इस देश के युवा नहीं पी रहे शराब, टेंशन में आई सरकार ने चलाया अभियान, बताने पड़ रहे फायदे
जापान सरकार ने शराब को लेकर एक नया अभियान चलाया, जिसमें उसको पीने के फायदे बताए जा रहे। वहां के लोग कम शराब पी रहे।

भारत के पुरुषों में नशे की लत काफी ज्यादा बढ़ गई है, जिस वजह से बिहार, गुजरात जैसे राज्यों में शराब को बैन करना पड़ा, लेकिन एक देश ऐसा भी है, जो अपने यहां लोगों को शराब पीने के लिए प्रोत्साहित कर रहा।
जी हां, आपने सही पढ़ा, हम बात कर रहे हैं जापान की, जो अल्कोहल कंजप्शन के मामले में काफी पीछे रह गया है। वहां के युवाओं ने शराब से ऐसी दूरी बनाई कि सरकार को टेंशन हो गई। अब सरकार सभी को शराब पीने के लिए कह रही, ताकि उसके राजस्व में बढ़ोतरी हो।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 1995 में जापान में शराब की औसत खपत 26 गैलन से ज्यादा की थी, लेकिन 2020 में ये 20 गैलन आ गई। वहीं दूसरी ओर दुनिया के अन्य देशों में खपत बढ़ी है।
रिपोर्ट में बताया गया कि कम शराब बिक्री की वजह से जापान सरकार को काफी नुकसान हो रहा। वहां के कुल राजस्व में 1.7 प्रतिशत ही शराब से आ रहा। वहीं जो लोग शराब पी भी रहे, उसमें ज्यादातर 60 साल से ज्यादा के हैं।
क्यों नहीं पी रहे शराब?
जापानी सरकार का मानना है कि उनके युवा काफी मेहनती हैं। वो दिन-रात काम में जुटे रहते हैं। साथ ही उनके ऊपर जिम्मेदारियां भी ज्यादा हैं, ऐसे में वो शराब को हाथ ही ना लगा रहे। इसके अलावा युवा बहुत से अन्य शौक भी पालते हैं, लेकिन जापानी युवकों का उससे भी कोई लेना-देना नहीं है।
क्या कह रही सरकार?
जापानी सरकार चाहती है कि वहां के युवा बहुत ज्यादा नहीं लेकिन सामान्य मात्रा में शराब पी लिया करें। इसके लिए 'सेक विवा' से मुहिम चलाई जा रही। इसके तहत लोगों को शराब पीने के फायदे निगाए जा रहे।
एक्सपर्ट कर रहे विरोध
वहीं बहुत सारे एक्सपर्ट्स ने इस अभियान का विरोध किया है। उनका कहना है कि जापान में 98 लाख लोग ऐसे हैं, जो जमकर शराब पीते हैं। वो देश के विकास में कोई योगदान नहीं दे रहे, बस शराब ही पी रहे। ऐसे में उनकी तरह अगर युवाओं को भी लत लग गई, तो देश के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो जाएगी।












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