Jimmy Lai: शी जिनपिंग की आंख में क्यों खटकते हैं जिमी लाई? मीडिया टायकून के खिलाफ शुरू हुआ ट्रायल
हांगकाग में 3 सालों से अधिक समय से कैद में रखे जाने के बाद 18 दिसंबर को जिमी लाई का ट्रायल शुरू हो गया। उन पर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने के लिए विदेशी ताकतों के साथ हाथ मिलाने का आरोप है। इसके साथ ही लाई पर दूसरों के साथ मिलकर "राष्ट्रद्रोही सामग्री" छापने की साजिश का भी आरोप है।
76 साल के जिमी लाई को दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। BBC की रिपोर्ट के अनुसार, चीन लाई को गद्दार मानता है। लाई ने उन सभी आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि वह सिर्फ हांगकांग में स्वतंत्रता की रक्षा कर रहे थे। जिमी लाई दिसंबर 2020 से जेल में बंद हैं।

कई अन्य आरोपियों की तरह, जिमी को भी जमानत, जूरी का अधिकार और अदालत में उनका प्रतिनिधित्व करने के लिए उनकी पसंद के वकील के अधिकार से वंचित कर दिया गया है। जिमी लाई हॉन्गकॉन्ग के बड़े मीडिया घराने- एप्पल डेली के संस्थापक हैं। चीनी कम्यूनिस्ट सरकार ने एप्पल डेली बंद करवा दिया था।
कौन हैं जिमी लाई?
चीन के गुआंगज़ौ में जन्मे लाई 12 साल की उम्र में मछली पकड़ने वाली नाव पर बैठकर हांगकांग चले गए थे। उन्होंने हांगकांग के एक मिठाई की दुकान में मेहनत करने से लेकर कुछ दशकों की अवधि में कई मिलियन डॉलर का साम्राज्य शुरू करने तक का सफर तय किया और हांगकांग के सबसे अमीर निवासियों में से एक बन गए।
हॉन्गकॉन्ग में अरबों डॉलर का साम्राज्य खड़ा करने वाले जिमी लाई लोकतंत्र के समर्थन में आवाज बुलंद करते रहे। उन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग की विस्तारवादी नीतियों की मुखर आलोचना की। उन्होंने चीन की नीति, सेंशरशिप, प्रेस की आजादी पर अपने अखबार में लेख लिखा।
हांगकांग पर चीनी सरकार का नियंत्रण
साल 2020 में हांगकांग में चीनी सरकार ने नेशनल सिक्योरिटी एक्ट लागू कर दिया। इस कानून के तहत सरकार को यह अधिकार दिया गया था कि वह नेशनल सिक्योरिटी के नाम पर किसी को भी गिरफ्तार कर सकती है। राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर लोगों के बुनियादी लोकतांत्रिक अधिकार खत्म कर दिए गए।
इस कानून के खिलाफ हॉन्ग कॉन्ग में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। जिमी लाई के अखबार Apple Daily ने इस विरोध प्रदर्शन का खुलकर समर्थन किया और चीन की सरकार के खिलाफ लेख लिखे। इसके बाद जिमी लाई को गिरफ्तार कर लिया गया और उनके अखबार को बंद करा दिया गया।
मिल सकती है उम्रकैद की सजा
पिछले साल लाई के अखबार एप्पल डेली से जुड़े छह लोगों ने मिलीभगत से जुड़े आरोप स्वीकार किए थे। उन्होंने अदालत में लाई के साथ साजिश की बात कबूल की। खबरों के मुताबिक, अखबार के कुछ पूर्व कर्मचारी लाई के खिलाफ गवाही दे सकते हैं।
हॉन्गकॉन्ग में फिलहाल लाई का मामला तीन जजों के पैनल के सामने है। इन जजों को सत्ता का करीबी माना जा रहा है। मुकदमा करीब 80 दिन तक चलने की उम्मीद है। जानकारों का कहना है कि ट्रायल दिखावे के लिए हो रहा है। सबको पता है कि क्या फैसला आने वाला है।












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