जापान में मेगा डिजास्टर की आहट! 1999 में की गई ज्वालामुखी विस्फोट की भविष्यवाणी हुई सच, जानिए क्या है मामला?
1999 Japan Disaster Prediction: जापान में एक बार फिर भविष्यवाणियों और प्राकृतिक आपदाओं को लेकर चर्चा तेज़ हो गई है। सोशल मीडिया पर इन दिनों यह बात खूब फैल रही है कि साल 2025 में जापान में एक बहुत बड़ी आपदा आने वाली है। यह बात जापान की मंगा कलाकार रियो तात्सुकी की एक पुरानी भविष्यवाणी के कारण फिर से सामने आई है। लोग उन्हें एक तरह की भविष्यवक्ता मानते हैं और उनकी तुलना कई बार बाबा वेंगा जैसी मशहूर भविष्यदृष्टा से की जाती है।
तात्सुकी ने 1999 में एक किताब The Future I Saw लिखी थी, जिसमें उन्होंने सपनों के ज़रिए देखी गई घटनाओं का ज़िक्र किया था। इसमें उन्होंने दावा किया था कि 5 जून 2025 को जापान में एक बड़ी प्राकृतिक आपदा आएगी। हालांकि वह तारीख बिना किसी बड़ी घटना के गुजर गई, लेकिन उसके कुछ दिन बाद ही जापान में भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट की खबरों ने लोगों को चौंका दिया। इन घटनाओं के बाद लोग फिर से सोचने लगे हैं, क्या यह सिर्फ एक इत्तेफाक है, या वाकई कुछ ऐसा है जो पहले से जाना जा सकता है?

फिर सुर्खियों में रियो तात्सुकी की भविष्यवाणी
जापानी मंगा कलाकार रियो तात्सुकी की 1999 में प्रकाशित किताब The Future I Saw में एक सपना दर्ज था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि 5 जून 2025 को जापान में एक भीषण प्राकृतिक आपदा आएगी। इस भविष्यवाणी को लेकर लोगों में इतनी चिंता बढ़ गई थी कि कुछ समय के लिए देश की फ्लाइट बुकिंग तक घट गई।
हालांकि तात्सुकी पहले ही कह चुकी हैं कि उनकी भविष्यवाणियों को पूरी तरह सच मानना जरूरी नहीं है, लेकिन हाल ही में आए भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट ने इस भविष्यवाणी को फिर से चर्चा में ला दिया है। अब एक बार फिर आस्था और वैज्ञानिक तर्क के बीच बहस शुरू हो गई है, क्या ये सब संयोग है, या कहीं न कहीं इनमें कोई संकेत छिपा है?
माउंट शिनमोएडाके में जबरदस्त विस्फोट
2 जुलाई, बुधवार को जापान के क्यूशू क्षेत्र में स्थित माउंट शिनमोएडाके ज्वालामुखी में वर्षों बाद सबसे शक्तिशाली विस्फोट हुआ। यह विस्फोट शाम 3:30 बजे (JST) दर्ज किया गया, जिसमें मोटे राख के गुबार आकाश में उठे और मियाज़ाकी व कागोशिमा क्षेत्रों पर जम गए। जापान की मौसम एजेंसी ने लोगों को 2 मील के दायरे में घरों के भीतर रहने की चेतावनी दी है, क्योंकि पत्थर गिरने और गरम राख (pyroclastic flow) के खतरे की आशंका जताई गई है।
विस्फोट से पहले जारी किया गया था अलर्ट
इस ज्वालामुखी विस्फोट की आशंका पहले ही जताई गई थी। 27 जून को अधिकारियों ने माउंट शिनमोएडाके का अलर्ट लेवल 3 कर दिया था, जब जमीनी सतह के नीचे सूजन और ज्वालामुखीय गैसों में वृद्धि देखी गई। एक दिन पहले, सरकार की ज्वालामुखी समिति की बैठक में विशेषज्ञों ने कहा था कि ताज़ा मैग्मा नहीं दिख रहा, लेकिन विस्फोट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। समिति के अध्यक्ष शिमिजु हिरोशी ने कहा था कि हालात पर नज़र बनाए रखना जरूरी है। सरकार और वैज्ञानिक टीमें इस क्षेत्र पर 24 घंटे निगरानी बनाए हुए हैं, क्योंकि लगभग 9 लाख लोग इस ज्वालामुखी के प्रभाव क्षेत्र में रहते हैं।
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