गिरफ्तार करने का जिक्र काफी जोरदार तरीके से किया। राष्ट्रपति बायडेन ने जल्द से जल्द एलेक्सी नवेलनी को रिहा करने की मांग रूसी राष्ट्रपति के सामने की। इसके अलावा व्हाइट हाउस ने अपने बयान में कहा कि दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच बातचीत का मकसद एटमी करार को आगे बढ़ाने का भी था। इसके अलावा बाइडेन ने अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों को मारने पर रूस की तरफ से इनाम दिए जाने पर भी रूसी राष्ट्रपति के सामने आपत्ति जताई।
बढ़ सकता है अमेरिका और रूस में तनाव
अमेरिकी मीडिया के मुताबिक जो बाइडेन और व्लादिमिर पुतिन के बीच हुई पहली बातचीत के बाद अंदाजा लगाया जा रहा है कि रूस और अमेरिका के संबंधों में और कड़वाहट आ सकती है। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक रूस का भारत के साथ S400 एयर डिफेंस सप्लाई को लेकर समझौता भी अमेरिकी राष्ट्रपति के मन में खटक रहा है। इस मुद्दे पर भी रूस और अमेरिका आमने-सामने हो सकते हैं। इसके साथ ही जो बाइडेन ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के दौरान पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूसी मोहरा बताया था। जिसका जिक्र उन्होंने टेलीफोन पर बातचीत के दौरान रूसी राष्ट्रपति के सामने किया।
अब चीन को लगाएंगे फटकार?
माना जा रहा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति अगला डिप्लोमेटिक फोन कॉल चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को कर सकते है। चीन और अमेरिका के बीच कई मुद्दों पर तनातनी चल रही है। चीन अमेरिका के बीच ट्रेड वार, चीन के शिनजियांग में उइगर मुसलमानों पर बर्बरता समेत ताइवान और दक्षिण चीन सागर में चीन की जरूरत से ज्यादा दखलअंदाजी को लेकर दोनों नेताओं की सख्त बातचीत हो सकती है। माना ये भी जा रहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन चीन के सामने भारत-चीन सीमा विवाद का मुद्दा भी उठा सकते है।












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