चीन के भीषण हमले की आशंका से डरा जापान, युद्धस्तर पर बम शेल्टर होम बनाने में जुटा, सामने है जंग?

Japan To Build Civilian Bomb Shelters: जापान की सरकार ने ताइवान पर चीनी हमले की संभावना जताते हुए आशंका जताई है, कि ये युद्ध उसके भी सुदूर दक्षिण-पश्चिमी द्वीपों तक पहुंच सकता है, लिहाजा अपने नागरिकों हताहत होने से बचाने के लिए जापान ने ओकिनावा प्रान्त के सुदूर द्वीपों में भूमिगत बम आश्रयों के निर्माण के लिए एक कार्यक्रम शुरू किया है।

जापानी अखबार असाही शिंबुन की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है, कि शेल्टर होम बनाने का ये कार्यक्रम, रक्षा मुद्रा में बदलाव का अनुसरण करता है।

Japan building Civilian Bomb Shelters

चीनी बमों से बचने की तैयारी में जापान

जापान आत्मरक्षा बल, विमान-रोधी और सतह से जहाज तक मार करने वाली मिसाइल बैटरियों को नानसेई (या रयूकू) द्वीप श्रृंखला में की तरफ ले जा रहे हैं, जो क्यूशू के मुख्य दक्षिणी द्वीप से दक्षिण-पश्चिम तक फैली हुई हैं। जापान जितनी तेजी से ये काम कर रहा है, उससे ये लग रहा है, कि कहीं जापानी किसी संभावित युद्ध की तैयारी तो नहीं कर रहा है?

जापान के नियंत्रण वाले योनागुनी जैसे द्वीप, ताइवान से सिर्फ 110 किमी उत्तर पूर्व में अंतिम जापानी द्वीप है। मार्च 2023 में जापान ने ओकिनावा प्रान्त में इशिगाकी के दक्षिण-पश्चिमी द्वीप पर एक नया सैन्य बेस भी सक्रिय किया था। जापान की यह चौथी ऐसी सैन्य सुविधा है। अन्य तीन अड्डे अमामी-ओशिमा द्वीप (कागोशिमा प्रान्त) और मियाको और योनागुनी (ओकिनावा प्रान्त) में हैं।

चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी (PLAN) के युद्धपोत अक्सर जापान, अमेरिका और ताइवान के सामने सैन्य निरोध लागू करने के लिए मियाको जलडमरूमध्य के तटस्थ अंतरराष्ट्रीय जल के माध्यम से पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में गहराई तक जाते हैं।

लिहाजा, ये मित्र राष्ट्र पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में चीन के अभूतपूर्व आक्रमण और ताइवान के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी जल क्षेत्र में बढ़ती नौसेना और नौसैनिक अभ्यास को द्वीप को घेरने के खिलाफ इन द्वीपों को काफी अहम मान रहे हैं।

स्टील और कंक्रीट बम शेल्टर

29 मार्च को जापानी सरकार ने पांच नरगपालिकाओं इशिगाकी, मियाकोजिमा, योनागुनी, ताकेतोमी और तारामा में बम आश्रय स्थल बनाने का फैसला किया है। इनमें से, योनागुनी और मियाकोजिमा के पास हवा-रोधी और जहाज-रोधी मिसाइल इकाइयां भी हैं।

इन शेल्टर होम में "30 सेंटीमीटर मोटी स्टील और कंक्रीट को मिलाकर दीवारें बनाई जाएंगी और कम से कम दो हफ्ते के लिए पर्याप्त भोजन और पानी भी संग्रहीत किया जा सकता है।" शेल्टर होम के लिए जो डिजाइन तैयार किया गया है, उसमें पर्याप्त वॉश रूम, उठने-पैठने की पर्याप्त व्यवस्था बनाने की कल्पना की गई है। हर आदमी के लिए करीब 2 वर्गमीटर का स्थान तय किया गया है। वहीं, जापान की केंद्र सरकार सुविधाओं का पूरा वित्तपोषण करेगी।

असाही शिंबुन की रिपोर्ट में कहा गया है, कि निवासियों को डर है कि यह योजना "अगर चीन ताइवान पर आगे बढ़ने की अपनी धमकियों पर अमल करता है, तो हमले का खतरा बढ़ जाएगा।" लोगों को डर है, कि चीन भूमिगत सुविधाओं को गुप्त रूप से गोला-बारूद भंडारण डिपो समझ सकता है और इनपर हमला कर सकता है।

जुलाई 2023 में, योनागुनी के मेयर केनिची इटोकाज़ु ने तत्कालीन मुख्य कैबिनेट सचिव हिरोकाज़ु मात्सुनो के साथ बातचीत की थी, जिसमें सरकार से एसडीएफ ठिकानों के बारे में निवासियों की चिंताओं को दूर करने का आह्वान किया गया था।

इसके अलावा, शेल्टर होम्स बनाने के लिए जिन जगहों का चयन किया गया है, वो नगरपालिकाएं काफी ज्यादा दूरी पर हैं, जहां से निकासी के लिए चाव और विमान ही काम आ पाएंगे, हालांकि नगर पालिकाओं ने निकासी योजनाएं भी तैयार की हैं, लेकिन लोगों को डर है, कि युद्ध की स्थिति में बंकरों से निकलकर सुरक्षित ठिकानों तक जाना काफी मुश्किल और खतरनाक हो सकता है।

जापानी मिसाइल बेस बनाम चीनी नौसेना

जापान ने अपने योनागुनि द्वीप पर मिसाइलों की तैनाती कर दी है, जिससे चीन के मिसाइल बेस पीएलएएन आर्मडा के उत्तरी हिस्से को खतरा पैदा हो गया है। जापानी टाइप-12 एंटी-शिप मिसाइल भी यहां से चीनी युद्धपोतों पर दागी जा सकती है, जिलसे उनकी सामरिक गणना गड़बड़ा सकती है।

जापान ने मिसाइल विकास और खरीद योजनाओं के साथ अपनी सेना का भी समर्थन किया है। इसने पहले ही नॉर्वेजियन ज्वाइंट स्ट्राइक मिसाइल (JSM), 1000 किमी-रेंज यूएस ज्वाइंट एयर-टू-सरफेस स्टैंडऑफ मिसाइल (JASSM), और लॉन्ग रेंज एंटी-शिप मिसाइल (LRASM) जैसी हवा से लॉन्च की जाने वाली मिसाइलों का ऑर्डर दिया है। ये 2019 मीडियम टर्म डिफेंस प्रोग्राम (MTDP) का हिस्सा हैं।

इसके अलावा, जापान अपने टाइप-12 की रेंज को 1,500 किलोमीटर तक अपग्रेड कर रहा है और इसे 2026 तक तैनात करने का लक्ष्य है। टाइप-12 मिसाइल अपग्रेड प्रोजेक्ट के डेवलपमेंट में देरी को देखते हुए, तब तक के लिए साल 2027 तक 500 अमेरिकी टॉमहॉक मिसाइलों को तैनात करने की योजना बनाई गई है। सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना स्वदेशी 3,000 किमी-रेंज हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहन परियोजना है, जिसका लक्ष्य 2030 के मध्य तक तैनाती करना है। ऐसा करके जापान खुद को काफी मजबूत कर पाएगा और चीनी आक्रामकता का जवाब दे पाएगा।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+