पर्ल हार्बर, एक हमला जिसमें जापान ने ले ली थी 2500 अमेरिकी सैनिकों की जान
पर्ल हार्बर का दौरा करने वाले पहले जापानी प्रधानमंत्री हैं शिंजो एबे। राष्ट्रपति बराक ओबामा भी जापानी पीएम के साथ पहुंचे थे पर्ल हार्बर, कहा कभी इतने मजबूत नहीं थे अमेरिका और जापान के रिश्ते।
पर्ल हार्बर। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो एबे बुधवार को पर्ल हार्बर की यात्रा पर थे। एबे पहले ऐसे जापानी पीएम हैं जिन्होंने यहां पर हुए हमले के बाद इसका दौरा किया है। इस दौरान राष्ट्रपति ओबामा ने कहा कि जापान और अमेरिका के संबंध कभी इतने मजबूत नहीं रहे। राष्ट्रपति ओबामा का कार्यकाल 20 जनवरी 2017 को खत्म हो रहा है।

पर्ल हार्बर की घटना को 75 वर्ष पूरे
ओबामा जब पर्ल हार्बर पहुंचे तो उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र के चरित्र की असली परीक्षा युद्ध में होती है और चरित्र का निर्धारण शांति के दौरान होता है। ओबामा के मुताबिक तब घृणा अपने उच्चतम स्तर पर होती है तो दुनिया खींचतान के दौर में पहुंच जाती है। ऐसे समय में हमें खुद को और दूसरे लोगों को शैतान बनने से रोकना चाहिए। इस मौके पर एबे ने कहा कि जापान कभी भी युद्ध की शुरुआत नहीं करेगा और न ही इसे बढ़ावा देगा। हालांकि एबे ने इस घटना के लिए जापान की ओर से माफी मांगने से इंकार कर दिया। पर्ल हार्बर की घटना को 75 वर्ष पूरे हो गए हैं और यही हमला दरअसल द्वितीय विश्व युद्ध की अहम वजह बना था। हमले में जापान की फौज ने 2400 से ज्यादा अमेरिकी सैनिकों को मार डाला था। जापानी पीएम एबे ने इस घटना में मारे गए लोगों के लिए अपनी संवेदनाएं जाहिर कीं। इस वर्ष जून में राष्ट्रपति ओबामा ने जापान के हिरोशिमा का दौरा किया था। हिरोशिमा जापान का वह शहर है जहां पर अमेरिका ने परमाणु बम से हमला किया था। एबे का दौरा ओबामा के उसी दौरे के जैसा ही था।
क्या है पर्ल हार्बर और इस पर हुआ हमला
- पर्ल हार्बर हवाई हवाई द्वीप के होनोलूलू से 10 किमी दूर स्थित है।
- यह यूएस नेवी का बेस और यूएस पैसेफिक कमान का हेडक्वार्टर भी है।
- पर्ल हार्बर की गहराई में यूएस नेवी के शिप्स के रुकने की जगह भी है।
- वर्ष 1900 में यह नेवल बेस बना और दिसंबर 1941 को इस पर हमला हो गया।
- जापान की नेवी ने सात दिसंबर 1941 को पर्ल हार्बर स्थित यूएस नेवी बेस पर अचानक हमला कर दिया।
- उस समय वाशिंगटन में जापान के डेलीगेट्स के साथ द्वितीय विश्वयुद्ध पर वार्ता चल रही थी
- बातचीत के बीच ही जापान की वॉरशिप्स ने अचानक हमला कर दिया।
- हमले में फोर्ड आइलैंड पर अमेरिका का नेवी एयरसेंटर और पोर्ट खत्म हो गए थे।
- अमेरिका के 2500 से ज्यादा सैनिक मारे गए, 1000 से ज्यादा घायल हुए और 1000 लापता हो गए।
- जापान ने अपने छह एयरक्राफ्ट कैरियर्स की मदद से 183 एयरक्राफ्ट की मदद से हमला किया था।
- हमले में अमेरिका की आठ वॉरशिप्स पूरी तरह से खत्म हो गईं और चार डूब गईं।












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