अमेरिका पर दिवालिया होने का खतरा और बढ़ा, बाइडेन और मैक्कार्थी की बातचीत रही नाकाम
यदि अमेरिका डिफॉल्ट करता है, तो अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ेगा। इससे अमेरिका की क्रेडिट रेटिंग गिर सकती है, जिससे उच्च ब्याज बढ़ जाएंगी और संभावित मंदी में अमेरिका प्रवेश कर सकता है।

पूरी दुनिया में अलग-अलग देशों को कर्ज देने वाला अमेरिका खुद कर्ज के बोझ तले दबा हुआ है और उसके ऊपर दिवालिया होने का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में संसद से कर्ज की मंजूरी हासिल करने प्रयास कर रहे राष्ट्रपति जो बाइडेन को एक बड़ा झटका लगा है।
राष्ट्रपति जो बाइडेन ने हाउस स्पीकर कैविन मैक्कार्थी से सोमवार रात लंबी बातचीत की। इस बैठक में दोनों के बीच 'डेट् सीलिंग' को बढ़ाने को लेकर चर्चा की गई। हालांकि इस बैठक में कोई समझौता नहीं निकल पाया और बाइडेन को नाकामी हाथ लगी।
राष्ट्रपति बाइडेन से बैठक के बाद मैकार्थी ने कहा, 'मुझे यकीन है कि हम एक डील को तय कर सकते हैं। हालांकि, अभी हम किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाए हैं। लेकिन मुझे लगता है कि उन मुद्दों पर बातचीत सफल रही है, जिन मुद्दों पर हम दोनों के बीच मतभेद थे।'
हाउस स्पीकर ने कहा कि बाइडेन और वे हर दिन एक-दूसरे से बात करेंगे, जब तक कि कोई समझौत नहीं हो जाता है। बाइडेन ने एक बयान जारी कर कहा कि डिफॉल्ट होने से बचा जा सकता है। इस संबंध में आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता द्विदलीय समझौता में विश्वास रखना है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक- बाइडेन प्रशासन के पास अब महज 10 दिन शेष रह गए हैं। अपर हाउस में सत्ताधारी पार्टी के पास बहुमत नहीं है। ऐसे में बाइडेन प्रशासन को हर हाल में विपक्षी रिपब्लिकन पार्टी को मनाकर डेट् सीलिंग (नए कर्ज के लिए बिल पास कराना) अप्रूवल लेना होगा।
अगर ऐसा नहीं हुआ तो सरकार किसी तरह के नए पेमेंट्स नहीं कर सकेगी। बता दें कि अमेरिकी सरकार पर कर्ज लेने की सीमा 31.46 ट्रिलियन डॉलर तय है। अमेरिका ने कर्ज को लेकर एक सीमा तय कर रखी है, जिसमें वह एक तय रकम से अधिक का कर्ज नहीं ले सकता है।
इससे अधिक का कर्ज लेने के लिए उसे संसद से मंजूरी लेनी होती है। अभी के हिसाब से अमेरिका 31.4 लाख करोड़ डॉलर से ज्यादा का कर्ज नहीं ले सकता है। बीते सप्ताह अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के सचिव जेनेट येलेन ने अमेरिकी संसद के अध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा कि ट्रेजरी के खजाने में पैसे की कमी है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर जल्द कर्ज लेने की सीमा नहीं बढ़ाई गई तो हम जून महीने में सरकारी कर्मचारियों का भुगतान तक नहीं कर पाएंगे। गोल्डमैन सैश ने अनुमान जताया है कि अमेरिका अगर अपने कर्ज संकट को खत्म नहीं करता है, तो आने वाले तीन हफ्तों में कैश खत्म हो जाएगा।
इंवेस्टमेंट बैंक का कहना है कि 8 या 9 जून तक ट्रेजरी डिपार्टमेंट के पास कैश गिरकर 30 बिलियन डॉलर रह जाएगा। दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की जरूरतों को पूरा करने के लिए ये रकम बहुत कम है।












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